{"_id":"5727a2e64f1c1bce725ccfac","slug":"uttarakhand-sulphurous-fire-saharanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड की आग से तपा सहारनपुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड की आग से तपा सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 03 May 2016 12:26 AM IST
विज्ञापन
Kids using umbrellas to escape the scorching heat
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग से सहारनपुर बुरी तरह तप रहा है। आग के फैलने से उसके यहां तक पहुंचने की आशंका भी लोगों को सताने लगी है। साथ ही जंगली जानवर इधर का रुख करने लगे हैं।
ऐसे में वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही जंगल में बसे वन गुर्जरों तथा आसपास बसे गांवों के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जंगलों में लगी आग का असर वातावरण में देखने को मिल रहा है।
पिछले दो दिन से तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जो तापमान शनिवार को 40 डिग्री था, वह बढ़कर रविवार को 43 और सोमवार को 44 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। गर्मी बढ़ने की वजह से लू चल रही है।
विज्ञापन
ऐसे में लोगों के लिए धूप में निकलना मुश्किल हो रहा है। जंगलों में करीब एक सप्ताह से लगी आग लगातार बढ़ती जा रही है, जिसने उत्तराखंड के बाद हिमाचल प्रदेश के जंगलों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। चूंकि सहारनपुर के जंगलों का बड़ा हिस्सा उत्तराखंड की सीमा से सटा है।
ऐसे में सहारनपुर के जंगलों में भी आग लगने का खतरा पैदा हो गया है। विभागीय अफसर और कर्मचारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। गर्मियों में आग लगना सामान्य बात है।
वन विभाग के अफसरों की मानें तो गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगना आम बात है, मगर यदि वन विभाग आग पर काबू नहीं पाए तो आग विकराल रूप ले सकती है, जो उत्तराखंड में हो रहा है।
ऐसे में वन विभाग की टीम प्रत्येक वर्ष जंगलों में लगने वाली छोटी आग की घटनाओं पर काबू पाना होता है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि सहारनपुर के जंगलों में प्रत्येक वर्ष कई बार आग लगती है, मगर विभाग की टीम उसपर काबू पा लेती है, जिसकी वजह से बड़ी घटना नहीं होती।
जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाने में वन गुर्जर और आसपास बसे गांवों के लोग भी अहम भूमिका निभाते हैं। दरअसल, वन विभाग प्रत्येक वर्ष आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान चलाता है।
ग्रामीणों को बताया जाता है कि यदि जंगल में हल्की भी आग लगे तो उसे तुरंत बुझा दें। यदि संभव न हो तो वन विभाग को सूचना दें। विभागीय अफसर ने बताया कि ग्रामीण और वन गुर्जर इसमें पूरा सहयोग करते हैं।
वन विभाग के अफसरों ने बताया कि यदि जंगलों में भयानक आग लगी हो तो उसका असर ग्लोबल स्तर पर 24 घंटे में ही दिखने लगता है। ऐसे में उत्तराखंड की आग का असर सहारनपुर में होना आश्चर्य की बात नहीं है। इससे निपटने की तैयारी पूरी है।
विज्ञापन
ऐसे में वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही जंगल में बसे वन गुर्जरों तथा आसपास बसे गांवों के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जंगलों में लगी आग का असर वातावरण में देखने को मिल रहा है।
विज्ञापन
पिछले दो दिन से तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जो तापमान शनिवार को 40 डिग्री था, वह बढ़कर रविवार को 43 और सोमवार को 44 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। गर्मी बढ़ने की वजह से लू चल रही है।
विज्ञापन
ऐसे में लोगों के लिए धूप में निकलना मुश्किल हो रहा है। जंगलों में करीब एक सप्ताह से लगी आग लगातार बढ़ती जा रही है, जिसने उत्तराखंड के बाद हिमाचल प्रदेश के जंगलों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। चूंकि सहारनपुर के जंगलों का बड़ा हिस्सा उत्तराखंड की सीमा से सटा है।
ऐसे में सहारनपुर के जंगलों में भी आग लगने का खतरा पैदा हो गया है। विभागीय अफसर और कर्मचारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। गर्मियों में आग लगना सामान्य बात है।
वन विभाग के अफसरों की मानें तो गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगना आम बात है, मगर यदि वन विभाग आग पर काबू नहीं पाए तो आग विकराल रूप ले सकती है, जो उत्तराखंड में हो रहा है।
ऐसे में वन विभाग की टीम प्रत्येक वर्ष जंगलों में लगने वाली छोटी आग की घटनाओं पर काबू पाना होता है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि सहारनपुर के जंगलों में प्रत्येक वर्ष कई बार आग लगती है, मगर विभाग की टीम उसपर काबू पा लेती है, जिसकी वजह से बड़ी घटना नहीं होती।
जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाने में वन गुर्जर और आसपास बसे गांवों के लोग भी अहम भूमिका निभाते हैं। दरअसल, वन विभाग प्रत्येक वर्ष आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान चलाता है।
ग्रामीणों को बताया जाता है कि यदि जंगल में हल्की भी आग लगे तो उसे तुरंत बुझा दें। यदि संभव न हो तो वन विभाग को सूचना दें। विभागीय अफसर ने बताया कि ग्रामीण और वन गुर्जर इसमें पूरा सहयोग करते हैं।
वन विभाग के अफसरों ने बताया कि यदि जंगलों में भयानक आग लगी हो तो उसका असर ग्लोबल स्तर पर 24 घंटे में ही दिखने लगता है। ऐसे में उत्तराखंड की आग का असर सहारनपुर में होना आश्चर्य की बात नहीं है। इससे निपटने की तैयारी पूरी है।