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Saharanpur News: चिलकाना बी-पैक्स समिति में यूरिया घोटाला, लाइसेंस निलंबित
Fri, 17 Apr 2026 12:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 17 Apr 2026 12:52 AM IST
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चिलकाना। चिलकाना स्थित बी-पैक्स समिति के औचक निरीक्षण में यूरिया वितरण में बड़ी अनियमितता उजागर हुई है। जांच के बाद समिति का समिति का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार ने चिलकाना स्थित पी पैक्स सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया था। इसमें स्टॉक में 4458 बोरी यूरिया खाद दर्शाया गया था, जबकि समिति को 5280 बोरी यूरिया आपूर्ति की गई थी। भौतिक सत्यापन में मौके पर मात्र 219 बोरी यूरिया ही उपलब्ध मिली, जबकि गणना के अनुसार 822 बोरी मौजूद होनी चाहिए थी।
पूछताछ में बताया गया कि 31 मार्च 2026 के बाद 111 बोरी यूरिया बेची गई, लेकिन इसका कोई लेखा-जोखा अभिलेखों में दर्ज नहीं मिला। अधिकारियों द्वारा की गई सीसीटीवी कैमरों की जांच में 18 मार्च को एक मालवाहक वाहन में लगभग 60 बोरी यूरिया ले जाते हुए दिखाई दिया है। इस बाबत समिति पर तैनात कर्मचारी जुबैर अधिकारियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
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जांच दल ने डीवीआर, वितरण अभिलेख, भंडार पंजिका और विक्रय यंत्र (पीओएस) को अपने कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जांच में मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के उल्लंघन का पाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि समिति का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। समिति पर तैनात जुबैर तथा हसीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
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जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार ने चिलकाना स्थित पी पैक्स सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया था। इसमें स्टॉक में 4458 बोरी यूरिया खाद दर्शाया गया था, जबकि समिति को 5280 बोरी यूरिया आपूर्ति की गई थी। भौतिक सत्यापन में मौके पर मात्र 219 बोरी यूरिया ही उपलब्ध मिली, जबकि गणना के अनुसार 822 बोरी मौजूद होनी चाहिए थी।
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पूछताछ में बताया गया कि 31 मार्च 2026 के बाद 111 बोरी यूरिया बेची गई, लेकिन इसका कोई लेखा-जोखा अभिलेखों में दर्ज नहीं मिला। अधिकारियों द्वारा की गई सीसीटीवी कैमरों की जांच में 18 मार्च को एक मालवाहक वाहन में लगभग 60 बोरी यूरिया ले जाते हुए दिखाई दिया है। इस बाबत समिति पर तैनात कर्मचारी जुबैर अधिकारियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
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जांच दल ने डीवीआर, वितरण अभिलेख, भंडार पंजिका और विक्रय यंत्र (पीओएस) को अपने कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जांच में मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के उल्लंघन का पाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि समिति का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। समिति पर तैनात जुबैर तथा हसीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।