UP: बाल गृह में छेड़छाड़, अव्यवस्था पर चार कर्मचारियों की सेवा समाप्त, धरने पर 11 बालिकाओं की बिगड़ी थी हालत
बाल गृह (बालिका) में सही खाना न मिलने, गर्मी में सभी कमरों में कूलर न लगा होने आदि के साथ ही छेड़छाड़ के आरोप में धरने पर बैठीं 11 बालिकाओं की हालत बिगड़ने के मामले में चार कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं छेड़छाड़ के आरोप सही नहीं पाए गए हैं।
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सहारनपुर जनपद के पुवांरका में चकहरेटी स्थित बाल गृह (बालिका) में सही खाना और अन्य सुविधाएं न देने तथा छेड़खानी का आरोप लगाकर बालिकाएं धरने पर बैठ गईं। शुक्रवार को 11 बालिकाओं की हालत बिगड़ गई। सभी को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार दिलाया गया। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराई, जिसमें छेड़खानी के आरोप झूठे निकले, लेकिन अन्य आरोप सही मिलने पर चार कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई।
बाल गृह (बालिका) में सही खाना न मिलने, गर्मी में सभी कमरों में कूलर न लगा होने और छेड़खानी का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को बालिकाएं धरने पर बैठ गईं, जिनमें से 11 की हालत बिगड़ गई, जिन्हें जनता रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार दिलाया गया। इसके बाद सभी को बाल गृह (बालिका) भेजा गया। बालिकाओं द्वारा लगाए आरोपों की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने समिति का गठन कर कराई।
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एक-एक लड़की के बयान लिए गए, जिसमें छेड़खानी की बात झूठी निकली, लेकिन अव्यवस्थाओं के आरोप सही पाए गए। इसके बाद चलते जिलाधिकारी की संस्तुति पर प्रबंधक, अधीक्षिका, शिक्षिका, रसोइये की सेवा समाप्त कर दी गई। वहीं, थाना जनकपुरी पुलिस ने मामले की जांच की। एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि छेड़खानी के आरोप झूठे निकले हैं। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।
कुछ गलत मांगें की गईं : पांडेय
जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि तीन लड़कियों ने कुछ मांगे ऐसी रखी, जिनको पूरा नहीं किया जा सकता है। इसी के चलते उन्होंने छेड़खानी का आरोप लगा दिया। मगर, यह मांगे किसी सूरत में पूरी नहीं हो सकती है। वहीं, लड़कियों ने बाल गृह (बालिका) में अव्यवस्थाओं के जो आरोप लगाए थे, उन पर कार्रवाई कर दी गई है। पूरे मामले की जांच भी कराई गई है।
बाहरी व्यक्ति का नहीं होगा प्रवेश
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि बाल गृह (बालिका) में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश नहीं है। तीन लड़कियां कुछ अनुचित मांग कर रहीं थीं। मगर, इनको पूरा नहीं किया जा सकता है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी गई है, लेकिन कोई भी बाल गृह (बालिका) बिना अनुमति के नहीं जा सकता है।