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सड़कों पर दौड़ रहे अनफिट वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 09 Jul 2016 12:24 AM IST
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शहर की सड़कों पर धड़ल्ले से चल रहे अनफिट वाहन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शहर की सड़कों पर अनफिट वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिनमें सवार यात्रियों की जिंदगी दांव पर रहती है। बावजूद इसके विभाग की ओर से कोई सख्ती नहीं है। हैरत की बात यह है कि विभाग के पास अनफिट वाहनों का कोई रिकार्ड तक नहीं है।
नियमानुसार बिना पेंट और डेंटिंग हुए, बिना रिफ्लेक्टर वाले, बिना हेड लाइट वाले, घिसे टायर वाले, टायरों पर रबर चढ़े, शीशे टूटे, प्रदूषण फैलाने वाले आदि वाहन अनफिट होते हैं। शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ऐसे वाहनों की संख्या अनगिनत है। सड़कों पर अनफिट नजर आने वाले यह वाहन संभागीय परिवहन विभाग के कागजों में फिट रहते हैं।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि संभागीय परिवहन विभाग में प्रतिदिन करीब दो दर्जन छोटे और बड़े वाहन एनओसी लेने जाते हैं। हैरत की बात यह है कि इनमें से इक्का-दुक्का वाहन को छोड़कर बाकी को फिट का प्रमाण पत्र दे दिया जाता है। इसमें विभागीय कर्मचारियों और दलालों की मिलीभगत रहती है। लोगों ने
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जुगाड़ बनाए हुए हैं। रेहड़े में स्कूटर और बाइक के इंजन फिट किए हुए हैं।
अधिकारी कहिन
वाहनों के फिट और अनफिट होने के मानक निर्धारित हैं। मुझे नहीं लगता कि किसी अनफिट वाहन को फिट की प्रमाण पत्र दिया जाता है। समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को पकड़कर सीज कर दिया जाता है। जल्द ही फिर से अभियान चलाया जाएगा।
- विजय कुमार, आरटीओ।
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नियमानुसार बिना पेंट और डेंटिंग हुए, बिना रिफ्लेक्टर वाले, बिना हेड लाइट वाले, घिसे टायर वाले, टायरों पर रबर चढ़े, शीशे टूटे, प्रदूषण फैलाने वाले आदि वाहन अनफिट होते हैं। शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ऐसे वाहनों की संख्या अनगिनत है। सड़कों पर अनफिट नजर आने वाले यह वाहन संभागीय परिवहन विभाग के कागजों में फिट रहते हैं।
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विभागीय सूत्रों ने बताया कि संभागीय परिवहन विभाग में प्रतिदिन करीब दो दर्जन छोटे और बड़े वाहन एनओसी लेने जाते हैं। हैरत की बात यह है कि इनमें से इक्का-दुक्का वाहन को छोड़कर बाकी को फिट का प्रमाण पत्र दे दिया जाता है। इसमें विभागीय कर्मचारियों और दलालों की मिलीभगत रहती है। लोगों ने
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जुगाड़ बनाए हुए हैं। रेहड़े में स्कूटर और बाइक के इंजन फिट किए हुए हैं।
अधिकारी कहिन
वाहनों के फिट और अनफिट होने के मानक निर्धारित हैं। मुझे नहीं लगता कि किसी अनफिट वाहन को फिट की प्रमाण पत्र दिया जाता है। समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को पकड़कर सीज कर दिया जाता है। जल्द ही फिर से अभियान चलाया जाएगा।
- विजय कुमार, आरटीओ।