फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Ulama angry at publishing picture of mohammad saheb

मोहम्मद साहब की फोटो छापने पर जताया रोष

Thu, 01 Apr 2021 11:52 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Apr 2021 11:52 PM IST
विज्ञापन
Ulama angry at publishing picture of mohammad saheb
- सहारनपुर में अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते बसपा सांसद, नायब शहर काजी और अन्य लोग। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। विद्या प्रकाशन मंदिर दिल्ली की पुस्तक ‘इनक्रेडिबल वर्ल्ड’ में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के फोटो को प्रकाशित किए जाने पर बसपा सांसद, मुस्लिम समाज और उलमा ने रोष जताया है। एडीएम को ज्ञापन सौंपकर इसके प्रकाशक और लेखक के खिलाफ कार्रवाई करने और पुस्तक को बाजार से हटाने की मांग की है। यह पुस्तक कक्षा चार में पढ़ाई जा रही है। दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने पुस्तक को कोर्स में शामिल नहीं करने और सरकार से प्रकाशक और लेखक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
विज्ञापन

इस संबंध में बसपा सांसद फजलुर्रहमान के नेतृत्व में मुस्लिमों के एक प्रतिनिधि मंडल ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने कहा है कि विद्या प्रकाशन मंदिर दिल्ली द्वारा प्रकाशित और कक्षा चार की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के पृष्ठ संख्या-89 पर इस्लाम धर्म के अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का फोटो लगाया है, जिससे इस्लाम धर्म के अनुयायियों में रोष है। इस्लाम में किसी भी चित्र, चलचित्र पर पाबंदी है और पैगंबर साहब के चित्र प्रकाशन को तौहीन समझा जाता है। ज्ञापन देने वालों में बसपा सांसद के अलावा नायब शहर काजी नदीम अख्तर, मौलाना अब्दुल मलिक मुगीसी, मौलाना फरीद मजाहिरी, हुमैद खान सरोहा, मजहर खान, अमजद अली, वजाहत अली खान, राव मुस्तकीम, अमर राजा, गयूर आलम आदि शामिल रहे।
विज्ञापन

लेखक प्रकाशक की मंशा क्या, जांच हो: नोमानी
देवबंद। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि शैक्षिक संस्थाओं पर शांतिपूर्वक दबाव बनाया जाए कि वह उक्त पुस्तक को कोर्स में शामिल न करें, साथ ही उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से प्रकाशक व लेखक के खिलाफ कार्रवाई करने और पुस्तक को प्रतिबंधित किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसे काम कर रहे हैं, जिससे देश को बिखराव के रास्ते पर खड़ा कर सकें। पुस्तक के प्रकाशक और लेखक का यह कृत्य बर्दाश्त के लायक नहीं है। इस बात की जांच होनी चाहिए कि इस तरह की हरकतों के पीछे प्रकाशक और लेखक की क्या मंशा है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

नई किताबें भेजी जा रहीं
-कोरोना काल के समय कुछ पुस्तकों में यह त्रुटि सामने आई थी। इसके बाद सभी किताबों को वापस मंगवाकर संपादित कर नई किताबें बाजार में भेजी दी थी। शिकायतकर्ताओं को क्षमा पत्र भी भेज दिया था। यदि अभी भी किसी के पास पुरानी किताब हैं तो वो उसे वापस दे सकते हैं। -सौरभ जैन, प्रबंध निदेशक विद्या प्रकाशन

मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, मोहतमिम दारुल उलूम

मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, मोहतमिम दारुल उलूम- फोटो : DEVBAND

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed