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गर्मी शुरू होते ही बढ़ने लगे टाइफाइड के मरीज
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जिला अस्पताल में दवा लेने के लिये लाइन में लगे लोग
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। गर्मी शुरू होते ही टाइफाइड के रोगी भी बढ़ने लगे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में टाइफाइड के मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। जिला अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीज टाइफाइड के पहुंच रहे हैं। टाइफाइड के होने की प्रमुख वजह दूषित खानपान है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखें।
एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि टाइफाइड एक बैक्टीरियल बीमारी है, जो आंतों पर असर करती है। गर्मियों में टाइफाइड के अधिक होने की प्रमुख वजह दूषित पेय पदार्थों का सेवन है। सड़क किनारे बिकने वाले जूस, गन्ने का रस, शिकंजी आदि में डाली जाने वाली बर्फ चीजों को ठंडा करने के लिए होती है, लेकिन जूस, रस और शिकंजी वाले उस बर्फ को पिलाने का काम करते हैं। यह एक वजह है टाइफाइड होने की। इसके अलावा गर्मियों में भोजन जल्दी खराब होता है। ऐसे में बासी भोजन करने से भी टाइफाइड हो सकता है। जरूरी है कि ताजा भोजन करें और शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते समय सफाई का विशेेष ध्यान रखें। उनकी यह भी सलाह है कि बाहर का खाने से बचा जाए। जितना भी हो घर पर बनी चीजें खाएं।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण पाए जाते हैं।
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इन बातों का रखें ख्याल
- खाने से पहले या कुछ खाने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए
- खाने को हमेशा ढककर रखना चाहिए।
- खानपान में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- दरवाजों के हैंडल, टीवी का रिमोट, मोबाइल फोन आदि को भी साफ रखें।
- मरीज के कपड़े और बिस्तर की चादर भी रोज बदलनी चाहिए
- बच्चों को हमेशा टाइफाइड के मरीजों से दूर रखना चाहिए
टाइफाइड के मरीजों के लिए खानपान
- टाइफाइड होने पर मरीज का वजन कम हो जाता है। ऐसे में वह हाई कैलोरी युक्त भोजन लें। वजन बढ़ाने के लिए रोटी, केला, उबला हुआ आलू अधिक खाएं।
- टाइफाइड में तेज बुखार और डायरिया होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शरीर में तरल पदार्थ के स्तर में कमी होने से उपचार में समस्याएं आ सकती हैं। पर्याप्त पानी और ताजे फलों से तैयार जूस का सेवन अधिक करें।
- उबले हुए चावल और उबले आलू खाएं। इन्हें पचाना आसान होता है।
- अपने भोजन में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फलियां, पनीर और दही शामिल करें। मांस के सेवन से परहेज करें, क्योंकि इसे पचाना आसान नहीं होगा।
- हाई फाइबर, मसालेदार और तली-भुनी चीजों का खाने से परहेज करें। घी, मक्खन और डेयरी उत्पादों को भी कुछ दिनों तक खाने से बचें।
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एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि टाइफाइड एक बैक्टीरियल बीमारी है, जो आंतों पर असर करती है। गर्मियों में टाइफाइड के अधिक होने की प्रमुख वजह दूषित पेय पदार्थों का सेवन है। सड़क किनारे बिकने वाले जूस, गन्ने का रस, शिकंजी आदि में डाली जाने वाली बर्फ चीजों को ठंडा करने के लिए होती है, लेकिन जूस, रस और शिकंजी वाले उस बर्फ को पिलाने का काम करते हैं। यह एक वजह है टाइफाइड होने की। इसके अलावा गर्मियों में भोजन जल्दी खराब होता है। ऐसे में बासी भोजन करने से भी टाइफाइड हो सकता है। जरूरी है कि ताजा भोजन करें और शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते समय सफाई का विशेेष ध्यान रखें। उनकी यह भी सलाह है कि बाहर का खाने से बचा जाए। जितना भी हो घर पर बनी चीजें खाएं।
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टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण पाए जाते हैं।
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इन बातों का रखें ख्याल
- खाने से पहले या कुछ खाने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए
- खाने को हमेशा ढककर रखना चाहिए।
- खानपान में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- दरवाजों के हैंडल, टीवी का रिमोट, मोबाइल फोन आदि को भी साफ रखें।
- मरीज के कपड़े और बिस्तर की चादर भी रोज बदलनी चाहिए
- बच्चों को हमेशा टाइफाइड के मरीजों से दूर रखना चाहिए
टाइफाइड के मरीजों के लिए खानपान
- टाइफाइड होने पर मरीज का वजन कम हो जाता है। ऐसे में वह हाई कैलोरी युक्त भोजन लें। वजन बढ़ाने के लिए रोटी, केला, उबला हुआ आलू अधिक खाएं।
- टाइफाइड में तेज बुखार और डायरिया होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शरीर में तरल पदार्थ के स्तर में कमी होने से उपचार में समस्याएं आ सकती हैं। पर्याप्त पानी और ताजे फलों से तैयार जूस का सेवन अधिक करें।
- उबले हुए चावल और उबले आलू खाएं। इन्हें पचाना आसान होता है।
- अपने भोजन में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फलियां, पनीर और दही शामिल करें। मांस के सेवन से परहेज करें, क्योंकि इसे पचाना आसान नहीं होगा।
- हाई फाइबर, मसालेदार और तली-भुनी चीजों का खाने से परहेज करें। घी, मक्खन और डेयरी उत्पादों को भी कुछ दिनों तक खाने से बचें।

जिला अस्पताल में दवा लेने के लिये लाइन में लगे लोग- फोटो : SAHARANPUR