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Saharanpur News: नगर निगम में दो माह के कार्यों की होगी समीक्षा, बैठी जांच
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सहारनपुर। उद्यमियों और व्यापारियों की शिकायत के बाद नगर निगम के कामकाज की जिलाधिकारी ने जांच बिठा दी है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी पिछले दो माह में कराए गए निर्माण विभाग और जलकल से संबंधित कार्यों की गुणवत्ता, खर्च हुए बजट और उनकी मौजूदा स्थिति का पूरा हिसाब खंगालेगी। जांच कमेटी में एडीएम-ई, मुख्य कोषाधिकारी और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को शामिल किया गया है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि नगर निगम ने जिन कार्यों को कराया या कराने का दावा किया, उनकी वास्तविक स्थिति क्या है और उन पर खर्च किए गए बजट के अनुरूप काम हुआ भी है या नहीं।
दरअसल, शुक्रवार को हुई जिला उद्योग बंधु एवं जिला व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों ने नगर निगम के कामकाज पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि जाम समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जिन कार्यों को बताया गया था, वे आज तक पूरे नहीं हुए। इसके बावजूद संबंधित कार्यों को बैठक के एजेंडे से हटा दिया गया। व्यापारियों की इस शिकायत के बाद डीएम ने नगर निगम के कामों का विस्तृत ब्योरा मांगते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। जांच कमेटी पिछले करीब दो माह के दौरान कराए गए कार्यों का विवरण देखेगी। इसमें कार्यों पर खर्च बजट, उनकी प्रगति, वर्तमान स्थिति और गुणवत्ता की पड़ताल की जाएगी। कमेटी के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि कौन सा काम पूरा हुआ, कौन सा अधूरा है और किस कार्य पर कितना खर्च किया गया। दस्तावेजों में दर्ज प्रगति और मौके पर काम की स्थिति के बीच अंतर मिलने पर भी सवाल उठ सकते हैं।
जांच में कमी मिली तो होगी विभागीय कार्रवाई
फिलहाल निर्माण विभाग और जलकल से संबंधित जेई और एई के वेतन रोकने के आदेश दिए गए है। इसके साथ यदि जांच कमेटी की रिपोर्ट में बड़ी लापरवाही उजागर होती तो इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
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चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
उधर, डीएम के सामने विरोध जताते हुए संपूर्ण उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकुंद मनोहर गोयल का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी व्यापारियों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं हैं। तानाशाही हावी हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यापारियों के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।
वर्जन
नगर निगम को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। तीन सदस्यीय कमेटी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच करेगी। जांच में जो भी सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल वेतन रोकने के आदेश कर दिए गए हैं।
- अरविंद कुमार चौहान, डीएम
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दरअसल, शुक्रवार को हुई जिला उद्योग बंधु एवं जिला व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों ने नगर निगम के कामकाज पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि जाम समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जिन कार्यों को बताया गया था, वे आज तक पूरे नहीं हुए। इसके बावजूद संबंधित कार्यों को बैठक के एजेंडे से हटा दिया गया। व्यापारियों की इस शिकायत के बाद डीएम ने नगर निगम के कामों का विस्तृत ब्योरा मांगते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। जांच कमेटी पिछले करीब दो माह के दौरान कराए गए कार्यों का विवरण देखेगी। इसमें कार्यों पर खर्च बजट, उनकी प्रगति, वर्तमान स्थिति और गुणवत्ता की पड़ताल की जाएगी। कमेटी के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि कौन सा काम पूरा हुआ, कौन सा अधूरा है और किस कार्य पर कितना खर्च किया गया। दस्तावेजों में दर्ज प्रगति और मौके पर काम की स्थिति के बीच अंतर मिलने पर भी सवाल उठ सकते हैं।
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जांच में कमी मिली तो होगी विभागीय कार्रवाई
फिलहाल निर्माण विभाग और जलकल से संबंधित जेई और एई के वेतन रोकने के आदेश दिए गए है। इसके साथ यदि जांच कमेटी की रिपोर्ट में बड़ी लापरवाही उजागर होती तो इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
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चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
उधर, डीएम के सामने विरोध जताते हुए संपूर्ण उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकुंद मनोहर गोयल का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी व्यापारियों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं हैं। तानाशाही हावी हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यापारियों के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।
वर्जन
नगर निगम को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। तीन सदस्यीय कमेटी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच करेगी। जांच में जो भी सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल वेतन रोकने के आदेश कर दिए गए हैं।
- अरविंद कुमार चौहान, डीएम