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नूरखेड़ी में बुखार से दो ग्रामीणों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 22 Oct 2015 11:53 PM IST
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सहारनपुर के गंगोह में 24 घंटों के दौरान जानलेवा बुखार से नूरखेड़ी गांव के दो ग्रामीणों की मौत हो गई। लगातार हुई दोनों मौतों से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
गांव निवासी 50 वर्षीय राज्जो पुत्र सुक्कड़ हरियाणा के करनाल में रहकर मजदूरी करता था। एक सप्ताह से वह अपने गांव आया हुआ था। तीन दिन पूर्व उसे बुखार हुआ।
परिजनों के अनुसार उन्होंने उसका इलाज गांव और गंगोह के प्राइवेट डॉक्टर से कराया, परंतु उसकी हालत सुधरने की बजाय लगातार बिगड़ती चली गई।
उपचार के लिए उसे करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बुधवार रात उसकी मौत हो गई।
गांव के ही 47 वर्षीय चंद्रसेन पुत्र बारू को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
परिजनों ने गांव के ही प्राइवेट डॉक्टर से उसका इलाज कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे गंगोह के निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया।
वहां उसकी हालत चिंताजनक होने पर बृहस्पतिवार को परिजन उसे सहारनपुर लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उधर सीएचसी प्रभारी डा. अनवर अंसारी का कहना है कि शुक्रवार को गांव में टीम भेजकर बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कराई जाएगी।
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गांव निवासी 50 वर्षीय राज्जो पुत्र सुक्कड़ हरियाणा के करनाल में रहकर मजदूरी करता था। एक सप्ताह से वह अपने गांव आया हुआ था। तीन दिन पूर्व उसे बुखार हुआ।
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परिजनों के अनुसार उन्होंने उसका इलाज गांव और गंगोह के प्राइवेट डॉक्टर से कराया, परंतु उसकी हालत सुधरने की बजाय लगातार बिगड़ती चली गई।
उपचार के लिए उसे करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बुधवार रात उसकी मौत हो गई।
गांव के ही 47 वर्षीय चंद्रसेन पुत्र बारू को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
परिजनों ने गांव के ही प्राइवेट डॉक्टर से उसका इलाज कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे गंगोह के निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया।
वहां उसकी हालत चिंताजनक होने पर बृहस्पतिवार को परिजन उसे सहारनपुर लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उधर सीएचसी प्रभारी डा. अनवर अंसारी का कहना है कि शुक्रवार को गांव में टीम भेजकर बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कराई जाएगी।
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