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सच्चाई और पारदर्शिता योगियों की सबसे बड़ी शक्ति
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- इंडियन योग एसोसिएशन की गवर्निंग काउंसिल की वर्चुअल मीटिंग में शामिल योग गुरू
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। इंडियन योग एसोसिएशन की गवर्निंग काउंसिल की वर्चुअल मीटिंग हुई। उसमें देश के विभिन्न योग गुरु और योग संस्थाओं के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें कहा गया कि सच्चाई और पारदर्शिता योगियों की सबसे बड़ी शक्ति है, इसका पालन होना जरूरी है।
आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल मीटिंग में गवर्निंग काउंसिल के निवर्तमान अध्यक्ष स्वामी रामदेव ने कहा कि सच्चाई के साथ ही पारदर्शिता हर क्षेत्र के लिए आवश्यक है, लेकिन योगियों के लिए सबसे बड़ी शक्ति है।
अंतरराष्ट्रीय योग गुरु व मोक्षायतन योग संस्थान के संस्थापक पद्मश्री स्वामी डॉ. भारत भूषण ने कहा कि योग के पूरे विश्व को स्वयं में समाहित कर लेने वाले आदर्शों और उच्च जीवन मूल्यों को सिर्फ अपने प्रवचनों तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारने की जरूरत है। दुनिया को नेतृत्व देने के लिए भारतीय योगियों को अपने चलन और चरित्र की छाप छोड़नी होगी। योग से लोक कल्याण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हमें निहित स्वार्थों से उबरना होगा। बैठक में द योग इंस्टीट्यूट मुंबई की अध्यक्ष डॉ. हंसा जयदेव, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, एस व्यासा के प्रमुख डॉ. एचआर नागेंद्र , कैवल्यधाम के अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश तिवारी, हार्टफुलनेस के अध्यक्ष गुरु कमलेश पटेल, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक ईश्वर बसवा रेड्डी, भारतीय योग संघ के महासचिव कमलेश बरवाल आदि सदस्यों ने सहभाग किया।
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आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल मीटिंग में गवर्निंग काउंसिल के निवर्तमान अध्यक्ष स्वामी रामदेव ने कहा कि सच्चाई के साथ ही पारदर्शिता हर क्षेत्र के लिए आवश्यक है, लेकिन योगियों के लिए सबसे बड़ी शक्ति है।
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अंतरराष्ट्रीय योग गुरु व मोक्षायतन योग संस्थान के संस्थापक पद्मश्री स्वामी डॉ. भारत भूषण ने कहा कि योग के पूरे विश्व को स्वयं में समाहित कर लेने वाले आदर्शों और उच्च जीवन मूल्यों को सिर्फ अपने प्रवचनों तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारने की जरूरत है। दुनिया को नेतृत्व देने के लिए भारतीय योगियों को अपने चलन और चरित्र की छाप छोड़नी होगी। योग से लोक कल्याण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हमें निहित स्वार्थों से उबरना होगा। बैठक में द योग इंस्टीट्यूट मुंबई की अध्यक्ष डॉ. हंसा जयदेव, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, एस व्यासा के प्रमुख डॉ. एचआर नागेंद्र , कैवल्यधाम के अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश तिवारी, हार्टफुलनेस के अध्यक्ष गुरु कमलेश पटेल, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक ईश्वर बसवा रेड्डी, भारतीय योग संघ के महासचिव कमलेश बरवाल आदि सदस्यों ने सहभाग किया।
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