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Saharanpur News: अधिकारियों की मुश्किल बढ़ी, तीन और लोगों ने दायर की याचिका

Sat, 06 Jun 2026 01:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 01:57 AM IST
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Trouble for officials increased, three more people filed a petition
सर्किट हाउस रोड प्रकरण :
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- उच्च न्यायालय के अलावा भ्रष्टाचार निवारण और एससी-एसटी न्यायालय में पहले से दायर हैं तीन याचिकाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सर्किट हाउस रोड पर अनुसूचित जाति के लोगों के मकान तोड़ने के मामले में अधिकारियों की मुश्किलें कम होने की बजाय और बढ़ गईं हैं। अब तीन और पीड़ितों ने एससी-एसटी न्यायालय में अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। एक पीड़ित द्वारा नौ अधिकारियों और 50 अज्ञात, जबकि शेष दो के द्वारा आठ-आठ अधिकारियों और 50 अज्ञात को विपक्षी बनाया है।
मकान तोड़ने की कार्रवाई के खिलाफ कुछ पीड़ित हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने पीड़ितों के पुनर्वास की व्यवस्था करने तथा मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे, लेकिन उसके बाद भी कार्य चलता रहा। इसके बाद हसनपुर निवासी शमशेर सिंह गौतम ने भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में याचिका दायर की थी। उन्होंने आठ अधिकारियों को विपक्षी बनाया था। इसके बाद हंसराज सिंह और नरेश कुमार द्वारा एससी-एसटी न्यायालय में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थी। इन दोनों ने नगर आयुक्त सहित आठ-आठ अधिकारियों तथा 50 अज्ञात को विपक्षी बनाया था।
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न्यायालय ने जिला प्रशासन को मामले की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जिलाधिकारी द्वारा सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह को जांच सौंपी थी, जो कि खुद मामले में विपक्षी है। सवाल उठने के बाद भी जांच अधिकारी नहीं बदला गया। आखिरकार तीन दिन पहले हुई सुनवाई में जब सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तो न्यायालय ने उसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि सिटी मजिस्ट्रेट खुद विपक्षी हैं।
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अधिवक्ता राजकुमार ने बताया कि अब अनीता पुत्री कश्मीरा निवासी लक्कड़ माजरा द्वारा एससी-एसटी न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने नगर आयुक्त सहित नौ अधिकारियों तथा पुलिस और प्रशासन के 50 अज्ञात को विपक्षी बनाया है। अनीता के अलावा अजय कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी मिलन विहार और करण सिंह पुत्र मोल्हड़ सिंह निवासी मोहम्मद माफी उर्फ हसनपुर ने भी एससी-एसटी न्यायालय में अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। इन्होंने आठ-आठ अधिकारियों तथा पुलिस और प्रशासन के 50-50 अज्ञात को विपक्षी बनाया है। इससे संबंधित अधिकारियों की मुश्किल और बढ़ गई है, क्योंकि पहले ही मामलों में अधिकारियों से जवाब नहीं बन पा रहा है।
-- यह था मामला
जिला प्रशासन ने सर्किट हाउस रोड के चौड़ीकरण के लिए रजबहे की दोनों पटरियों की पैमाइश कर अतिक्रमण पर निशान लगाए थे। विभाग ने संबंधित को नोटिस जारी करते हुए चार अप्रैल तक खुद अतिक्रमण हटाने को कहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने चार अप्रैल तक का इंतजार नहीं किया तथा कई विभागों की टीम एक अप्रैल को ही जेसीबी लेकर मौके पर पहुंच गई थी। पीड़ितों का आरोप है कि ध्वस्तीकरण प्रशासन ने कराया।

-- इन्हें बनाया विपक्षी
नगर आयुक्त शिपू गिरि, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, एसडीएम सदर सुबोध कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण जौशिया, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, थाना कुतुबशेर के तत्कालीन प्रभारी एचएन सिंह, थाना सदर बाजार के तत्कालीन प्रभारी कपिल देव, कानूनगो नीरज रोहिला, हलका लेखपाल सचिन प्रजापति पुलिस और प्रशासन के 50 अज्ञात कर्मचारियों को विपक्षी बनाया है।
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