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Saharanpur News: कफ सिरप का नया स्टॉक मंगाने से घबरा रहे व्यापारी
Fri, 24 Oct 2025 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:08 AM IST
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सहारनपुर। राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई मौतों के बाद जिले में कफ सिरप की औषधि प्रशासन विभाग तलाश कर रहा है। इसकी वजह से अब दवा व्यापारी नया स्टॉक मंगाने से घबरा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब जिले में हर माह करीब ढाई से तीन लाख कफ सिरप की खपत होती है।
पिछले दिनों तमिलनाडु में निर्मित कफ सिरप से राजस्थान और मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गाइडलाइन जारी की गई। प्रदेश सरकार ने औषधि प्रशासन विभाग को जांच के निर्देश दिए। औषधि निरीक्षक कफ सिरप की तलाश में छापे की कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक 10 से अधिक कफ सिरप के नमूने हो चुके हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई दवा कंपनियां कफ सिरप बनाती हैं। बड़ी मात्रा में सप्लाई होती है, लेकिन जब से दोनों राज्यों में बच्चों की मौत हुई है, तब से कुछ कंपनियों ने कफ सिरप बनाने कम कर दिए। कुछ कंपनी कफ सिरप बनाने का लाइसेंस सरेंडर कर रही हैं। दवा व्यापारी भी नया स्टॉक मंगाने से कतरा रहे हैं। चिकित्सक के पर्चे पर ही कफ सिरप दे सकेंगे।
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दवा व्यापारियों के मुताबिक, जिले में हर महीने दो से तीन लाख कफ सिरप की खपत होती है। धीरे-धीरे सर्दी शुरू हो रही है। इसमें कफ सिरप की अधिक मांग रहती है। गर्मी के दिनों में मांग कम हो जाती है।
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पिछले दिनों तमिलनाडु में निर्मित कफ सिरप से राजस्थान और मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गाइडलाइन जारी की गई। प्रदेश सरकार ने औषधि प्रशासन विभाग को जांच के निर्देश दिए। औषधि निरीक्षक कफ सिरप की तलाश में छापे की कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक 10 से अधिक कफ सिरप के नमूने हो चुके हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई दवा कंपनियां कफ सिरप बनाती हैं। बड़ी मात्रा में सप्लाई होती है, लेकिन जब से दोनों राज्यों में बच्चों की मौत हुई है, तब से कुछ कंपनियों ने कफ सिरप बनाने कम कर दिए। कुछ कंपनी कफ सिरप बनाने का लाइसेंस सरेंडर कर रही हैं। दवा व्यापारी भी नया स्टॉक मंगाने से कतरा रहे हैं। चिकित्सक के पर्चे पर ही कफ सिरप दे सकेंगे।
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दवा व्यापारियों के मुताबिक, जिले में हर महीने दो से तीन लाख कफ सिरप की खपत होती है। धीरे-धीरे सर्दी शुरू हो रही है। इसमें कफ सिरप की अधिक मांग रहती है। गर्मी के दिनों में मांग कम हो जाती है।