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कल है धनतेरस का शुभ मुहूर्त
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- ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 13 नवंबर को त्रयोदशी शाम 5:59 बजे तक है
सहारनपुर। इस बार धनतेरस के पूजन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आम लोगों में 12 नवंबर को धनतेरस मनाए जाने की बात हो रही है तो ज्योतिषाचार्यों के अनुसार त्रयोदशी 13 नवंबर को शाम 5:59 बजे तक रहेगी। इस लिहाज से धनतेरस का विशेष पूजन 13 नवंबर को ही विशेष मुहूर्त में करना शुभ रहेगा।
दीपावली का त्योहार आमतौर पर पांच दिनों तक मनाया जाता है। इस बार छोटी दिवाली और मुख्य दिवाली का मुहूर्त एक ही दिन का है। श्रीबालाजी धाम मंदिर के संस्थापक ज्योतिषाचार्य पंडित अतुल जोशी ने बताया कि 12 नवंबर को शाम साढ़े नौ बजे तक द्वादशी रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी शुरू हो जाएगी और अगले दिन 13 नवंबर की शाम 5:59 बजे तक त्रयोदशी है। चूंकि उदय समय में जो तिथि रहती है, उसी का ज्यादा महत्व होता है, इसलिए धनतेरस भी 13 नवंबर को त्रयोदशी पर रहेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण पंडित का कहना है कि त्रयोदशी की उदया तिथि और प्रदोष काल में होने की वजह से काफी साल बाद ऐसा योग बन रहा है। इस बार 13 नवंबर को धनतेरस के साथ ही शाम को नरक चतुर्दशी की भी पूजा होगी। धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त 13 नवंबर शाम 5.27 से 05.58 तक रहेगा, क्योंकि 13 नवंबर शाम 05 बजकर 59 मिनट से भद्रा शुरू होगी और भद्रा काल शुरू होने से पहले ही खरीदारी एवं पूजन शुभ माना जाता है।
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-- मां लक्ष्मी का दिन है शुक्रवार
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक धनतेरस 13 नवंबर यानी शुक्रवार को है। शुक्रवार को मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इस दिन खरीदारी करना बहुत शुभ होगा और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहेगी। साथ ही धनतेरस के दिन हनुमान जयंती भी पड़ने के कारण महत्व और बढ़ गया है। धनतेरस के दिन चित्रा नक्षत्र और आयुष्मान योग भी बन रहा है। धनतेरस के दिन आयुष्मान योग में भगवान धनवंतरि की पूजा करना फलदायी माना गया है।
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सहारनपुर। इस बार धनतेरस के पूजन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आम लोगों में 12 नवंबर को धनतेरस मनाए जाने की बात हो रही है तो ज्योतिषाचार्यों के अनुसार त्रयोदशी 13 नवंबर को शाम 5:59 बजे तक रहेगी। इस लिहाज से धनतेरस का विशेष पूजन 13 नवंबर को ही विशेष मुहूर्त में करना शुभ रहेगा।
दीपावली का त्योहार आमतौर पर पांच दिनों तक मनाया जाता है। इस बार छोटी दिवाली और मुख्य दिवाली का मुहूर्त एक ही दिन का है। श्रीबालाजी धाम मंदिर के संस्थापक ज्योतिषाचार्य पंडित अतुल जोशी ने बताया कि 12 नवंबर को शाम साढ़े नौ बजे तक द्वादशी रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी शुरू हो जाएगी और अगले दिन 13 नवंबर की शाम 5:59 बजे तक त्रयोदशी है। चूंकि उदय समय में जो तिथि रहती है, उसी का ज्यादा महत्व होता है, इसलिए धनतेरस भी 13 नवंबर को त्रयोदशी पर रहेगी।
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ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण पंडित का कहना है कि त्रयोदशी की उदया तिथि और प्रदोष काल में होने की वजह से काफी साल बाद ऐसा योग बन रहा है। इस बार 13 नवंबर को धनतेरस के साथ ही शाम को नरक चतुर्दशी की भी पूजा होगी। धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त 13 नवंबर शाम 5.27 से 05.58 तक रहेगा, क्योंकि 13 नवंबर शाम 05 बजकर 59 मिनट से भद्रा शुरू होगी और भद्रा काल शुरू होने से पहले ही खरीदारी एवं पूजन शुभ माना जाता है।
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-- मां लक्ष्मी का दिन है शुक्रवार
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक धनतेरस 13 नवंबर यानी शुक्रवार को है। शुक्रवार को मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इस दिन खरीदारी करना बहुत शुभ होगा और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहेगी। साथ ही धनतेरस के दिन हनुमान जयंती भी पड़ने के कारण महत्व और बढ़ गया है। धनतेरस के दिन चित्रा नक्षत्र और आयुष्मान योग भी बन रहा है। धनतेरस के दिन आयुष्मान योग में भगवान धनवंतरि की पूजा करना फलदायी माना गया है।