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जागरुकता कार्यक्रम में दिए फसल अवशेष प्रबंधन पर टिप्स
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गंगोह (सहारनपुर)। शोभित विवि में स्कूल आफ एग्रीकल्चर एंड एनवायरमेंटल साइंसेज विभाग में कृषि विज्ञान केंद्र सहारनपुर द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आईके कुशवाहा, डा. विरेन्द्र कुमार, डा. सुखदेव सिंह एवं डा. मनोज सिंह ने जानकारियां दी। डा. आई के कुशवाहा ने कहा कि फसल अवशेष भारत में पशुधन के आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसानों के स्तर पर समय की कमी और लागत के बोझ के कारण खेतों में काफी मात्रा में फसल अवशेषों को जला दिया जाता है। कटाई मशीनों के उपयोग से अधिक मात्रा में फसल अवशेषों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सकती है और फसल अवशेषों की बर्बादी को कम किया जा सकता है। डा. विरेंद्र कुमार, डा. सुखदेव सिंह एवं डा. मनोज सिंह ने कंपोस्ट एवं नाइट्रोजन फ्रिक्शन से छात्रों को अवगत कराया।
कृषि अवशेष प्रबंधन पर क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर प्रिपरेशन और निबंध प्रतियोगिता में अनेक छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कुलपति प्रो. रणजीत सिंह ने प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट वितरित किए। विभागाध्यक्ष डा. शिवानी ने आभार जताया।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आईके कुशवाहा, डा. विरेन्द्र कुमार, डा. सुखदेव सिंह एवं डा. मनोज सिंह ने जानकारियां दी। डा. आई के कुशवाहा ने कहा कि फसल अवशेष भारत में पशुधन के आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसानों के स्तर पर समय की कमी और लागत के बोझ के कारण खेतों में काफी मात्रा में फसल अवशेषों को जला दिया जाता है। कटाई मशीनों के उपयोग से अधिक मात्रा में फसल अवशेषों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सकती है और फसल अवशेषों की बर्बादी को कम किया जा सकता है। डा. विरेंद्र कुमार, डा. सुखदेव सिंह एवं डा. मनोज सिंह ने कंपोस्ट एवं नाइट्रोजन फ्रिक्शन से छात्रों को अवगत कराया।
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कृषि अवशेष प्रबंधन पर क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर प्रिपरेशन और निबंध प्रतियोगिता में अनेक छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कुलपति प्रो. रणजीत सिंह ने प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट वितरित किए। विभागाध्यक्ष डा. शिवानी ने आभार जताया।
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