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Saharanpur News: टिकैत गुट पर षडयंत्र का आरोप, किसान भाकियू अराजनैतिक में हो गए शामिल
Sun, 18 May 2025 11:41 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 18 May 2025 11:41 PM IST
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तीतरों। कलसी में धरनारत किसानों ने भाकियू टिकैत के नेताओं पर प्रशासन से सांठगांठ कर उन्हें जेल भिजवाने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए भाकियू अराजनीतिक में शामिल होने की घोषणा की। किसानों ने कहा कि पिछले 11 माह से समझौता कराने के नाम पर उनके साथ धोखा किया जा रहा था। चेताया कि यदि उन्हें जेल भेजने का प्रयास किया तो वह थाने को किसानों से भर देंगे।
रविवार को नए घटनाक्रम के तहत भाकियू अराजनीतिक के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगपाल सिंह धरनारत किसानों के बीच पहुंचे। धरने पर बैठे किसानों बलराम सिंह, पूरण सिंह, ऋषिराम, जसबीर सिंह, ध्यान सिंह, इलम सिंह, जितेंद्र सिंह, राजेश आदि ने आरोप लगाया कि टिकैत गुट प्रशासन के साथ मिल कर मिट्टी भराव कराने की कोशिशें कर रहा है।
किसानों ने सामूहिक रूप से टिकैत यूनियन को छोड़कर भाकियू अराजनीतिक में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शनिवार को करीब 20 किसानों को मुकदमे में फंसा कर जेल भिजवाने की साजिश रची गई थी। चौधरी जगपाल सिंह ने कहा कि किसानों के हितों के लिए वे पुलिस की लाठी व गोली खाने को तैयार है लेकिन तीनों गांवों के किसानों की भूमि का मुआवजा मिले बगैर प्रशासन का कब्जा नहीं होने देंगे।
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प्रशासन चाहे तो पीएसी व सेना को बुला ले लेकिन वह लोग यहां से नहीं हटेंगे। थानों को अपने परिवार के लोगों से भर देंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने किसानों से गांव में बड़ी पंचायत का आयोजन करने की सलाह दी है।
जनपद शामली के जिलाध्यक्ष कालिंद्र मलिक ने कहा कि 22 मई को किसानों का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व मुख्य सचिव से मुलाकात करके कलसी के किसानों की अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग करेगा। इस दौरान रविंद्र राणा, अजय कादियान, आकाश तोमर, जिलाउपाध्यक्ष प्रवेश चौधरी, बाबूराम चौधरी, गंगोह ब्लाॅक अध्यक्ष महबूब चौधरी, सुरेद्र सिंह, श्यामवीर सिंह राठी आदि मौजूद रहे।
उधर, भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी ने बताया कि आरोप निराधार है। उनका संगठन पूरे दम के साथ मुआवजा दिलाने को प्रयासरत था। 21 मई को राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की पंचायत भी धरना स्थल पर प्रस्तावित थी।
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रविवार को नए घटनाक्रम के तहत भाकियू अराजनीतिक के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगपाल सिंह धरनारत किसानों के बीच पहुंचे। धरने पर बैठे किसानों बलराम सिंह, पूरण सिंह, ऋषिराम, जसबीर सिंह, ध्यान सिंह, इलम सिंह, जितेंद्र सिंह, राजेश आदि ने आरोप लगाया कि टिकैत गुट प्रशासन के साथ मिल कर मिट्टी भराव कराने की कोशिशें कर रहा है।
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किसानों ने सामूहिक रूप से टिकैत यूनियन को छोड़कर भाकियू अराजनीतिक में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शनिवार को करीब 20 किसानों को मुकदमे में फंसा कर जेल भिजवाने की साजिश रची गई थी। चौधरी जगपाल सिंह ने कहा कि किसानों के हितों के लिए वे पुलिस की लाठी व गोली खाने को तैयार है लेकिन तीनों गांवों के किसानों की भूमि का मुआवजा मिले बगैर प्रशासन का कब्जा नहीं होने देंगे।
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प्रशासन चाहे तो पीएसी व सेना को बुला ले लेकिन वह लोग यहां से नहीं हटेंगे। थानों को अपने परिवार के लोगों से भर देंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने किसानों से गांव में बड़ी पंचायत का आयोजन करने की सलाह दी है।
जनपद शामली के जिलाध्यक्ष कालिंद्र मलिक ने कहा कि 22 मई को किसानों का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व मुख्य सचिव से मुलाकात करके कलसी के किसानों की अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग करेगा। इस दौरान रविंद्र राणा, अजय कादियान, आकाश तोमर, जिलाउपाध्यक्ष प्रवेश चौधरी, बाबूराम चौधरी, गंगोह ब्लाॅक अध्यक्ष महबूब चौधरी, सुरेद्र सिंह, श्यामवीर सिंह राठी आदि मौजूद रहे।
उधर, भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी ने बताया कि आरोप निराधार है। उनका संगठन पूरे दम के साथ मुआवजा दिलाने को प्रयासरत था। 21 मई को राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की पंचायत भी धरना स्थल पर प्रस्तावित थी।