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शिवालिक वन क्षेत्र में विचरण करेंगे टाइगर : मंडलायुक्त
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डाक विभाग द्वारा जारी किया गया शिवालिक पहाड़ियों में जैवविविधता का स्पेशल पोस्टल कवर।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। शिवालिक वन क्षेत्र और हैदरपुर वेटलैंड में जैव विविधता की पहचान डाक विभाग के स्पेशल पोस्टल कवर पर होगी, साथ ही हैदरपुर वेट लैंड में मिले लुप्त प्राय प्रजाति के हिरण वाली मुहर भी लगेगी। इसका विमोचन बुधवार को किया गया। विमोचन अवसर पर मंडलायुक्त संजय कुमार ने कहा कि शिवालिक वन क्षेत्र में 15 साल पहले तक टाइगर विचरण करते थे। लिहाजा राजाजी पार्क का बफर जोन बनाने और फिर टाइगर रिजर्व घोषित कराने के पीछे यही मकसद है, ताकि फिर यहां टाइगर विचरण कर सकें।
बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंडलायुक्त संजय कुमार ने कहा कि शिवालिक वन क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ऑक्सीजन हब है। इन पहाड़ियों का ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन उपेक्षा से महत्व कम होता गया। शिवालिक रेंज को राजजी पार्क का बफर जोन बनाए जाने के प्रयास चल रहे हैं, फिर इसे टाइगर रिजर्व घोषित कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर और बिजनौर के निकट हैदरपुर वेटलैंड को पूरी तरह विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हैदरपुर वेटलैंड के सर्वे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिस आधार पर इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। 150 बारहसिंघा यहां मिले। इसे रिजर्व क्षेत्र घोषित कराया जाएगा, साथ ही हजारों प्रवासी पक्षी मूवमेंट करते हैं। यहां की 18 हजार एकड़ दलदली आर्द्र भूमि पर पक्षियों की लगभग 300 प्रजातियों का बसेरा होता है। ये प्रवासी पक्षी मंगोलिया, चीन, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, रूस आदि देशों से आते हैं। उन्होंने कहा कि शिवालिक वन क्षेत्र में रहने वाले वन गुर्जरों को विस्थापित कर अन्यत्र बसाए जाने को शीघ्र ही अंतिम रूप दिया जाएगा। पुलिस उपमहानिरीक्षक उपेंद्र अग्रवाल ने कहा कि हमें ऐसे सार्थक प्रयास करने होंगे जिससे इन क्षेत्रों का समग्र विकास हो सके। मुख्य वन संरक्षक वीके जैन ने कहा कि शिवालिक और हैदरपुर वेटलैंड का क्षेत्र अलौकिक है। बाघ, बारहसिंघा सहित अन्य वन्य जीवों को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। दिल्ली- देहरादून हाईवे पर करीब 15 किलोमीटर में एलीवेटेड बनेगा, जो अनूठा होगा। क्षेत्र में लगभग 30 तेंदुए देखे गए हैं। हैदरपुर वेटलैंड पर लगभग 300 प्रजातियों के प्रवासी पक्षी हर वर्ष लंबी यात्रा करके आते हैं। वरिष्ठ अधीक्षक (डाक) नरसिंह ने हैदरपुर वेटलैंड प्रवासी पक्षियों और लुप्त प्राय स्वाम्प हिरन के लिए नम स्थलीय स्वर्ग विषय पर विशेष आवरण और मुहर का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी पूरे देशभर के डाकघरों में लगाई जाएगी। इस दौरान नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, डीएफओ सहारनपुर विजय सिंह, डीएफओ मुजफ्फरनगर सूरज, डीएफओ शामली संजीव कुमार, डीएफओ शिवालिक रेंज आर बालाचंद्रन, विद्युत निगम के मुख्य अभियंता सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंडलायुक्त संजय कुमार ने कहा कि शिवालिक वन क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ऑक्सीजन हब है। इन पहाड़ियों का ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन उपेक्षा से महत्व कम होता गया। शिवालिक रेंज को राजजी पार्क का बफर जोन बनाए जाने के प्रयास चल रहे हैं, फिर इसे टाइगर रिजर्व घोषित कराया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर और बिजनौर के निकट हैदरपुर वेटलैंड को पूरी तरह विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हैदरपुर वेटलैंड के सर्वे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिस आधार पर इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। 150 बारहसिंघा यहां मिले। इसे रिजर्व क्षेत्र घोषित कराया जाएगा, साथ ही हजारों प्रवासी पक्षी मूवमेंट करते हैं। यहां की 18 हजार एकड़ दलदली आर्द्र भूमि पर पक्षियों की लगभग 300 प्रजातियों का बसेरा होता है। ये प्रवासी पक्षी मंगोलिया, चीन, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, रूस आदि देशों से आते हैं। उन्होंने कहा कि शिवालिक वन क्षेत्र में रहने वाले वन गुर्जरों को विस्थापित कर अन्यत्र बसाए जाने को शीघ्र ही अंतिम रूप दिया जाएगा। पुलिस उपमहानिरीक्षक उपेंद्र अग्रवाल ने कहा कि हमें ऐसे सार्थक प्रयास करने होंगे जिससे इन क्षेत्रों का समग्र विकास हो सके। मुख्य वन संरक्षक वीके जैन ने कहा कि शिवालिक और हैदरपुर वेटलैंड का क्षेत्र अलौकिक है। बाघ, बारहसिंघा सहित अन्य वन्य जीवों को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। दिल्ली- देहरादून हाईवे पर करीब 15 किलोमीटर में एलीवेटेड बनेगा, जो अनूठा होगा। क्षेत्र में लगभग 30 तेंदुए देखे गए हैं। हैदरपुर वेटलैंड पर लगभग 300 प्रजातियों के प्रवासी पक्षी हर वर्ष लंबी यात्रा करके आते हैं। वरिष्ठ अधीक्षक (डाक) नरसिंह ने हैदरपुर वेटलैंड प्रवासी पक्षियों और लुप्त प्राय स्वाम्प हिरन के लिए नम स्थलीय स्वर्ग विषय पर विशेष आवरण और मुहर का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी पूरे देशभर के डाकघरों में लगाई जाएगी। इस दौरान नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, डीएफओ सहारनपुर विजय सिंह, डीएफओ मुजफ्फरनगर सूरज, डीएफओ शामली संजीव कुमार, डीएफओ शिवालिक रेंज आर बालाचंद्रन, विद्युत निगम के मुख्य अभियंता सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

सर्किट हाउस में स्पेशल पोस्टल कवर का विमोचन करते कमिश्नर, डीआईजी, मुख्य वन संरक्षक और अन्य अधिकार- फोटो : SAHARANPUR
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