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Saharanpur News: हमले में दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष का कारावास
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- न्यायालय ने 37 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। हमला करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 11 आलोक शर्मा ने दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 37 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
वादी के अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने बताया कि थाना बड़गांव क्षेत्र के गांव मोरा निवासी प्रमोद कुमार ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि उनके ताऊ का देहांत हो गया है। 16 जून 2013 को उनकी रस्म पगड़ी थी। इसकी तैयारी के लिए उसके पिता महिपाल, चाचा श्रीपाल, पवन, शक्ति, शमशेर घर में बनी बैठक की सफाई कर रहे थे। आरोप है कि तभी गांव के महेश और उसके दो साथियों ने बैठक में रस्म पगड़ी करने का विरोध किया। कहा कि यहां रस्म पगड़ी नहीं होने देंगे। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़ित पक्ष पर लाठी-डंडाें से हमला कर दिया था। महिपाल और श्रीपाल घायल हुए थे। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले में साक्ष्यों और गवाहाें के आधार पर महेश को अदालत ने तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 37 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में महेश के दो साथियों को दोष मुक्त किया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। हमला करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 11 आलोक शर्मा ने दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 37 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
वादी के अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने बताया कि थाना बड़गांव क्षेत्र के गांव मोरा निवासी प्रमोद कुमार ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि उनके ताऊ का देहांत हो गया है। 16 जून 2013 को उनकी रस्म पगड़ी थी। इसकी तैयारी के लिए उसके पिता महिपाल, चाचा श्रीपाल, पवन, शक्ति, शमशेर घर में बनी बैठक की सफाई कर रहे थे। आरोप है कि तभी गांव के महेश और उसके दो साथियों ने बैठक में रस्म पगड़ी करने का विरोध किया। कहा कि यहां रस्म पगड़ी नहीं होने देंगे। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़ित पक्ष पर लाठी-डंडाें से हमला कर दिया था। महिपाल और श्रीपाल घायल हुए थे। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले में साक्ष्यों और गवाहाें के आधार पर महेश को अदालत ने तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 37 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में महेश के दो साथियों को दोष मुक्त किया गया है।
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