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Saharanpur News: तीन चीनी मिलों पर किसानों के 132 करोड़ रुपये बकाया
Mon, 26 Aug 2024 01:31 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 26 Aug 2024 01:31 PM IST
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सहारनपुर। तमाम प्रयासों के बावजूद जनपद की आठ में से तीन चीनी मिलों पर अभी भी बकाया गन्ना मूल्य शेष है। किसानों के करीब तीन चीनी मिलों पर करीब 132 करोड़ रुपये बकाया हैं।
जिले में आठ चीनी मिल हैं, इनमें से तीन चीनी मिलों ने अभी तक पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। नियमानुसार चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान करने वाली चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। इसके बावजूद किसानों को ना तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान होता है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही मिल रहा है। जनपद में सबसे अधिक बकाया गांगनोली चीनी मिल पर है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि बकाया भुगतान करने में कोताही बरत रही चीनी मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने भी मिलों को जल्द बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
-- बकाया गन्ना मूल्य करोड़ में --
मिल-- -- -- -- -- -- बकाया
गांगनौली-- -- -- -- - 88.11
गागलहेडी-- -- -- -- 24.73
टोडरपुर-- -- -- -- - 19.86
-- -- -
नोट: गन्ना विभाग के 24 अगस्त के आंकड़े।
-- -- --
बोले किसान :
- गांव साधारणसिर निवासी अनिल राणा का कहना है कि मिल गन्ने का भुगतान धीमी गति से कर रहा है। जिससे घर का खर्च, बच्चों की फीस अन्य खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।
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- गांव चहरोली के मोहम्मद तैमूर कहते हैं कि बकाया भुगतान नहीं होने से परिवार आर्थिक परेशानी से जूझ रहा है। घर के कई सदस्य बुखार से पीड़ित हैं, दवाई खरीदने के लिए भी उधार लेना पड़ रहा है।
- खजूरी अकबरपुर निवासी किसान गुरुदत्त ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
- गांव मक्काबांस निवासी जरीफ अहमद का कहना है कि बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। बच्चों फीस से लेकर दवाई तक का खर्च पूरा करने में आर्थिक दिक्कत सामने आ रही है।
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जिले में आठ चीनी मिल हैं, इनमें से तीन चीनी मिलों ने अभी तक पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। नियमानुसार चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान करने वाली चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। इसके बावजूद किसानों को ना तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान होता है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही मिल रहा है। जनपद में सबसे अधिक बकाया गांगनोली चीनी मिल पर है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि बकाया भुगतान करने में कोताही बरत रही चीनी मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने भी मिलों को जल्द बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
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मिल
गांगनौली
गागलहेडी
टोडरपुर
नोट: गन्ना विभाग के 24 अगस्त के आंकड़े।
बोले किसान :
- गांव साधारणसिर निवासी अनिल राणा का कहना है कि मिल गन्ने का भुगतान धीमी गति से कर रहा है। जिससे घर का खर्च, बच्चों की फीस अन्य खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।
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- गांव चहरोली के मोहम्मद तैमूर कहते हैं कि बकाया भुगतान नहीं होने से परिवार आर्थिक परेशानी से जूझ रहा है। घर के कई सदस्य बुखार से पीड़ित हैं, दवाई खरीदने के लिए भी उधार लेना पड़ रहा है।
- खजूरी अकबरपुर निवासी किसान गुरुदत्त ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
- गांव मक्काबांस निवासी जरीफ अहमद का कहना है कि बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। बच्चों फीस से लेकर दवाई तक का खर्च पूरा करने में आर्थिक दिक्कत सामने आ रही है।

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