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तीन जमातियों ने दी कोरोना को मात
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सहारनपुर: फतेहपुर कोविड-19 अस्पताल से ठीक होने के बाद रवाना होते जमाती
- फोटो : SAHARANPUR
छुटमलपुर (सहारनपुर)। कोरोना संक्रमित तीन रोगियों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इन्हें फतेहपुर कोविड-19 अस्पताल से शुक्रवार को छुट्टी दे दी गई। अस्पताल स्टाफ ने तालियां बजाकर और पुष्प गुच्छ और फल भेंट कर विदाई दी। कोरोना से जंग जीतने की खुशी में जोश से लबरेज जमातियों ने भी स्वास्थ्यकर्मियों का शुक्रिया अदा किया। यहां से दो को पुलिस ने क्वारंटीन सेंटर गागलहेड़ी भरती कराया, जबकि एक विदेशी जमाती को सहारनपुर के बाल सुधार गृह में बनाई गई अस्थाई जेल भेज दिया गया।
फतेहपुर कोविड-19 अस्पताल में भरती आंध्र प्रदेश के चालीस वर्षीय मोहिउद्दीन पुत्र रेड्डी मोरन, गांव माहीपुरा सहारनपुर के 19 वर्षीय तालिब पुत्र कासिम और विदेशी नागरिक सूडान के 48 वर्षीय आदिल पुत्र आदम की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद शुक्रवार की दुपहर बाद तीन बजे इन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद तीन बजे सहारनपुर के मंडी थाने के उप निरीक्षक सुनील कुमार इन्हें लेने पहुंचे। कोविड और सीएचसी स्टाफ ने तालियां बजाकर उनके स्वस्थ होने पर खुशी का इजहार किया। इंचार्ज डॉ. नवदीप गुप्ता ने पुष्प गुच्छ और फल भेंट कर विदाई दी। एसआई सुनील कुमार ने बताया कि तालिब और मोहिउद्दीन को गागलहेड़ी में कृष्णा कालेज में बने क्वारंटीन सेंटर और सूडान के नागरिक आदिल को बाल सुधार गृह में बनी अस्थाई जेल में क्वारंटीन किया जाएगा। आदिल के खिलाफ वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी यहां रहने और महामारी अधिनियम का मामला दर्ज है।
आंध्र प्रदेश के शेख मोहिउद्दीन का कहना था कि कोरोना संक्रमण का पता चलने पर वह बुरी तरह डर गया था। दो दिन तक वह यहां अस्पताल में आने के बाद रोता ही रहा था। ना वह सो पाया और ना ही उसने कुछ खाया। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने हिम्मत बंधाई तो बीमारी से लड़ने का जज्बा पैदा हुआ। ठीक होने के बाद उसकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
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कोविड अस्पताल में सबसे कम उम्र के रोगी रहे माहीपुरा के 19 वर्षीय तालिब ने बताया कि शुरू में तो वह सकते की स्थिति में आ गया था। उसे यकीन ही नहीं हुआ कि वह संक्रमित हो गया है। फिर उसने हिम्मत से काम लिया और दूसरे रोगियों का भी सहारा बना। वह सभी को खाना सर्व करता था। अपने फोन से जिनके पास फोन नहीं था उनके परिजनों से बात कराता था। अस्पताल के स्टाफ के व्यवहार को याद करके उसके चेहरे पर चमक आ जाती है। वह कहता है कि यहां सब कुछ घर से भी अच्छा रहा।
सुडान के नागरिक आदिल के सामने अपने मन की बात कहने में भाषायी दिक्कत आई, लेकिन बीमारी से ठीक होने की खुशी उन्होंने अपने चेहरे की मुस्कान से बताई। अपनी मुट्ठियां बंद कर दोनो हाथों के अंगूठों को दिखाते हुए हुए कहा कि वे फिट हैं।
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फतेहपुर कोविड-19 अस्पताल में भरती आंध्र प्रदेश के चालीस वर्षीय मोहिउद्दीन पुत्र रेड्डी मोरन, गांव माहीपुरा सहारनपुर के 19 वर्षीय तालिब पुत्र कासिम और विदेशी नागरिक सूडान के 48 वर्षीय आदिल पुत्र आदम की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद शुक्रवार की दुपहर बाद तीन बजे इन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद तीन बजे सहारनपुर के मंडी थाने के उप निरीक्षक सुनील कुमार इन्हें लेने पहुंचे। कोविड और सीएचसी स्टाफ ने तालियां बजाकर उनके स्वस्थ होने पर खुशी का इजहार किया। इंचार्ज डॉ. नवदीप गुप्ता ने पुष्प गुच्छ और फल भेंट कर विदाई दी। एसआई सुनील कुमार ने बताया कि तालिब और मोहिउद्दीन को गागलहेड़ी में कृष्णा कालेज में बने क्वारंटीन सेंटर और सूडान के नागरिक आदिल को बाल सुधार गृह में बनी अस्थाई जेल में क्वारंटीन किया जाएगा। आदिल के खिलाफ वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी यहां रहने और महामारी अधिनियम का मामला दर्ज है।
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आंध्र प्रदेश के शेख मोहिउद्दीन का कहना था कि कोरोना संक्रमण का पता चलने पर वह बुरी तरह डर गया था। दो दिन तक वह यहां अस्पताल में आने के बाद रोता ही रहा था। ना वह सो पाया और ना ही उसने कुछ खाया। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने हिम्मत बंधाई तो बीमारी से लड़ने का जज्बा पैदा हुआ। ठीक होने के बाद उसकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
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कोविड अस्पताल में सबसे कम उम्र के रोगी रहे माहीपुरा के 19 वर्षीय तालिब ने बताया कि शुरू में तो वह सकते की स्थिति में आ गया था। उसे यकीन ही नहीं हुआ कि वह संक्रमित हो गया है। फिर उसने हिम्मत से काम लिया और दूसरे रोगियों का भी सहारा बना। वह सभी को खाना सर्व करता था। अपने फोन से जिनके पास फोन नहीं था उनके परिजनों से बात कराता था। अस्पताल के स्टाफ के व्यवहार को याद करके उसके चेहरे पर चमक आ जाती है। वह कहता है कि यहां सब कुछ घर से भी अच्छा रहा।
सुडान के नागरिक आदिल के सामने अपने मन की बात कहने में भाषायी दिक्कत आई, लेकिन बीमारी से ठीक होने की खुशी उन्होंने अपने चेहरे की मुस्कान से बताई। अपनी मुट्ठियां बंद कर दोनो हाथों के अंगूठों को दिखाते हुए हुए कहा कि वे फिट हैं।

फतेहपुर कोविड-19 अस्पताल से ठीक होने वाले रोगियों को पुष्प गुच्छ देकर विदाई देते इंचार्ज डा नवदीप ?- फोटो : SAHARANPUR