फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   There will be competition between healthy boys and girls

स्वस्थ बालक और बालिकाओं के बीच होगी प्रतिस्पर्धा

Fri, 24 Dec 2021 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 11:54 PM IST
विज्ञापन
There will be competition between healthy boys and girls
आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन करते हुए डीपीओ व अन्य - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कुपोषण से जंग जीतने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत स्वस्थ बालक और बालिकाओं के बीच प्रतिस्पर्धा होगी, जो बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर आए हैं, उनको पुरस्कार देने के साथ अभिभावकों का भी उत्साहवर्धन किया जाएगा।
विज्ञापन

जनपद में 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आठ से 14 जनवरी तक स्वस्थ बालक और बालिकाओं के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। इसको लेकर बाल एवं पुष्टाहार विभाग ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैैयार की है। इसके तहत पिछले छह माह में चिह्नित किए गए कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को केंद्र पर बुलाया जाएगा। यहां पर बच्चों का वजन, लंबाई सहित पोषण ट्रैकर एप के जरिए जांच की जाएगी, जो बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर आए हैं, उनको पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके साथ ही जागरूक अभिभावकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके पीछे विभाग का मकसद है कि इन बच्चों व अभिभावकों को देखकर अन्य लोग कुपोषण से जारी जंग में सहयोग करें।
विज्ञापन

कुपोषण से बचाव के प्रति लोगों को करेंगे जागरूक
इस कार्यक्रम के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के लिए पोषाहार का चार्ट बनाकर दिया जाएगा। ताकि सही समय पर उन्हें उचित खानपान मिले। अत्यंत कुपोषित बच्चों को तत्काल प्रभाव से उपचार दिलाने की सलाह दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुपोषण के लक्षण
-- बच्चे का वजन नहीं बढ़ता है। जन्म के समय दो किलो से कम वजन वाला बच्चा कुपोषण की श्रेणी में आता है।
-- उम्र बढ़ने के साथ ही बच्चे की लंबाई न बढ़ना।
-- बच्चे में सुस्ती और चिड़चिड़ापन रहना।
-- अति कुपोषित बच्चे बैठ नहीं पाते हैं। खेलकूद में भी उनकी रुचि नहीं होती है।
-- बार-बार कई प्रकार की बीमारियों से बच्चे का ग्रस्त होना।
ऐसे करें बचाव
-- जन्म से लेकर दो साल तक के बच्चे को रोज तीन कप दूध पिलाएं।
-- छह माह की आयु तक बच्चे को मां अपना दूध पिलाए।
-- रोजाना डेढ़ से दो कटोरी दाल व दलिया दिया जाए।
-- मिलेजुले अनाज की रोटी बनाकर खिलानी चाहिए।
-- बच्चे को उबला हुआ पानी देना चाहिए। ताकि किसी तरह संक्रमण न फैले।
-- बच्चे को मौसमी फल जरूर खिलाना चाहिए।
संख्या घटी, फिर भी बड़ी संख्या में कुपोषित हैं बच्चे
वर्ष ----- कुपोषित ---- अति कुपोषित बच्चों की संख्या
2018------41869----------12547
2019------33825-----------6910
2020------21424 ----------5550
2021------21257-----------1208
-------------------
आठ से 14 जनवरी तक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर स्वस्थ बालक और बालिकाओं के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। कुपोषण से जंग जीतने वाले बच्चों को विभिन्न पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके साथ ही उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया जाएगा, साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।---------आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed