गजब है सिस्टम का हाल: एक पीएचसी ऐसी, जहां फार्मासिस्ट के छुट्टी जाते ही लटक जाता है ताला, लोग होते हैं परेशान
Saharanpur News : सहारनपुर जिले में एक ऐसी पीएचसी है, जहां सिर्फ एक फार्मासिस्ट और दिव्यांग वार्ड बॉय ही तैनात है। हैरानी की बात यह है कि यदि फार्मासिस्ट को अवकाश पर जाना है तो पीएचसी पर ताला लटक जाता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन सहारनपुर जिले में स्वास्थ्य सेवा कितनी बेहतर है इसकी बानगी कंबोह माजरा गांव की पीएचसी पर दिखाई देती है। हैरानी की बात यह है कि जिले की यह एकमात्र ऐसी पीएचसी है जो एक फार्मासिस्ट और दिव्यांग वार्ड बॉय के भरोसे है। फार्मासिस्ट यदि अवकाश पर है तो पीएचसी पर भी ताला लटक जाता है। शुक्रवार को भी दिन भर पीएचसी पर ताला लटका रहा।
दरअसल, पीएचसी में एक महिला व एक पुरुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट के दो पद, कक्ष सेवक के दो पद, स्टाप नर्स के दो पद, लैब टेक्नीशियन का एक पद, सफाई कर्मचारी व चौकीदार का एक-एक पद स्वीकृत हैं। कर्मियों की कमी के चलते पिछले कई वर्षों से पीएचसी मात्र एक फार्मासिस्ट व दिव्यांग वार्ड बॉय के भरोसे चल रही है।
हालात यह है कि पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट को यदि अचानक अवकाश पर जाना पड़ जाए तो मजबूरी में गेट पर ताला लगाना पड़ता है। पीएचसी पर रोजाना 30 से 40 मरीज आते हैं। शुक्रवार को भी मरीज पहुंचे, लेकिन मेन गेट पर ताला लगा देखकर उन्हें वापस लौटना पड़ा। उधर, फार्मासिस्ट सुशील कुमार ने बताया कि वह अवकाश पर है, जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को पूर्व में ही दे दी थी।
ये गांव आते हैं पीएचसी के अंतर्गत
पीएचसी से क्षेत्र के गांव कम्बोहमजरा सहित रसूलपुर, कवादपुर, अलीपुरा, चकखीजरपुर, शेखपुरा, मंझाडी, मिल्कों, धौलरा, रसूली, कांसेपुर सहित यमुना के तटवर्ती अनेक गांव जुड़े है। पीएचसी पर तैनात स्टाफ के लिए अलग-अलग आवास भी बने हुए हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते सभी आवास खाली पड़े हुए हैं।
यह भी पढ़ें: Meerut: शादी के 16 साल बाद पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या, शव कंबल में लपेटा, ताला लगाकर पति घर से फरार
पूरे जिले में चिकित्सकों की कमी है। तैनात चिकित्सक या कर्मचारी के अवकाश पर जाने की दशा उसकी जगह आसपास के दूसरे स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी। - डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ सहारनपुर
यह भी पढ़ें: गठबंधन के भीतर बड़ा संकट: इन सीटों पर फंसा पेंच, क्या चुनाव से पहले बढ़ेगी अखिलेश और जयंत की टेंशन?