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आदेश होते हैं, पर कार्रवाई के नाम पर ठिठक जाती है व्यवस्था

Thu, 09 Sep 2021 11:32 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 11:32 PM IST
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There are orders, but the system gets stuck in the name of action.
सहारनपुर। बेहट तहसील के तीन गांवों की 750 बीघा जमीन का आवंटन निरस्त करने का आदेश हो चुका है। इस जमीन का बड़ा हिस्सा बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल परिवार के ट्रस्ट के पास है। इस ट्रस्ट पर जमीन कब्जाने के मामले में पहले भी बेदखली का आदेश हो चुका है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर व्यवस्था ठिठक जाती है। जब तक कार्रवाई की बारी आती है, तब तक ऊपरी न्यायालय के आदेश की आड़ में मामला लटक जाता है। अब देखना यह है कि 750 बीघा जमीन को मुक्त कराने में राजस्व विभाग कितनी तेजी दिखाता है।
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दरअसल, बेहट तहसील के गांव शेरपुर पेलो, रोशनपुर पेलो और अली अकबरपुर की 750 बीघा जमीन के आवंटन को एक दिन पहले ही अपर जिला मजिस्ट्रेट ( वित्त एवं राजस्व) की अदालत ने निरस्तीकरण का आदेश जारी किया। इससे पहले तहसीलदार बेहट के न्यायालय से दो वादों में पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के परिवार के ट्रस्ट अब्दुल वहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट को बेदखली का आदेश तक हुआ था। इतना ही नहीं, जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने भी बेहट तहसीलदार न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा था। बावजूद इसके ट्रस्ट के पदाधिकारियों को उक्त जमीन से बेदखल नहीं किया गया। अब ग्राम शेरपुर पेलो, रोशनपुर पेलो और अली अकबरपुर की 750 बीघा जमीन में से बड़ा हिस्सा अब्दुल वहीद एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के कब्जे में बताई जा रही है, जिसका चिह्नांकन राजस्व विभाग को करना होगा। अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से हुए आदेश को लेकर अब बेहट तहसील प्रशासन को कार्रवाई करनी है। देखना है कि इसमें राजस्व विभाग अब कितना समय लगाता है।
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यह भी चर्चा में रहा मामला
12 जुलाई 2019 में अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व)ने हाजी इकबाल और इनके बेटे मोहम्मद वाजिद द्वारा बेहट तहसील क्षेत्र में भूमि खरीदने में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता का उल्लंघन मानते हुए करीब 35 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ हाजी इकबाल पक्ष राजस्व परिषद और हाईकोर्ट पहुंच गया था। उक्त 35 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के मामले में भी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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