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सावधान! कहीं मदद के बहाने निशाना न बना लें ठग
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ठगी के तरीके अनेक, बस सावधान रहने की जरूरत
सहारनपुर। जिले में लोगों की मदद करने का झांसा देकर ठगी करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही है। पिछले दस माह में साइबर क्राइम की 45 से अधिक घटनाएं हो चुकी है। एटीएम कार्ड बदलकर मदद करने में ठगी के मामलों में सीसीटीवी में शातिर की फोटो कैद हुई है, लेकिन वह पकड़े नहीं जा सके हैं।
बीते बुधवार की शाम नगर कोतवाली क्षेत्र के शहीद गंज बाजार निवासी जमशेद अली खान से घंटाघर पर दो युवकों ने जामा मस्जिद का पता पूछकर उन्हें बाइक पर बैठा लिया और उनकी जेब से 80 हजार की नकदी निकालकर फरार हो गए। शातिर लगातार ठगी कर रहे हैं और पुलिस उन तक पहुंचने में नाकाम ही साबित हो रही है।
पहचान से लेकर सब कुछ होता है फर्जी
साइबर क्राइम करने वाले आरोपी नए-नए हथकंडे अपनाकर ठगी कर रहे हैं। ठगी की शिकायत आने पर जब पुलिस पड़ताल करती है तो उसमें जिस नंबर से शातिर कॉल करते हैं, वह वारदात के बाद बंद कर दिया जाता है। साइबर क्राइम करने वालों में कोई पश्चिम बंगाल, बिहार, भोपाल, रायपुर, जयपुर तो किसी का पहचान पत्र राजस्थान और दिल्ली का मिलता है, लेकिन वह भी फर्जी होने की वजह से आरोपी को पुलिस नहीं पकड़ पाती है।
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बीते दिनों हुई प्रमुख घटनाएं
- भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में सेंधमारी कर फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाए गए।
- कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलेंडर व दवाएं दिलाने के नाम पर ठगी की छह घटनाएं हुई।
- लेबर कालोनी निवासी अलका शर्मा का बैंक खाता सीज होने का झांसा देकर एनी डेस्क रिमोट साफ्टवेयर के नाम का एप डाउनलोड कराकर एक लाख रुपये उड़ाए।
- एसडी इंटर कॉलेज के अध्यापक का एटीएम कार्ड बदलकर 45 हजार रुपये निकाले। आरोपी की फुटेज सीसीटीवी में कैद हुई थी।
- खलासी लाइन निवासी सीमा को लॉटरी का झांसा 21 हजार रुपये उठाए।
- अंबाला रोड निवासी सरदार सतबीर के खाते से तीन लाख रुपये निकाले।
इन तरीकों से कर रहे ठगी
- फर्जी बैंक अधिकारी बनकर एटीएम की गोपनीय जानकारी जुटाकर
- फेसबुक पर प्रेमजाल में फंसाकर वीडियो काल करके ब्लैकमेल करना
- नौकरी लगवाने एवं विदेश भेजने के नाम पर ठगी
- मोबाइल के सिम कार्ड को अपडेट करने के बहाने ठगी
- आनलाइन सामान खरीदने पर डिस्काउंट का झांसा देकर
- मेट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके शादी कराने का झांसा देकर
- फर्जी आयकर अधिकारी बनकर
- टीवी में चेहरा पहचानों का विज्ञापन दिखाकर
- मोबाइल टावर लगवाने को फाइल चार्ज के नाम पर
बचने के लिए बरतें यह सावधानी
- अनजान व्यक्ति की फोन कॉल, एसएमएस या सोशल मीडिया पर संदेश और लिंक का जवाब न दें।
- बैंक, एजेंसी, लोन ब्रांच के नाम पर किसी अजान कॉलर को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, आधार कार्ड या उसका नंबर, पैनकार्ड से लेकर ओटीपी ना बताएं।
- लोन, बीमा, पैसे दोगुने करने जैसे लालच में ना आए
साइबर अपराधियों और ठगों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगी है। पिछले दिनों कई आरोपी पकड़े भी गए हैं। साइबर थाने ने कई मामला खुलासा किया है। इसके साथ ही लोगों के पैसे भी वापस कराएं हैं। पुलिस आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
- आकाश तोमर, एसएसपी
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सहारनपुर। जिले में लोगों की मदद करने का झांसा देकर ठगी करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही है। पिछले दस माह में साइबर क्राइम की 45 से अधिक घटनाएं हो चुकी है। एटीएम कार्ड बदलकर मदद करने में ठगी के मामलों में सीसीटीवी में शातिर की फोटो कैद हुई है, लेकिन वह पकड़े नहीं जा सके हैं।
बीते बुधवार की शाम नगर कोतवाली क्षेत्र के शहीद गंज बाजार निवासी जमशेद अली खान से घंटाघर पर दो युवकों ने जामा मस्जिद का पता पूछकर उन्हें बाइक पर बैठा लिया और उनकी जेब से 80 हजार की नकदी निकालकर फरार हो गए। शातिर लगातार ठगी कर रहे हैं और पुलिस उन तक पहुंचने में नाकाम ही साबित हो रही है।
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पहचान से लेकर सब कुछ होता है फर्जी
साइबर क्राइम करने वाले आरोपी नए-नए हथकंडे अपनाकर ठगी कर रहे हैं। ठगी की शिकायत आने पर जब पुलिस पड़ताल करती है तो उसमें जिस नंबर से शातिर कॉल करते हैं, वह वारदात के बाद बंद कर दिया जाता है। साइबर क्राइम करने वालों में कोई पश्चिम बंगाल, बिहार, भोपाल, रायपुर, जयपुर तो किसी का पहचान पत्र राजस्थान और दिल्ली का मिलता है, लेकिन वह भी फर्जी होने की वजह से आरोपी को पुलिस नहीं पकड़ पाती है।
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बीते दिनों हुई प्रमुख घटनाएं
- भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में सेंधमारी कर फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाए गए।
- कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलेंडर व दवाएं दिलाने के नाम पर ठगी की छह घटनाएं हुई।
- लेबर कालोनी निवासी अलका शर्मा का बैंक खाता सीज होने का झांसा देकर एनी डेस्क रिमोट साफ्टवेयर के नाम का एप डाउनलोड कराकर एक लाख रुपये उड़ाए।
- एसडी इंटर कॉलेज के अध्यापक का एटीएम कार्ड बदलकर 45 हजार रुपये निकाले। आरोपी की फुटेज सीसीटीवी में कैद हुई थी।
- खलासी लाइन निवासी सीमा को लॉटरी का झांसा 21 हजार रुपये उठाए।
- अंबाला रोड निवासी सरदार सतबीर के खाते से तीन लाख रुपये निकाले।
इन तरीकों से कर रहे ठगी
- फर्जी बैंक अधिकारी बनकर एटीएम की गोपनीय जानकारी जुटाकर
- फेसबुक पर प्रेमजाल में फंसाकर वीडियो काल करके ब्लैकमेल करना
- नौकरी लगवाने एवं विदेश भेजने के नाम पर ठगी
- मोबाइल के सिम कार्ड को अपडेट करने के बहाने ठगी
- आनलाइन सामान खरीदने पर डिस्काउंट का झांसा देकर
- मेट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके शादी कराने का झांसा देकर
- फर्जी आयकर अधिकारी बनकर
- टीवी में चेहरा पहचानों का विज्ञापन दिखाकर
- मोबाइल टावर लगवाने को फाइल चार्ज के नाम पर
बचने के लिए बरतें यह सावधानी
- अनजान व्यक्ति की फोन कॉल, एसएमएस या सोशल मीडिया पर संदेश और लिंक का जवाब न दें।
- बैंक, एजेंसी, लोन ब्रांच के नाम पर किसी अजान कॉलर को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, आधार कार्ड या उसका नंबर, पैनकार्ड से लेकर ओटीपी ना बताएं।
- लोन, बीमा, पैसे दोगुने करने जैसे लालच में ना आए
साइबर अपराधियों और ठगों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगी है। पिछले दिनों कई आरोपी पकड़े भी गए हैं। साइबर थाने ने कई मामला खुलासा किया है। इसके साथ ही लोगों के पैसे भी वापस कराएं हैं। पुलिस आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
- आकाश तोमर, एसएसपी