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Saharanpur News: मेले की जिद पूरी हुई, मां से हमेशा के लिए दूर हो गया मन्नू
Thu, 24 Sep 2026 01:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:26 AM IST
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बेहट। चार साल पहले रामपुर जिले से बेहतर जिंदगी की उम्मीद लेकर गांव आलमपुर खुर्द आए जुगल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। उन्हें कभी नहीं सोचा था कि मजदूरी से बच्चों का पेट पालने और पढ़ाने की जद्दोजहद के बीच एक दिन घर ही उजड़ जाएगा। बेटे की मौत के बाद मां बेसुध हुई।
बुधवार को सात वर्षीय मन्नू मां से जिद करके मेले में घूमने गया था, लेकिन मां मिथलेश की गोद में लौटने के बजाय उसका शव आया। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां मिथलेश बेसुध हो गई, जिस बेटे को हंसते हुए मेले के लिए भेजा था, शाम को उसकी अर्थी देखकर मां की चीखें पूरे गांव को झकझोरती रही। पिता जुगल भी बेटे के क्षत-विक्षत शव को देखकर बुरी तरह से बिलख रहा था। जुगल पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहकर मजदूरी करता है। इसी कमाई से वह आयुष, मन्नू और रिया को पढ़ा-लिखाकर उनका भविष्य संवारने का सपना देख रहा था। मन्नू कक्षा दो में पढ़ता था।
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खेलते हुए कुत्तों के झुंड तक पहुंचा शादान, कुत्तों ने हमला कर किया घायल
चिलकाना। मोहल्ला कोठीवाला निवासी इरफान का साढ़े तीन वर्षीय बेटा शादान घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह आवारा कुत्तों के झुंड के पास पहुंच गया। इसी दौरान एक कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्ते के हमले से बच्चा चीखने लगा। उसकी चीख-पुकार सुनकर परिजन तथा पड़ोसी मौके पर पहुंचे और कुत्तों के झुंड से बच्चे को बचाया। कुत्तों के काटने से बच्चे के चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों पर जख्म हैं।
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-- जिले में हर महीने चार हजार से अधिक को लगती है एआरवी
जिले में हर महीने चार हजार से अधिक को एआरवी लगती है। अकेले एसबीडी जिला अस्पताल में ही तीन हजार को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। इनके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एआरवी लगता है। इसके चलते एआरवी की खपत भी लगातार बढ़ रही है। इंजेक्शन के अलावा अधिक घायल होने पर एंटी सिरम भी लगता है।
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-- कब-कब हुई कुत्ते काटने की घटनाएं
- मुजफ्फराबाद के गांव चाऊपुर में 27 अप्रैल को आवारा कुत्तों के झुंड ने आठ साल के लविश को नोच कर मौत के घाट उतार दिया था।
- 19 मई को ग्राम पंचायत शहजादपुर उर्फ ढालवाला में कुत्तों ने घर के बाहर खेल रहे तीन वर्षीय हमदान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- 16 अप्रैल को इसी गांव में रिश्तेदारी में आए देहरादून के ढकरानी गांव के नौ साल के वासित को हमला कर गंभीर घायल कर दिया था।
- देवबंद में 26 जून 2025 को मोहल्ला कोहला बस्ती निवासी चाय विक्रेता महताब (35) की कुत्ते से काटने से मौत हो गई थी।
- 22 अप्रैल को चिलकाना के पटनी गांव में अरविंद सैनी को आवारा कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- मिर्जापुर के पाडली गांव में बुरहान की पांच साल की बेटी हलीमा पर कुत्तों ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
- एक जुलाई 2026 को गागलहेड़ी के गांव हरोड़ा मुस्तकम में कुत्तों के झुंड ने छह वर्षीय अकदस को नोचकर मार दिया था।
- छह सितंबर को बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मदनपुरा में चिलकाना के गांव दभेड़ा कलां निवासी अजीम को कुत्तों ने नोचकर मार डाला था।
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बुधवार को सात वर्षीय मन्नू मां से जिद करके मेले में घूमने गया था, लेकिन मां मिथलेश की गोद में लौटने के बजाय उसका शव आया। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां मिथलेश बेसुध हो गई, जिस बेटे को हंसते हुए मेले के लिए भेजा था, शाम को उसकी अर्थी देखकर मां की चीखें पूरे गांव को झकझोरती रही। पिता जुगल भी बेटे के क्षत-विक्षत शव को देखकर बुरी तरह से बिलख रहा था। जुगल पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहकर मजदूरी करता है। इसी कमाई से वह आयुष, मन्नू और रिया को पढ़ा-लिखाकर उनका भविष्य संवारने का सपना देख रहा था। मन्नू कक्षा दो में पढ़ता था।
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खेलते हुए कुत्तों के झुंड तक पहुंचा शादान, कुत्तों ने हमला कर किया घायल
चिलकाना। मोहल्ला कोठीवाला निवासी इरफान का साढ़े तीन वर्षीय बेटा शादान घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह आवारा कुत्तों के झुंड के पास पहुंच गया। इसी दौरान एक कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्ते के हमले से बच्चा चीखने लगा। उसकी चीख-पुकार सुनकर परिजन तथा पड़ोसी मौके पर पहुंचे और कुत्तों के झुंड से बच्चे को बचाया। कुत्तों के काटने से बच्चे के चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों पर जख्म हैं।
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जिले में हर महीने चार हजार से अधिक को एआरवी लगती है। अकेले एसबीडी जिला अस्पताल में ही तीन हजार को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। इनके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एआरवी लगता है। इसके चलते एआरवी की खपत भी लगातार बढ़ रही है। इंजेक्शन के अलावा अधिक घायल होने पर एंटी सिरम भी लगता है।
- मुजफ्फराबाद के गांव चाऊपुर में 27 अप्रैल को आवारा कुत्तों के झुंड ने आठ साल के लविश को नोच कर मौत के घाट उतार दिया था।
- 19 मई को ग्राम पंचायत शहजादपुर उर्फ ढालवाला में कुत्तों ने घर के बाहर खेल रहे तीन वर्षीय हमदान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- 16 अप्रैल को इसी गांव में रिश्तेदारी में आए देहरादून के ढकरानी गांव के नौ साल के वासित को हमला कर गंभीर घायल कर दिया था।
- देवबंद में 26 जून 2025 को मोहल्ला कोहला बस्ती निवासी चाय विक्रेता महताब (35) की कुत्ते से काटने से मौत हो गई थी।
- 22 अप्रैल को चिलकाना के पटनी गांव में अरविंद सैनी को आवारा कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- मिर्जापुर के पाडली गांव में बुरहान की पांच साल की बेटी हलीमा पर कुत्तों ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
- एक जुलाई 2026 को गागलहेड़ी के गांव हरोड़ा मुस्तकम में कुत्तों के झुंड ने छह वर्षीय अकदस को नोचकर मार दिया था।
- छह सितंबर को बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मदनपुरा में चिलकाना के गांव दभेड़ा कलां निवासी अजीम को कुत्तों ने नोचकर मार डाला था।