{"_id":"695c13a265faeb3680041c2b","slug":"the-white-lines-have-disappeared-from-many-major-roads-increasing-the-risk-of-accidents-in-the-fog-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-166594-2026-01-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: कई बड़े मार्गों से सफेद पट्टी गायब, कोहरे में बढ़ा हादसे का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: कई बड़े मार्गों से सफेद पट्टी गायब, कोहरे में बढ़ा हादसे का खतरा
Tue, 06 Jan 2026 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। सड़क हादसों के बढ़े ग्राफ के बाद भी जिम्मेदार व्यवस्था में सुधार नहीं ला रहे हैं। नतीजा, जनपद के बड़े मार्गों से सफेद पट्टी गायब है। कई मार्गों के डिवाइडरों पर रिफ्लेक्टर नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हाईवे वाहन चालकों के लिए खतरे की अंधी डगर बने हुए हैं। यही वजह है कि लोग लगातार हादसों के शिकार हो रहे हैं।
सोमवार को शहर से लेकर देहात में हाईवे और मुख्य मार्गों की पड़ताल की गई। अधिकांश मार्गों पर सफेद पट्टी नहीं दिखाई दी। ज्यादातर जगहों पर पट्टी मिट चुकी है, जो रात में दिखाई नहीं पड़ती। यह हाल तब है जब घना कोहरा छा रहा है। लगातार हादसे हो रहे हैं। सरसावा में देहादून-पंचकुला राष्ट्रीय राजमार्ग 344 पर बनी सफेद रिफ्लेक्टिव पट्टी समय के साथ पूरी तरह धुंधली हो चुकी है। सरसावा कट से टोल प्लाजा तक कहीं सफेद पट्टी गायब थी तो कहीं पर पूरी से दिखाई नहीं दे रही थी।
इस हाईवे से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहन गुजरते हैं। यहीं हाल गागलहेड़ी में मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे का है। इस हाईवे पर भी सफेद पट्टी पूरी तरह मिट चुकी है। नागल से सरसीना तक पट्टी का भी यही हाल है। कहीं पर तो दिखाई ही नहीं देती। वहीं डिवाइडर पर भी कोई संकेत चिह्न नहीं है। रामपुर मनिहारान में दिल्ली-यमुनोत्री 709 बी हाईवे पर दोनों तरफ सफेद पट्टी नहीं है। जहां कई जगह बनी हुई थी, वहां पर साफ नहीं दिखाई दे रही है। रामपुर मनिहारान में ही शहरी पुलिया पर डिवाइडर के लिए स्थान छोड़ दिया है, जिससे वाहन चालक घायल हो रहे हैं। गंगोह क्षेत्र में करनाल हाईवे पर शकरपुर के पास भी पट्टी धुंधली हो गई।
विज्ञापन
-- -- --
-- यहां भी नजर नहीं आई सफेद पट्टी
शहर के जेवी जैन डिग्री कॉलेज पर सफेद पट्टी नजर नहीं आई। इसके अलावा देहरादून रोड पर पट्टी दिखाई दी, लेकिन वह कई जगहों से बेहद धुंधली हो गई। ऐसे में इन मार्गों पर हर पल खतरा मंडराता है। वाहन चालकों को पता नहीं चलता कि सड़क कितनी चौड़ी है। कई बार बिजली जाने पर रात के अंधेरे में हादसा होने का खतरा बना रहता है। रात में लाइट चले जाने पर डिवाइडर भी नजर नहीं आते, क्योंकि दूसरी साइड से सामने से आने वाले वाहनों की लाइट आंखों पर पड़ती है तो सब अंधेरा नजर आता है।
-- -- -- -
कोहरे में सड़क हादसों की रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं। हाईवे और सड़कों पर सफेद पट्टी को ठीक करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है। कोहरे में सफेद पट्टी होना बेहद जरूरी है।
- शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी यातायात
विज्ञापन
सोमवार को शहर से लेकर देहात में हाईवे और मुख्य मार्गों की पड़ताल की गई। अधिकांश मार्गों पर सफेद पट्टी नहीं दिखाई दी। ज्यादातर जगहों पर पट्टी मिट चुकी है, जो रात में दिखाई नहीं पड़ती। यह हाल तब है जब घना कोहरा छा रहा है। लगातार हादसे हो रहे हैं। सरसावा में देहादून-पंचकुला राष्ट्रीय राजमार्ग 344 पर बनी सफेद रिफ्लेक्टिव पट्टी समय के साथ पूरी तरह धुंधली हो चुकी है। सरसावा कट से टोल प्लाजा तक कहीं सफेद पट्टी गायब थी तो कहीं पर पूरी से दिखाई नहीं दे रही थी।
विज्ञापन
इस हाईवे से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहन गुजरते हैं। यहीं हाल गागलहेड़ी में मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे का है। इस हाईवे पर भी सफेद पट्टी पूरी तरह मिट चुकी है। नागल से सरसीना तक पट्टी का भी यही हाल है। कहीं पर तो दिखाई ही नहीं देती। वहीं डिवाइडर पर भी कोई संकेत चिह्न नहीं है। रामपुर मनिहारान में दिल्ली-यमुनोत्री 709 बी हाईवे पर दोनों तरफ सफेद पट्टी नहीं है। जहां कई जगह बनी हुई थी, वहां पर साफ नहीं दिखाई दे रही है। रामपुर मनिहारान में ही शहरी पुलिया पर डिवाइडर के लिए स्थान छोड़ दिया है, जिससे वाहन चालक घायल हो रहे हैं। गंगोह क्षेत्र में करनाल हाईवे पर शकरपुर के पास भी पट्टी धुंधली हो गई।
विज्ञापन
शहर के जेवी जैन डिग्री कॉलेज पर सफेद पट्टी नजर नहीं आई। इसके अलावा देहरादून रोड पर पट्टी दिखाई दी, लेकिन वह कई जगहों से बेहद धुंधली हो गई। ऐसे में इन मार्गों पर हर पल खतरा मंडराता है। वाहन चालकों को पता नहीं चलता कि सड़क कितनी चौड़ी है। कई बार बिजली जाने पर रात के अंधेरे में हादसा होने का खतरा बना रहता है। रात में लाइट चले जाने पर डिवाइडर भी नजर नहीं आते, क्योंकि दूसरी साइड से सामने से आने वाले वाहनों की लाइट आंखों पर पड़ती है तो सब अंधेरा नजर आता है।
कोहरे में सड़क हादसों की रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं। हाईवे और सड़कों पर सफेद पट्टी को ठीक करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है। कोहरे में सफेद पट्टी होना बेहद जरूरी है।
- शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी यातायात