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ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति देख झूम उठी छात्राएं
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 11 Sep 2015 12:47 AM IST
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स्पिक मैके की कार्यशाला प्रदर्शन श्रृंखला में बृहस्पतिवार को संचिता बनर्जी द्वारा ओडिसी नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविख्यात नृत्यांगना संचिता बनर्जी ने बताया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि साधना भी है।
गुरु-शिष्य परंपरा में ही इस नृत्य को सीखा जा सकता है। प्रथम प्रस्तुति में मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद उन्होंने बच्चों को चौक मुद्रा का अभ्यास कराया और त्रिभंगी का महत्व बताते हुए ओडिसी नृत्य की बारीकियां बताई।
द्वितीय प्रस्तुति पल्लवी की रही। वह बच्चों को बीच बीच में चौक एवं त्रिभंगी मुद्रा की पहचान करातीं रही। प्रधानाचार्य बलविंद्र कौर ने संचिता बनर्जी का आभार जताया और स्पिक मैके के सराहनीय प्रयास की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं की जानकारी होना आवश्यक है। स्पिक मैके की यह मुहिम नई पीढ़ी के लिए बेहद लाभप्रद है। संचालन लिसा ने किया। हेड गर्ल फरहीन का संयोजन में योगदान रहा। डीएवी कॉलेज यमुनानगर का भी कार्यक्रम में सहयोग रहा। समन्वयक शैफाली मल्होत्रा, स्कूल प्रबंधक रणजीव सिंह प्रेमी, सुमन चावला, डोली, मीनू गुलाटी, यशस्वी, आयुषी, अवनतिका, सान्या आदि मौजूद रहे।
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गुरु-शिष्य परंपरा में ही इस नृत्य को सीखा जा सकता है। प्रथम प्रस्तुति में मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद उन्होंने बच्चों को चौक मुद्रा का अभ्यास कराया और त्रिभंगी का महत्व बताते हुए ओडिसी नृत्य की बारीकियां बताई।
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द्वितीय प्रस्तुति पल्लवी की रही। वह बच्चों को बीच बीच में चौक एवं त्रिभंगी मुद्रा की पहचान करातीं रही। प्रधानाचार्य बलविंद्र कौर ने संचिता बनर्जी का आभार जताया और स्पिक मैके के सराहनीय प्रयास की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं की जानकारी होना आवश्यक है। स्पिक मैके की यह मुहिम नई पीढ़ी के लिए बेहद लाभप्रद है। संचालन लिसा ने किया। हेड गर्ल फरहीन का संयोजन में योगदान रहा। डीएवी कॉलेज यमुनानगर का भी कार्यक्रम में सहयोग रहा। समन्वयक शैफाली मल्होत्रा, स्कूल प्रबंधक रणजीव सिंह प्रेमी, सुमन चावला, डोली, मीनू गुलाटी, यशस्वी, आयुषी, अवनतिका, सान्या आदि मौजूद रहे।