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शब्बीरपुर में नहीं निकली शोभायात्रा, आयोजक बोले, अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
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शब्बीरपुर गांव में अनुसूचित समाज के लोगों से बात करते अधिकारी
- फोटो : SAHARANPUR
बड़गांव(सहारनपुर)। गांव शब्बीरपुर में पुराने रास्ते से ही संत रविदास जयंती शोभायात्रा निकालने की जिद पर अड़े अनुसूचित समाज के लोगों ने किसी अन्य रूट से यात्रा निकालने से साफ इनकार कर दिया। प्रशासन ने भी पुराने रास्ते से शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी। शाम तक पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने आयोजकों को कोर्ट के आदेश के हवाला देते हुए समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। आखिर में शोभायात्रा कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद अधिकारी लौट गए। जबकि गांव में ऐतिहातन भारी पुलिस बल तैनात है।
बता दें कि पांच मई 2017 को बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर में एक बड़ा जातीय संघर्ष हुआ। इसमें दो लोगों की मौत हुई। इसके बाद से ही प्रशासन ने दोनों जातियों के बीच हुए संघर्ष को देख दोनों पक्षों के लोगों की सहमति से शोभायात्रा का नया रूट तय किया। पिछले दो वर्ष से इसी रूट से ही शोभायात्रा शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जा रही थी। इस वर्ष गांव के अनुसूचित समाज के लोगों ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर पुराने रूट से यात्रा निकालने की अनुमति देने की मांग की।
अनुसूचित समाज के लोगों ने कहा कि पुराने रूट से शोभायात्रा न निकलने देना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। इसलिए या तो पुराने रूट से यात्रा निकालने दी जाए या फिर वे ऐसा आयोजन ही नहीं करेंगे। शनिवार सुबह एसपी देहात विद्यासागर मिश्र, एडीएम सीवी सिंह, एसडीएम रामपुर मनिहारान एसएन सिंह, तहसीलदार भोपाल सैनी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने अनुसूचित समाज की ओर से शोभायात्रा के आयोजक ग्राम प्रधान शिवकुमार, सुदेश, पूर्व प्रधान नरेश, अग्नि भास्कर व फकीर चंद को वार्ता के लिए बुलवाया। वार्ता के दौरान अनुसूचित समाज के लोग दशकों पुराने वाले रूट पर संत शिरोमणि गुरू रविदास की शोभायात्रा निकालने पर अड़े रहे।
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उनका कहना था कि वे सन 1978 से पुराने रूट से शोभायात्रा निकाल रहे हैं। यदि वे शोभायात्रा निकालेंगे तो इसी मार्ग से निकालेंगे। देर शाम तक अफसर आयोजकों को मनाने में जुटे रहे. मगर वे नहीं माने और देर शाम अनुसूचित समाज के लोगों ने शोभायात्रा निकालने से मना कर दिया। अब समाज के लोग इस मुद्दे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे। इसके बाद अधिकारी को लौट गए, लेकिन भारी पुलिस बल गांव में ही तैनात रहा।
राजपूत समाज से कोई नाराजगी नहीं
अनुसूचित समाज के मनवीर सिंह, सुदेश कुमार सहित अन्य ने कहा राजपूत समाज से उन्हें कोई नाराजगी नहीं है। वे तो बस मौलिक अधिकार के तहत पुराने रूट से शोभायात्रा का आयोजन करना चाहते हैं, सरकारी तंत्र ही अब इसमें दखल कर रहा है। यह ठीक नहीं है।
राजपूत बस्ती में पसरा रहा सन्नाटा
बड़गांव। शनिवार को पूरा दिन संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर शब्बीरपुर गांव छावनी में तब्दील रहा। अनुसूचित बस्ती से लेकर पूरे गांव में हर चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन राजपूत बस्ती की सड़कें सूनी रही। इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से नानौता, तीतरो, देवबंद, रामपुर मनिहारान, नागल व बड़गांव सहित कई थानों की फोर्स के अलावा पीएसी पुलिस बल के साथ दमकल विभाग की गाड़ी को तैनात किया।
गांव में वर्ष 1978 से पुराने रूट से ही शोभायात्रा निकाली जा रही है। केवल बीच के दो वर्षों में नए रूट से शोभायात्रा निकाली जा रही है। वे पुराने रूट से ही शोभायात्रा निकालेंगे। भले ही उन्हें इसके लिए सुप्रीम कोर्ट क्यों ना जाना पड़े।
सुदेश कुमार, शोभायात्रा आयोजक।
माननीय हाईकोर्ट ने जो रूट शोभायात्रा के लिए तय किया, पुलिस उसी रूट से शोभायात्रा निकलवाने के लिए सुबह से गांव में मौजूद रही। किसी अन्य रूट से शोभायात्रा निकलने देने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। यह माननीय हाईकोर्ट की अवहेलना होगी। गांव में पूरी तरह से शांति है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया।
- विद्या सागर मिश्र एसपी देहात।
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बता दें कि पांच मई 2017 को बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर में एक बड़ा जातीय संघर्ष हुआ। इसमें दो लोगों की मौत हुई। इसके बाद से ही प्रशासन ने दोनों जातियों के बीच हुए संघर्ष को देख दोनों पक्षों के लोगों की सहमति से शोभायात्रा का नया रूट तय किया। पिछले दो वर्ष से इसी रूट से ही शोभायात्रा शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जा रही थी। इस वर्ष गांव के अनुसूचित समाज के लोगों ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर पुराने रूट से यात्रा निकालने की अनुमति देने की मांग की।
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अनुसूचित समाज के लोगों ने कहा कि पुराने रूट से शोभायात्रा न निकलने देना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। इसलिए या तो पुराने रूट से यात्रा निकालने दी जाए या फिर वे ऐसा आयोजन ही नहीं करेंगे। शनिवार सुबह एसपी देहात विद्यासागर मिश्र, एडीएम सीवी सिंह, एसडीएम रामपुर मनिहारान एसएन सिंह, तहसीलदार भोपाल सैनी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने अनुसूचित समाज की ओर से शोभायात्रा के आयोजक ग्राम प्रधान शिवकुमार, सुदेश, पूर्व प्रधान नरेश, अग्नि भास्कर व फकीर चंद को वार्ता के लिए बुलवाया। वार्ता के दौरान अनुसूचित समाज के लोग दशकों पुराने वाले रूट पर संत शिरोमणि गुरू रविदास की शोभायात्रा निकालने पर अड़े रहे।
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उनका कहना था कि वे सन 1978 से पुराने रूट से शोभायात्रा निकाल रहे हैं। यदि वे शोभायात्रा निकालेंगे तो इसी मार्ग से निकालेंगे। देर शाम तक अफसर आयोजकों को मनाने में जुटे रहे. मगर वे नहीं माने और देर शाम अनुसूचित समाज के लोगों ने शोभायात्रा निकालने से मना कर दिया। अब समाज के लोग इस मुद्दे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे। इसके बाद अधिकारी को लौट गए, लेकिन भारी पुलिस बल गांव में ही तैनात रहा।
राजपूत समाज से कोई नाराजगी नहीं
अनुसूचित समाज के मनवीर सिंह, सुदेश कुमार सहित अन्य ने कहा राजपूत समाज से उन्हें कोई नाराजगी नहीं है। वे तो बस मौलिक अधिकार के तहत पुराने रूट से शोभायात्रा का आयोजन करना चाहते हैं, सरकारी तंत्र ही अब इसमें दखल कर रहा है। यह ठीक नहीं है।
राजपूत बस्ती में पसरा रहा सन्नाटा
बड़गांव। शनिवार को पूरा दिन संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर शब्बीरपुर गांव छावनी में तब्दील रहा। अनुसूचित बस्ती से लेकर पूरे गांव में हर चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन राजपूत बस्ती की सड़कें सूनी रही। इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से नानौता, तीतरो, देवबंद, रामपुर मनिहारान, नागल व बड़गांव सहित कई थानों की फोर्स के अलावा पीएसी पुलिस बल के साथ दमकल विभाग की गाड़ी को तैनात किया।
गांव में वर्ष 1978 से पुराने रूट से ही शोभायात्रा निकाली जा रही है। केवल बीच के दो वर्षों में नए रूट से शोभायात्रा निकाली जा रही है। वे पुराने रूट से ही शोभायात्रा निकालेंगे। भले ही उन्हें इसके लिए सुप्रीम कोर्ट क्यों ना जाना पड़े।
सुदेश कुमार, शोभायात्रा आयोजक।
माननीय हाईकोर्ट ने जो रूट शोभायात्रा के लिए तय किया, पुलिस उसी रूट से शोभायात्रा निकलवाने के लिए सुबह से गांव में मौजूद रही। किसी अन्य रूट से शोभायात्रा निकलने देने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। यह माननीय हाईकोर्ट की अवहेलना होगी। गांव में पूरी तरह से शांति है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया।
- विद्या सागर मिश्र एसपी देहात।