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Saharanpur News: महिला लिपिक की मुश्किलें और बढ़ीं, शुरू हुई एक और जांच
Mon, 02 Jun 2025 12:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 02 Jun 2025 12:07 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम के गृहकर एवं जलकर अनुभाग की महिला लिपिक की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नए नगर आयुक्त ने एक और जांच बिठा दी है। अपर नगर आयुक्त प्रथम को जांच अधिकारी बनाया है। एक महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला लिपिक ने नामांतरण की फाइल पर अपने उच्चाधिकारियों के हस्ताक्षर खुद कर लिए थे। इसके बाद फाइल गृहकर एवं जलकर अनुभाग के तत्कालीन प्रभारी/अपर नगर आयुक्त राजेश यादव के पास गई थी। उन्हें मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, कर निर्धारण अधिकारी और कर अधीक्षक के हस्ताक्षरों पर शक हुआ था, तो उन्होंने फाइल वापस करते हुए पूछताछ की थी, जिसमें एक अधिकारी ने हस्ताक्षर उनके नहीं होने की बात स्वीकार की थी, जबकि दो अधिकारियों ने गोलमोल जवाब दिया था। इसके बाद लिपिक को निलंबित करते हुए तत्कालीन अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी को जांच अधिकारी बनाया था।
सत्येंद्र तिवारी के स्थानांतरित हो जाने के बाद नए अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय को जांच अधिकारी नामित किया गया था। इसमें आरोपी लिपिक पर सात आरोप अधिरोपित किए। जांच अधिकारी पत्रावली की मांग करते रहे। सात में से एक पत्रावली गुम हो जाने की बात उन्हें कही गई थी। इसके बाद पूर्व नगर आयुक्त संजय चौहान के द्वारा भी पत्रावली गुम होने के मामले में गृहकर एवं जलकर अनुभाग के अधिकारियों को सख्ती भरे पत्र लिखे गए।
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पिछले दिनों पत्रावली गुम होने के मामले में लिपिक पर एफआईआर भी कराई गई है, साथ ही नए नगर आयुक्त शिपू गिरि ने जांच बिठाई है। अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार यादव को जांच अधिकारी नामित किया गया है। एक महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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महिला लिपिक ने नामांतरण की फाइल पर अपने उच्चाधिकारियों के हस्ताक्षर खुद कर लिए थे। इसके बाद फाइल गृहकर एवं जलकर अनुभाग के तत्कालीन प्रभारी/अपर नगर आयुक्त राजेश यादव के पास गई थी। उन्हें मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, कर निर्धारण अधिकारी और कर अधीक्षक के हस्ताक्षरों पर शक हुआ था, तो उन्होंने फाइल वापस करते हुए पूछताछ की थी, जिसमें एक अधिकारी ने हस्ताक्षर उनके नहीं होने की बात स्वीकार की थी, जबकि दो अधिकारियों ने गोलमोल जवाब दिया था। इसके बाद लिपिक को निलंबित करते हुए तत्कालीन अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी को जांच अधिकारी बनाया था।
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सत्येंद्र तिवारी के स्थानांतरित हो जाने के बाद नए अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय को जांच अधिकारी नामित किया गया था। इसमें आरोपी लिपिक पर सात आरोप अधिरोपित किए। जांच अधिकारी पत्रावली की मांग करते रहे। सात में से एक पत्रावली गुम हो जाने की बात उन्हें कही गई थी। इसके बाद पूर्व नगर आयुक्त संजय चौहान के द्वारा भी पत्रावली गुम होने के मामले में गृहकर एवं जलकर अनुभाग के अधिकारियों को सख्ती भरे पत्र लिखे गए।
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पिछले दिनों पत्रावली गुम होने के मामले में लिपिक पर एफआईआर भी कराई गई है, साथ ही नए नगर आयुक्त शिपू गिरि ने जांच बिठाई है। अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार यादव को जांच अधिकारी नामित किया गया है। एक महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।