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Saharanpur News: दूर होगी सीवर चौक होने की समस्या, बन रहा आईपीएस
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी में अब सीवर चौक होने की समस्या दूर होगी। दरअसल, ढमोला नदी पर आईपीएस यानी इंटर पंपिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है, जो शहर के सीवरेज को पंपिंग कर एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाएगा। आईपीएस का कार्य प्रगति पर है, जिसे बरसात से पहले पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर के 21 वार्डों को एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) निर्धारित किया गया था। इन वार्डों में नए सिरे से विकास कार्य होने थे। स्मार्ट सिटी योजना के ही तहत इन वार्डों में नई सीवर लाइनें बिछाई गई हैं। हालांकि कुछ वार्ड एबीडी की परिकल्पना यानी कांसेप्ट खत्म होने के बाद छोड़ दिए गए हैं, लेकिन परियोजना के शेष कार्यों को पूर्ण किया जा रहा है। एबीडी में शामिल 21 वार्डों के सीवरेज को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए कार्यदाई संस्था जल निगम ग्रामीण द्वारा एसएएम इंटर कॉलेज के सामने ढमोला नदी पर आईपीएस का निर्माण किया जा रहा है। इसकी क्षमता 32.46 एमएलडी की होगी। यानी प्रतिदिन 32.46 मिलियन लीटर सीवरेज को पंपिंग कर यह एसटीपी तक पहुंचाएगा। इसके लिए वार्डों की छोटी लाइनों को अंबाला रोड और देहरादून रोड से होते हुए आईपीएस तक लाया गया है। यह कार्य सीवर डालने के दौरान हो चुका है। आईपीएस बनने के बाद उक्त सीवर लाइन को आईपीएस से जोड़ा जाएगा।
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प्रतिदिन निकलता है 135 एमएलडी सीवरेज
महानगर के सभी 70 वार्डों से प्रतिदिन करीब 135 एमएलडी सीवरेज निकलता है। महानगर में कई दशक पुराना केवल 28 एमएलडी का एसटीपी है। यानी 135 एमएलडी सीवरेज में से प्रतिदिन केवल 28 एमएलडी सीवरेज का ही ट्रीटमेंट हो पाता है। शेष सीवरेज पांवधोई और ढमोला में ऐसे ही छोड़ा जाता है। इसकी वजह से दोनों नदियां दूषित हो चुकी हैं, लेकिन नमामि गंगे योजना के तहत 135 एमएलडी का एसटीपी प्रस्तावित है, जिस पर जल्द कार्य शुरू होगा। नए बन रहे आईपीएस के जरिए 21 वार्डों का सीवरेज नए एसटीपी में ही जाएगा।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत एबीडी क्षेत्र के करीब 21 वार्डों में नई सीवर लाइनें बिछाई गई हैं। उक्त वार्डों के सीवरेज को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए जल निगम स्मार्ट सिटी योजना के बजट से ही ढमोला नदी पर 32.46 एमएलडी की क्षमता का वाला आईपीएस बना रहा है। आईपीएस के जरिए एबीडी क्षेत्र के वार्डों का सीवरेज एसटीपी तक पहुंचाने की योजना है।
रुचिन यादव, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर के 21 वार्डों को एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) निर्धारित किया गया था। इन वार्डों में नए सिरे से विकास कार्य होने थे। स्मार्ट सिटी योजना के ही तहत इन वार्डों में नई सीवर लाइनें बिछाई गई हैं। हालांकि कुछ वार्ड एबीडी की परिकल्पना यानी कांसेप्ट खत्म होने के बाद छोड़ दिए गए हैं, लेकिन परियोजना के शेष कार्यों को पूर्ण किया जा रहा है। एबीडी में शामिल 21 वार्डों के सीवरेज को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए कार्यदाई संस्था जल निगम ग्रामीण द्वारा एसएएम इंटर कॉलेज के सामने ढमोला नदी पर आईपीएस का निर्माण किया जा रहा है। इसकी क्षमता 32.46 एमएलडी की होगी। यानी प्रतिदिन 32.46 मिलियन लीटर सीवरेज को पंपिंग कर यह एसटीपी तक पहुंचाएगा। इसके लिए वार्डों की छोटी लाइनों को अंबाला रोड और देहरादून रोड से होते हुए आईपीएस तक लाया गया है। यह कार्य सीवर डालने के दौरान हो चुका है। आईपीएस बनने के बाद उक्त सीवर लाइन को आईपीएस से जोड़ा जाएगा।
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प्रतिदिन निकलता है 135 एमएलडी सीवरेज
महानगर के सभी 70 वार्डों से प्रतिदिन करीब 135 एमएलडी सीवरेज निकलता है। महानगर में कई दशक पुराना केवल 28 एमएलडी का एसटीपी है। यानी 135 एमएलडी सीवरेज में से प्रतिदिन केवल 28 एमएलडी सीवरेज का ही ट्रीटमेंट हो पाता है। शेष सीवरेज पांवधोई और ढमोला में ऐसे ही छोड़ा जाता है। इसकी वजह से दोनों नदियां दूषित हो चुकी हैं, लेकिन नमामि गंगे योजना के तहत 135 एमएलडी का एसटीपी प्रस्तावित है, जिस पर जल्द कार्य शुरू होगा। नए बन रहे आईपीएस के जरिए 21 वार्डों का सीवरेज नए एसटीपी में ही जाएगा।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत एबीडी क्षेत्र के करीब 21 वार्डों में नई सीवर लाइनें बिछाई गई हैं। उक्त वार्डों के सीवरेज को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए जल निगम स्मार्ट सिटी योजना के बजट से ही ढमोला नदी पर 32.46 एमएलडी की क्षमता का वाला आईपीएस बना रहा है। आईपीएस के जरिए एबीडी क्षेत्र के वार्डों का सीवरेज एसटीपी तक पहुंचाने की योजना है।
रुचिन यादव, अधिशासी अभियंता, जल निगम।