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विश्वविद्यालय शुरू होने के बाद भी रहेगी दाखिले की समस्या
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सहारनपुर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय शुरू होने के बाद भी स्नातक में दाखिले की समस्या कम नहीं हुई है। क्योंकि विश्वविद्यालय का केवल प्रशासनिक भवन शुरू हुआ है, जबकि महाविद्यालयों की संख्या और उनमें सीटों की संख्या पूर्व की तरह ही है। ऐसे में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए गत वर्षों की तरह ही मारामारी की स्थिति रहने वाली है।
यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा में इस बार 32,586 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 30,980 ने परीक्षा दी है। परिणाम 85.51 फीसदी रहा है, जिसके हिसाब से जनपद में 26,492 विद्यार्थियों ने सफलता पाई है। जबकि सहारनपुर के राजकीय और एडेड महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष की सीटें मात्र 5420 हैं। जनपद में सात राजकीय महाविद्यालय हैं, जिनमें बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष की कुल 1,440 सीटें हैं। पांच एडेड महाविद्यालय हैं, जिनमें बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष की 3,980 सीटें हैं। इनके अलावा ग्लोकल विश्वविद्यालय और शोभित विश्वविद्यालय और असंख्य स्ववित्तपोषित महाविद्यालय हैं, लेकिन वहां की मोटी फीस को लेकर ज्यादातर विद्यार्थी खासकर यूपी बोर्ड से पास विद्यार्थी राजकीय और एडेड महाविद्यालयों को ही प्राथमिकता देते हैं।
सीटों की स्थिति
विद्यालय बीए बीकॉम बीएससी
राजकीय 420 300 720
एडेड 1940 480 1560
यमुनानगर और मेरठ जाते हैं युवा
जनपद में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों की पहली पसंद यमुनानगर होता है। बता दें कि यमुनानगर हरियाणा का सीमांत जिला है, जिसकी सीमा सहारनपुर से मिली हुई है। यमुनानगर में उच्च शिक्षा के लिहाज से काफी कॉलेज हैं, जिनका सत्र भी समय से चलता है। चूंकि सहारनपुर से यमुनानगर के लिए दिन में कई रेलगाड़ियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में विद्यार्थी यमुनानगर के कॉलेजों को प्राथमिकता देते हैं। प्रतिदिन सुबह-सुबह बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए यमुनानगर रवाना होते हैं। यमुनानगर के बाद विद्यार्थी मेरठ और दिल्ली आदि का रुख करते हैं।
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यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा में इस बार 32,586 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 30,980 ने परीक्षा दी है। परिणाम 85.51 फीसदी रहा है, जिसके हिसाब से जनपद में 26,492 विद्यार्थियों ने सफलता पाई है। जबकि सहारनपुर के राजकीय और एडेड महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष की सीटें मात्र 5420 हैं। जनपद में सात राजकीय महाविद्यालय हैं, जिनमें बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष की कुल 1,440 सीटें हैं। पांच एडेड महाविद्यालय हैं, जिनमें बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष की 3,980 सीटें हैं। इनके अलावा ग्लोकल विश्वविद्यालय और शोभित विश्वविद्यालय और असंख्य स्ववित्तपोषित महाविद्यालय हैं, लेकिन वहां की मोटी फीस को लेकर ज्यादातर विद्यार्थी खासकर यूपी बोर्ड से पास विद्यार्थी राजकीय और एडेड महाविद्यालयों को ही प्राथमिकता देते हैं।
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सीटों की स्थिति
विद्यालय बीए बीकॉम बीएससी
राजकीय 420 300 720
एडेड 1940 480 1560
यमुनानगर और मेरठ जाते हैं युवा
जनपद में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों की पहली पसंद यमुनानगर होता है। बता दें कि यमुनानगर हरियाणा का सीमांत जिला है, जिसकी सीमा सहारनपुर से मिली हुई है। यमुनानगर में उच्च शिक्षा के लिहाज से काफी कॉलेज हैं, जिनका सत्र भी समय से चलता है। चूंकि सहारनपुर से यमुनानगर के लिए दिन में कई रेलगाड़ियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में विद्यार्थी यमुनानगर के कॉलेजों को प्राथमिकता देते हैं। प्रतिदिन सुबह-सुबह बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए यमुनानगर रवाना होते हैं। यमुनानगर के बाद विद्यार्थी मेरठ और दिल्ली आदि का रुख करते हैं।
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