{"_id":"69a1f2aedc4cfe5cd107d5f4","slug":"the-portal-is-increasing-the-trouble-people-are-sweating-while-depositing-taxes-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-170317-2026-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: पोर्टल बढ़ा रहा परेशानी, टैक्स जमा करने में छूट रहे पसीने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: पोर्टल बढ़ा रहा परेशानी, टैक्स जमा करने में छूट रहे पसीने
Sat, 28 Feb 2026 01:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 28 Feb 2026 01:08 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। व्यावसायिक वाहनों का टैक्स जमा करने के लिए संभागीय परिवहन विभाग वन टाइम टैक्स (ओटीटी) योजना लाया है, ताकि टैक्स एकमुश्त में तेजी से जमा कराया जाए, लेकिन इससे जुड़े पोर्टल ने परेशानी बढ़ा दी है। पोर्टल पर कुछ बिंदुओं में खामियां आने से वाहन मालिकों को टैक्स जमा करने में पसीने छूट रहे हैं।
जिले में 30 जनवरी से व्यावसायिक वाहन संचालकों को टैक्स देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत निर्माण कार्य में लगने वाले वाहन पर 7500 किलोग्राम से कम पर छह फीसदी ओटीटी का प्रावधान है, लेकिन जो वाहन इससे अधिक वजन के हैं, उनमें ओटीटी लेने का विकल्प उपलब्ध नहीं है। निर्माण वाले वाहनों में भार का कोई संबंध नहीं है और सभी पर छह फीसदी टैक्स जमा होना चाहिए। वहीं वाहन मालिकों का ओटीटी योजना में किस्त में टैक्स जमा और पेनल्टी माफ करने का प्रावधान होता तो ज्यादा बेहतर होता।
ओटीटी जमा होने के बाद टैक्स क्लीयरेंस भी पोर्टल पर नहीं दिख रहा है। पूर्व में टैक्स जमा होने के बाद भी कई वाहनों पर अनावश्यक पेनल्टी दिख रही है। इसके अलावा वाहन के रंग में बदलाव, वाहन समर्पण, पंजीयन निरस्तीकरण के समय आवश्यक दस्तावेज अपलोड की व्यवस्था नहीं है। इन समस्याओं को लेकर वाहन मालिक परिवहन विभाग कार्यालय व पोर्टल पर टैक्स जमा करने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -
-- अभी तक 14 लाख ही जमा हुआ टैक्स
वन टाइम टैक्स (ओटीटी) योजना के तहत अभी तक करीब 14 लाख रुपये ही टैक्स जमा हो पाया है। यह केवल 32 वाहन मालिकों ने ही जमा किया है, जबकि जिले में ओटीटी योजना के दायरे में करीब 10 हजार व्यावसायिक वाहन हैं, जिन्हें टैक्स जमा करना है। पोर्टल में दिक्कत से परेशानी बढ़ रही है।
-- -- --
ओटीटी योजना के तहत टैक्स जमा करने के दौरान कुछ कमियां सामने आ रही हैं। इस संबंध में मुख्यालय को अवगत कराया जा चुका है। संभव है कि जल्द ही पोर्टल में संशोधन से वाहन मालिकों को राहत मिलेगी।
- मानवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
जिले में 30 जनवरी से व्यावसायिक वाहन संचालकों को टैक्स देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत निर्माण कार्य में लगने वाले वाहन पर 7500 किलोग्राम से कम पर छह फीसदी ओटीटी का प्रावधान है, लेकिन जो वाहन इससे अधिक वजन के हैं, उनमें ओटीटी लेने का विकल्प उपलब्ध नहीं है। निर्माण वाले वाहनों में भार का कोई संबंध नहीं है और सभी पर छह फीसदी टैक्स जमा होना चाहिए। वहीं वाहन मालिकों का ओटीटी योजना में किस्त में टैक्स जमा और पेनल्टी माफ करने का प्रावधान होता तो ज्यादा बेहतर होता।
विज्ञापन
ओटीटी जमा होने के बाद टैक्स क्लीयरेंस भी पोर्टल पर नहीं दिख रहा है। पूर्व में टैक्स जमा होने के बाद भी कई वाहनों पर अनावश्यक पेनल्टी दिख रही है। इसके अलावा वाहन के रंग में बदलाव, वाहन समर्पण, पंजीयन निरस्तीकरण के समय आवश्यक दस्तावेज अपलोड की व्यवस्था नहीं है। इन समस्याओं को लेकर वाहन मालिक परिवहन विभाग कार्यालय व पोर्टल पर टैक्स जमा करने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
वन टाइम टैक्स (ओटीटी) योजना के तहत अभी तक करीब 14 लाख रुपये ही टैक्स जमा हो पाया है। यह केवल 32 वाहन मालिकों ने ही जमा किया है, जबकि जिले में ओटीटी योजना के दायरे में करीब 10 हजार व्यावसायिक वाहन हैं, जिन्हें टैक्स जमा करना है। पोर्टल में दिक्कत से परेशानी बढ़ रही है।
ओटीटी योजना के तहत टैक्स जमा करने के दौरान कुछ कमियां सामने आ रही हैं। इस संबंध में मुख्यालय को अवगत कराया जा चुका है। संभव है कि जल्द ही पोर्टल में संशोधन से वाहन मालिकों को राहत मिलेगी।
- मानवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन