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मंदिर बनते ही समाप्त हो गया था प्लैग

Fri, 16 Apr 2021 12:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Apr 2021 12:14 AM IST
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The plague ended as soon as the temple was built
चिलकाना स्थित देवी बाला सुंदरी माता का मंदिर - फोटो : SAHARANPUR
चिलकाना (सहारनपुर)। कस्बे में बस स्टैंड के समीप स्थित सिद्धपीठ देवी बाला सुंदरी मंदिर की अपनी महत्ता है। बताते हैं कि करीब सौ वर्ष पूर्व इलाके में प्लेग फैला था। जिससे बड़ी संख्या में लोग मौत के आगोश में समा गए थे। इसी दौरान मां भगवती ने एक बाल विधवा के स्वप्न आकर कस्बे में अपना मंदिर बनाने के लिए कहा था। कस्बे के प्रतिष्ठित लाला लक्ष्मीचंद सिंघल परिवार ने देवी मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर बनने तथा पूजा अर्चना करने से प्लेग क्षेत्र से रहस्यमय ढंग से खत्म हो गया था। यहां देवी बाला सुंदरी का मेला प्रतिवर्ष चैत्र माह की चतुर्दशी को लगता है। हर नवरात्र पर यहां श्रद्धालु मां के दरबार में प्रसाद चढ़ाने आते हैं। इसके अतिरिक्त हर चतुर्दशी पर भक्त यहां प्रसाद चढ़ाते हैं। वर्तमान में लालाजी के सुपुत्र पवन सिंघल मेले तथा मंदिर की व्यवस्था देखते हैं।
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सच्चे मन से मांगी मुरादें होती हैं पूरी
देवी बाला सुंदरी मंदिर की मान्यता है कि भक्त यहां सच्चे मन से मनौती मानता है तो उसकी इच्छा अवश्य पूरी होती है। आसपास के राज्यों से लोग मनौती पूरी होने पर प्रसाद चढ़ाने आते हैं। मंदिर परिसर में ही मां काली की सिद्धपीठ है। यहां भगवान शिव तथा हनुमान जी की भी नियमित पूजा-अर्चना होती है।
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मंदिर परिसर के पुजारी दिनेश शर्मा के पुत्र अजय शर्मा ने बताया कि चैत्र माह के मेले के अतिरिक्त हर चतुर्दशी पर श्रद्धालु मां को प्रसाद चढ़ाने आते हैं। लोगों के मन में श्रद्धा ही उन्हें मां के दरबार तक लाती है। मंदिर में बैठकर ध्यान लगाने से श्रद्धालुओं को सुकून मिलता है। मां भगवती के मंदिर की व्यवस्था विनोद भारद्वाज देखते हैं।
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मां देवी बाला सुंदरी मंदिर की व्यवस्था देखने वाले श्रद्धालु राजीव सिंघल ने बताया कि मां का आशीर्वाद पूरे क्षेत्र के साथ-साथ उनके परिवार पर बना है। माता सभी की खाली झोलियां भर्ती हैं। सच्चे मन से मां का स्मरण कर शुरू किया जाने वाला कार्य अवश्य पूर्ण होता है।

गर्भ गृह में स्थित माता की मूर्ति।

गर्भ गृह में स्थित माता की मूर्ति।- फोटो : SAHARANPUR

पुजारी अजय शर्मा

पुजारी अजय शर्मा- फोटो : SAHARANPUR

राजीव कुमार सिंघल

राजीव कुमार सिंघल- फोटो : SAHARANPUR

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