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पार्क बदहाल, तालाब का भी बुरा हाल
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- कैलाशपुर में आंबेडकर पार्क के मुख्य गेट पर उगी घास और पेड़
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कैलाशपुर में बना आंबेडकर पार्क उपेक्षा के कारण बदहाल हो रहा है। पार्क के अंदर तालाब पॉलिथीन और अन्य गंदगी से अटा है, जिससे आसपास इलाके में दुर्गंध फैल रही है। पार्क में मरम्मत और रखरखाव का भी अभाव है, जिस कारण यहां लोग अब घू्मने की बजाय इसकी तरफ झांकना भी पसंद नहीं कर रहे हैं।
देहरादून रोड पर कैलाशपुर में आंबेडकर पार्क बनाते समय इसमें आसपास क्षेत्र के लोगों के घूमने के लिहाज से कई सुविधाएं दी गई थीं। पार्क के भीतर तालाब के किनारे पर झूले लगाए गए थे, तो लाइट लैंप से इसकी सजावट की गई थी, साथ ही पार्क को सुंदर स्वरूप देने के लिए कई फूलवाले पौधों की बगीची बनाई थी, जिसमें बैठने को बेंच तक लगवाए गए थे। अब आलम यह है कि देहरादून से जैसे ही इस पार्क के मुख्य द्वार में प्रवेश करते हैं तो द्वार की हालत ही पार्क के भीतर के हाल को बयां कर देती है। मुख्य द्वार जर्जर हो चुका है और उसमें पेड़ तथा घास भी उगी हुई है। इसके अलावा पार्क में झूले जर्जर हो चुके हैं, लाइट लैंप और बेंच टूट चुकी है। पार्क के तीन तरफ फैला तालाब भी सफाई न होने और अनदेखी के कारण गंदगी से अटा हुआ है। पास के गांव कैलाशपुर सहित अन्य जगहों का गंदा पानी इस तालाब में पहुंचाया जा रहा है। गंदे पानी के साथ ही पॉलिथीन और अन्य कचरा भी इसमें पहुंच रहा है। इसका प्रभाव यह है कि कैलाशपुर में मुख्य मार्ग पर खड़े होकर भी तालाब की गंदगी के कारण बदबू का प्रभाव रहता है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने किया था प्रतिमा का अनावरण
आंबेडकर पार्क में वर्ष 1997 में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना हुई थी। इसका अनावरण तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने किया था। अब इस प्रतिमा की भी अनदेखी हो रही है, जिससे वहां गंदगी फैली हुई है।
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कैलाशपुर के आंबेडकर पार्क में वन विभाग के क्षेत्रीय वनाधिकारी का कार्यालय है। पार्क के रख-रखाव और मरम्मत आदि कार्य के लिए बजट की डिमांड की जाएगी। -- ईश्वरचंद सिंह, जिला वनाधिकारी, सामाजिक वानिकी
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देहरादून रोड पर कैलाशपुर में आंबेडकर पार्क बनाते समय इसमें आसपास क्षेत्र के लोगों के घूमने के लिहाज से कई सुविधाएं दी गई थीं। पार्क के भीतर तालाब के किनारे पर झूले लगाए गए थे, तो लाइट लैंप से इसकी सजावट की गई थी, साथ ही पार्क को सुंदर स्वरूप देने के लिए कई फूलवाले पौधों की बगीची बनाई थी, जिसमें बैठने को बेंच तक लगवाए गए थे। अब आलम यह है कि देहरादून से जैसे ही इस पार्क के मुख्य द्वार में प्रवेश करते हैं तो द्वार की हालत ही पार्क के भीतर के हाल को बयां कर देती है। मुख्य द्वार जर्जर हो चुका है और उसमें पेड़ तथा घास भी उगी हुई है। इसके अलावा पार्क में झूले जर्जर हो चुके हैं, लाइट लैंप और बेंच टूट चुकी है। पार्क के तीन तरफ फैला तालाब भी सफाई न होने और अनदेखी के कारण गंदगी से अटा हुआ है। पास के गांव कैलाशपुर सहित अन्य जगहों का गंदा पानी इस तालाब में पहुंचाया जा रहा है। गंदे पानी के साथ ही पॉलिथीन और अन्य कचरा भी इसमें पहुंच रहा है। इसका प्रभाव यह है कि कैलाशपुर में मुख्य मार्ग पर खड़े होकर भी तालाब की गंदगी के कारण बदबू का प्रभाव रहता है।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने किया था प्रतिमा का अनावरण
आंबेडकर पार्क में वर्ष 1997 में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना हुई थी। इसका अनावरण तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने किया था। अब इस प्रतिमा की भी अनदेखी हो रही है, जिससे वहां गंदगी फैली हुई है।
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कैलाशपुर के आंबेडकर पार्क में वन विभाग के क्षेत्रीय वनाधिकारी का कार्यालय है। पार्क के रख-रखाव और मरम्मत आदि कार्य के लिए बजट की डिमांड की जाएगी। -- ईश्वरचंद सिंह, जिला वनाधिकारी, सामाजिक वानिकी

- कैलाशपुर में बना बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर पार्क- फोटो : SAHARANPUR

- कैलाशपुर स्थित आंबेडकर पार्क के तालाब में अटी गंदगी- फोटो : SAHARANPUR