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अमर उजाला अभियान- शहर बढ़ा सविधाएं नहीं
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ढमोला नदी की टूटी ग्रिल जो देती दुर्घटना को दावत
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। दस वर्ष पहले शहर में शामिल किए गए 32 गांवों को शहर का दर्जा तो मिला, मगर वहां के हालातों में कोई खास फर्क अभी तक नहीं आया है। कई गांव ऐसे हैं, जहां नगर निगम अभी तक पेयजल, सड़क, नाली और सफाई तक की व्यवस्था नहीं कर सका है। कई जगह के लोग नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। अमर उजाला ने बाहरी कॉलोनियों के नाम से पुकारे जाने वाले कुछ गांवों का दौरा कर वहां नगर निगम की ओर से दी जा रही सुविधाओं की जमीनी पड़ताल करने का प्रयास किया। पेश है रिपोर्ट...
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दो साल में भी पेयजल नहीं
शहर की बाहरी कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था के लिए वर्ष 2019 में अमृत योजना के तहत करीब 100 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। कार्य तीन चरणों में पूरा होना था। पहले चरण के लिए 28.35 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इससे सात नलकूप, चार ओवरहेड टैंक, 104 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई गई। जिनमें पानी की आपूर्ति चालू की जा चुकी है। दूसरे चरण के लिए 27 करोड़ 59 लाख रुपये जारी किए गए थे। इस राशि से तीन ओवरहेड टैंक और पांच नलकूप लगाए जाने थे। 103.45 किलोमीटर की पाइपलाइन करीब डेढ़ वर्ष पहले डाली जा चुकी है। दूसरे चरण में 7060 घरों में नए कनेक्शन दिए जाने थे। पाइपलाइन बिछे डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। मगर अभी तक पेयजल आपूर्ति का ट्रायल ही चल रहा है। वार्ड संख्या आठ के गांव ज्ञानागढ़, हसनपुर, बिशनपुर, चकदेवली इसके बेहतर उदाहरण हैं।
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नंदपुरी कॉलोनी में सड़क- नाली तक नहीं
शहर के आईटीसी रोड क्षेत्र स्थित नंदपुरी कॉलोनी का एक हिस्सा बद से बदतर हाल में है। कॉलोनी में सड़क और नालियां तक नहीं हैं। एक पूरा मोहल्ला तालाब बना हुआ है, जिसमें निकासी का पानी भरने की वजह से कई परिवार पलायन कर चुके हैं। जलभराव की वजह से मकान जर्जर हो चुके हैं। सड़क और नालियां नहीं होने की वजह से सफाई व्यवस्था तक नहीं बन पाती है। उधर, पुराना कलसिया रोड की भीष्मनगर से पांवधोई नदी के पुल तक हालत भी बद से बदतर है।
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सीवर और सफाई व्यवस्था नहीं
शहर में शामिल 32 गांवों में अभी तक नगर निगम सीवर लाइन भी नहीं डाल सका है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं है, जिसका नतीजा यह है कि गांव रामगढ़, कोलागढ़ आदि में आज भी कुरड़ी डाली जा रही हैं।
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नाला बना जलभराव की वजह
मानकमऊ क्षेत्र स्थित मोबिन नगर बिल्सनवाला बाग कॉलोनी में सड़कें और नालियां नहीं हैं। पानी की निकासी की व्यवस्था पहले नहीं थी। नगर निगम ने करीब छह माह पहले नाला बनाया है, मगर नाला सड़क से डेढ़ फुट ऊंचा बना दिया है, जिसकी वजह से वह कॉलोनीवासियों के काम नहीं आ रहा है। नाले ने कॉलोनी को दो हिस्सों में बांट दिया है। दोनों हिस्सों में जलभराव और गंदगी है।
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शहर की बाहरी कॉलोनियों में विकास हुए हैं। पथ प्रकाश के लिए सभी कॉलोनियों में एलईडी लाइटें लगवाई गई हैं। सफाई व्यवस्था के लिए सफाईकर्मी लगे हैं। सामुुदायिक शौचालय और व्यक्तिगत शौचालय बनवाए गए हैं। पेयजल के लिए जल निगम के स्तर से कार्य रुका हुआ है।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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दो साल में भी पेयजल नहीं
शहर की बाहरी कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था के लिए वर्ष 2019 में अमृत योजना के तहत करीब 100 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। कार्य तीन चरणों में पूरा होना था। पहले चरण के लिए 28.35 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इससे सात नलकूप, चार ओवरहेड टैंक, 104 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई गई। जिनमें पानी की आपूर्ति चालू की जा चुकी है। दूसरे चरण के लिए 27 करोड़ 59 लाख रुपये जारी किए गए थे। इस राशि से तीन ओवरहेड टैंक और पांच नलकूप लगाए जाने थे। 103.45 किलोमीटर की पाइपलाइन करीब डेढ़ वर्ष पहले डाली जा चुकी है। दूसरे चरण में 7060 घरों में नए कनेक्शन दिए जाने थे। पाइपलाइन बिछे डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। मगर अभी तक पेयजल आपूर्ति का ट्रायल ही चल रहा है। वार्ड संख्या आठ के गांव ज्ञानागढ़, हसनपुर, बिशनपुर, चकदेवली इसके बेहतर उदाहरण हैं।
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नंदपुरी कॉलोनी में सड़क- नाली तक नहीं
शहर के आईटीसी रोड क्षेत्र स्थित नंदपुरी कॉलोनी का एक हिस्सा बद से बदतर हाल में है। कॉलोनी में सड़क और नालियां तक नहीं हैं। एक पूरा मोहल्ला तालाब बना हुआ है, जिसमें निकासी का पानी भरने की वजह से कई परिवार पलायन कर चुके हैं। जलभराव की वजह से मकान जर्जर हो चुके हैं। सड़क और नालियां नहीं होने की वजह से सफाई व्यवस्था तक नहीं बन पाती है। उधर, पुराना कलसिया रोड की भीष्मनगर से पांवधोई नदी के पुल तक हालत भी बद से बदतर है।
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सीवर और सफाई व्यवस्था नहीं
शहर में शामिल 32 गांवों में अभी तक नगर निगम सीवर लाइन भी नहीं डाल सका है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं है, जिसका नतीजा यह है कि गांव रामगढ़, कोलागढ़ आदि में आज भी कुरड़ी डाली जा रही हैं।
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नाला बना जलभराव की वजह
मानकमऊ क्षेत्र स्थित मोबिन नगर बिल्सनवाला बाग कॉलोनी में सड़कें और नालियां नहीं हैं। पानी की निकासी की व्यवस्था पहले नहीं थी। नगर निगम ने करीब छह माह पहले नाला बनाया है, मगर नाला सड़क से डेढ़ फुट ऊंचा बना दिया है, जिसकी वजह से वह कॉलोनीवासियों के काम नहीं आ रहा है। नाले ने कॉलोनी को दो हिस्सों में बांट दिया है। दोनों हिस्सों में जलभराव और गंदगी है।
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शहर की बाहरी कॉलोनियों में विकास हुए हैं। पथ प्रकाश के लिए सभी कॉलोनियों में एलईडी लाइटें लगवाई गई हैं। सफाई व्यवस्था के लिए सफाईकर्मी लगे हैं। सामुुदायिक शौचालय और व्यक्तिगत शौचालय बनवाए गए हैं। पेयजल के लिए जल निगम के स्तर से कार्य रुका हुआ है।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।

कोर्ट रोड़ पुल पर दुर्घटना को देती दावत टूटी ग्रिल- फोटो : SAHARANPUR

लिंक रोड़ ढ़मोला नदी पुल पर टूटी रोड़ जो दुर्घटना को देती दावत- फोटो : SAHARANPUR