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Saharanpur News: दूसरों को दे रहे सीख, खुद सबक नहीं ले रहे अधिकारी
Tue, 06 Jan 2026 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:11 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम के अधिकारी दूसरों को सीख दे रहे हैं, लेकिन खुद सबक नहीं ले रहे हैं। मामला गोबर और गोमूत्र को सीधे नालियों में बहाने से जुड़ा है। नगर निगम दावा करता है कि उसकी गोशाला प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की नंबर एक गोशाला है, लेकिन गोशाला से निकलने वाला गंदा पानी सीधे तालाब में छोड़ा जा रहा है।
महानगर में चल रही डेयरियों पर नगर निगम की पैनी नजर रहती है। यदि डेयरियों द्वारा गोबर युक्त कचरा नालियों में बहाया जाता है तो नगर निगम डेयरी संचालक पर जुर्माना लगाने के साथ ही उसके मवेशियों को जब्त तक करने की कार्रवाई करता है। बीते करीब एक दशक से ऐसा चल रहा है, लेकिन खुद नगर निगम तालाब को दूषित कर रहा है।
नगर निगम द्वारा संचालित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गोशाला में इस समय 590 गोवंश रखा जा रहा है। नगर निगम गोबर और गोमूत्र से उत्पाद तैयार करता है, लेकिन उसके बावजूद भारी मात्रा में गोबर और गोमूत्र नाली में बहाया जाता है, जो आकर तालाब में गिरता है।
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गोशाला में गोवंश के नीचे सफाई के लिए गोशाला के कर्मचारी पाइप लगाकर पानी से धुलाई करते हैं, जिससे भारी मात्रा में दूषित पानी बहकर तालाब में जाता है।
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महानगर में चल रही डेयरियों पर नगर निगम की पैनी नजर रहती है। यदि डेयरियों द्वारा गोबर युक्त कचरा नालियों में बहाया जाता है तो नगर निगम डेयरी संचालक पर जुर्माना लगाने के साथ ही उसके मवेशियों को जब्त तक करने की कार्रवाई करता है। बीते करीब एक दशक से ऐसा चल रहा है, लेकिन खुद नगर निगम तालाब को दूषित कर रहा है।
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नगर निगम द्वारा संचालित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गोशाला में इस समय 590 गोवंश रखा जा रहा है। नगर निगम गोबर और गोमूत्र से उत्पाद तैयार करता है, लेकिन उसके बावजूद भारी मात्रा में गोबर और गोमूत्र नाली में बहाया जाता है, जो आकर तालाब में गिरता है।
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गोशाला में गोवंश के नीचे सफाई के लिए गोशाला के कर्मचारी पाइप लगाकर पानी से धुलाई करते हैं, जिससे भारी मात्रा में दूषित पानी बहकर तालाब में जाता है।