{"_id":"58a5f0694f1c1bd257d84c95","slug":"the-new-equation-will-make-the-rain-of-votes-in-the-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोटों की बारिश जिले में बनाएगी नए समीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वोटों की बारिश जिले में बनाएगी नए समीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 17 Feb 2017 12:05 AM IST
विज्ञापन
जीत के दावों में उलझे राजनीतिक लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में वोटों की झमाझम बारिश हुई तो वोटिंग के सारे रिकार्ड बह गए। सहारनपुर में विधानसभा के इतिहास में पहली बार 73 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ।
सबसे अधिक मतदान नकुड़ विधानसभा सीट पर हुआ। इसने सियासी गणितज्ञों को न सिर्फ उलझा दिया है, बल्कि लोकतंत्र के उत्सव में झूमे मतदाताओं के उत्साह ने जिले में नए समीकरणों की संभावनाओं को जगा दिया है।
जिले के मतदाताओं ने अपनी जागरूकता का परिचय तो लोकसभा चुनाव में ही दे दिया था, जिसमें सहारनपुर ने 74 प्रतिशत का आंकड़ा छूकर नंबर वन का स्थान हासिल किया था।
विज्ञापन
लेकिन विधानसभा चुनाव में स्थिति अलग होने के चलते यहां कभी इतना मतदान नहीं हुआ। 2012 के विधानसभा चुनाव में मतदान के मामले में सहारनपुर अन्य जिलों से तो आगे था, लेकिन इस बार मतदाताओं में अधिक ही जोश नजर आया।
शाम पांच बजे तक भी मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई थीं। जब तक मतदान केंद्र का गेट बंद नहीं हो तब तक मतदाताओं को जोश कम नहीं हुआ। जब मतदान खत्म हुआ तो सहारनपुर के मतदाता इतिहास रच चुके थे।
विधानसभा चुनावों के इतिहास में सर्वाधिक 73 प्रतिशत मतदान दर्ज हो चुका था। इस बंपर मतदान ने प्रत्याशियों के चेहरे खिला दिए। सबसे अधिक मतदान नकुड़ विधानसभा में हुआ।
यहां के मतदाताओं ने इतना जोश दिखाया कि 77.41 तक मतदान हो गया। बंपर मतदान में उलझे सियासी जानकार अब प्रमुख दलों के किसी भी उम्मीदवार को लड़ाई से बाहर मानकर नहीं चल रहे हैं।
लेकिन इतना जरूर माना जा रहा है कि मतों की यह बारिश जिले में नए समीकरण बना सकती है। परिणाम भी चौंकाने वाले ही सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
बेहट, नकुड़, देवबंद और गंगोह सीट को लेकर सियासी गलियारों में अधिक चर्चा है। जानकारों का कहना है कि यहां से पारंपरिक परिणाम की बजाय नए परिणाम आने की संभावनाएं अधिक है।
विज्ञापन
सबसे अधिक मतदान नकुड़ विधानसभा सीट पर हुआ। इसने सियासी गणितज्ञों को न सिर्फ उलझा दिया है, बल्कि लोकतंत्र के उत्सव में झूमे मतदाताओं के उत्साह ने जिले में नए समीकरणों की संभावनाओं को जगा दिया है।
विज्ञापन
जिले के मतदाताओं ने अपनी जागरूकता का परिचय तो लोकसभा चुनाव में ही दे दिया था, जिसमें सहारनपुर ने 74 प्रतिशत का आंकड़ा छूकर नंबर वन का स्थान हासिल किया था।
विज्ञापन
लेकिन विधानसभा चुनाव में स्थिति अलग होने के चलते यहां कभी इतना मतदान नहीं हुआ। 2012 के विधानसभा चुनाव में मतदान के मामले में सहारनपुर अन्य जिलों से तो आगे था, लेकिन इस बार मतदाताओं में अधिक ही जोश नजर आया।
शाम पांच बजे तक भी मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई थीं। जब तक मतदान केंद्र का गेट बंद नहीं हो तब तक मतदाताओं को जोश कम नहीं हुआ। जब मतदान खत्म हुआ तो सहारनपुर के मतदाता इतिहास रच चुके थे।
विधानसभा चुनावों के इतिहास में सर्वाधिक 73 प्रतिशत मतदान दर्ज हो चुका था। इस बंपर मतदान ने प्रत्याशियों के चेहरे खिला दिए। सबसे अधिक मतदान नकुड़ विधानसभा में हुआ।
यहां के मतदाताओं ने इतना जोश दिखाया कि 77.41 तक मतदान हो गया। बंपर मतदान में उलझे सियासी जानकार अब प्रमुख दलों के किसी भी उम्मीदवार को लड़ाई से बाहर मानकर नहीं चल रहे हैं।
लेकिन इतना जरूर माना जा रहा है कि मतों की यह बारिश जिले में नए समीकरण बना सकती है। परिणाम भी चौंकाने वाले ही सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
बेहट, नकुड़, देवबंद और गंगोह सीट को लेकर सियासी गलियारों में अधिक चर्चा है। जानकारों का कहना है कि यहां से पारंपरिक परिणाम की बजाय नए परिणाम आने की संभावनाएं अधिक है।