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पैसा खर्च हुआ निगम का, पार्क बना लिया घर का आंगन

Sat, 02 Oct 2021 12:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 12:04 AM IST
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The money was spent by the corporation, the park was made the courtyard of the house
-- शंकरनगर कालोनी के पार्क में मकान का पिछला दरवाजा छोड़कर बनाई गई चाहरदीवारी। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कॉलोनी में बने पार्क सार्वजनिक होते हैं, जिनमें सभी लोग जा सकते हैं, लेकिन शहर के शंकरनगर में तस्वीर उलट है। यहां आसपास रहने वालों ने पार्क पर कब्जा कर लिया है। भाजपा नेता सहित कई लोगों ने पार्क की तरफ अपने घरों के दरवाजे खोल लिए हैं और पार्क का गेट भीतर से बंद कर दिया जाता है।
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खास बात यह है कि शंकरनगर में ऐसा दो पार्कों में हो रहा है। यहां एक पार्क पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से है तो दूसरा पार्क डॉ. केशवराम बलिराम हेडगेवार के नाम पर है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय वाले पार्क में टाइल्स आदि का कार्य भी हुआ है तो ओपन जिम भी है, लेकिन इसमें कॉलोनी के अन्य लोग नहीं जा पा रहे हैं। क्योंकि इस पार्क के भीतर चार पांच लोगों ने अपने घर के दरवाजे खोल रखे हैं। पार्क के गेट पर भीतर से ताला बंद रहता है, जिस कारण बाहर से कोई गेट खोल भी नहीं सकता है। इस पार्क के बराबर में ही भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र राठी सहित कई लोगों के मकान हैं, इन सभी ने अपने मकानों से पीछे की तरफ दरवाजे पार्क में खोल रखे हैं।
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इसी कॉलोनी में दूसरा पार्क डॉ. केशवराम बलिराम हेडगेवार के नाम पर पार्क विकसित हो रहा है। इस पार्क की चहारदीवारी बनाई जा रही है, लेकिन पड़ोस के मकान मालिक के लिए दरवाजा खोलने का पहले से इंतजाम कर दिया है और दरवाजे का हिस्सा छोड़कर दीवार बनाई जा रही है। सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए जाने वाले पार्क पर आसपास के चंद लोगों का एकाधिकार कैसे हो सकता है, जबकि नगर निगम इन पार्कों के रखरखाव की जिम्मेदारी लेता है और उस पर भी पैसा खर्च होता है।
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पूर्व में कब्जा था, हमने ठीक कराया: बिजेंद्र
भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र राठी का कहना है कि पूर्व की सरकार के दौरान इस पार्क पर लोग कब्जा करने की फिराक में थे। अब उन्होंने प्रयास करके निगम से पार्क का सुंदरीकरण कराया है। उनका मकान बाद में बना है, जबकि 25 साल पहले बने मकानों में भी दरवाजे खुले थे, इसलिए हमने भी खोल लिया।
पार्क सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित कराए हैं। पार्क पर कोई व्यक्ति एकाधिकार नहीं जमा सकता है। शंकरनगर में टीम भेजकर जांच कराएंगे। पार्क में खोले गए दरवाजे बंद कराए जाएंगे। क्योंकि यह गंभीर विषय है, पार्क को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।

- अशोकप्रिय गौतम, सहायक नगर आयुक्त

- शंकरनगर कालोनी के पार्क में आसपास के लोगों द्वारा खोले गए मकान के दरवाजे

- शंकरनगर कालोनी के पार्क में आसपास के लोगों द्वारा खोले गए मकान के दरवाजे- फोटो : SAHARANPUR

-  शंकरनगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क

- शंकरनगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क- फोटो : SAHARANPUR

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