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नमाजियों को लात मारने की घटना नए भारत की नई तस्वीर : मदनी
Sun, 10 Mar 2024 01:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 10 Mar 2024 01:56 AM IST
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देवबंद(सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने दिल्ली के इंद्रलोक क्षेत्र में जुमा की नमाज पढ़ रहे लोगों के साथ दिल्ली पुलिस के एसआई द्वारा किए गए दुर्वयव्हार की कड़ी निंदा की है। मदनी ने कहा कि यह घटना आज के नए भारत की नई तस्वीर है। आरोपी एसआई के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल नहीं भेजा जाता तो जमीयत इसको लेकर अदालत जाएगी।
शनिवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि विशेष वर्ग के खिलाफ लोगों के मन में इतनी नफरत भरी जा चुकी है, कि मुसलमानों को देखकर दिल्ली पुलिस का एसआई नफरत में अंधा होकर अपनी नैतिकता, संस्कृति और अन्य धर्मों के सम्मान का भाव तक भूल जाता है। कहा कि मानवता के अनुसार उस समय पुलिस चुप रहती। अगर उसे कोई कानूनी कार्रवाई करनी थी तो नमाज के बाद कर सकती थी।
मौलाना मदनी ने कहा कि नमाज पढ़ने की स्थिति में जिस तरह वायरल वीडियो में एसआई क्रोधित होकर अपने पैर से नमाजियों को ठोकर मार रहा है, इससे इस कटु सत्य का अंदाज़ा हो जाता है कि उसे मुसलमानों से नफरत है। पिछले दस वर्षों से देश में जिस प्रकार की नफरत बोई गई है यह घटना उसका परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए होती है, लेकिन यहां वह खुद ही कानून व्यवस्था तोड़ रही है। शायद उसे मालूम है कि मामला मुसलमानों से जुड़ा है इसलिए कानून उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि आरोपी एसआई को निलंबित कर देना कोई दंड नहीं है, बल्कि उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेजा जाना चाहिए।
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शनिवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि विशेष वर्ग के खिलाफ लोगों के मन में इतनी नफरत भरी जा चुकी है, कि मुसलमानों को देखकर दिल्ली पुलिस का एसआई नफरत में अंधा होकर अपनी नैतिकता, संस्कृति और अन्य धर्मों के सम्मान का भाव तक भूल जाता है। कहा कि मानवता के अनुसार उस समय पुलिस चुप रहती। अगर उसे कोई कानूनी कार्रवाई करनी थी तो नमाज के बाद कर सकती थी।
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मौलाना मदनी ने कहा कि नमाज पढ़ने की स्थिति में जिस तरह वायरल वीडियो में एसआई क्रोधित होकर अपने पैर से नमाजियों को ठोकर मार रहा है, इससे इस कटु सत्य का अंदाज़ा हो जाता है कि उसे मुसलमानों से नफरत है। पिछले दस वर्षों से देश में जिस प्रकार की नफरत बोई गई है यह घटना उसका परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए होती है, लेकिन यहां वह खुद ही कानून व्यवस्था तोड़ रही है। शायद उसे मालूम है कि मामला मुसलमानों से जुड़ा है इसलिए कानून उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि आरोपी एसआई को निलंबित कर देना कोई दंड नहीं है, बल्कि उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेजा जाना चाहिए।
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