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Saharanpur News: आठ तिथियों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई, सात सितंबर पर टिकी निगाहें

Sun, 06 Sep 2026 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:54 AM IST
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The hearing did not take place even after eight dates, all eyes are on September 7.
देवबंद(सहारनपुर)। सरकारी भूमि पर संचालित अवैध मदरसों, मस्जिदों और मजारों से जुड़े मामलों में सुनवाई लगातार टल रही है। इन मामलों में अब तक आठ बार सुनवाई स्थगित हो चुकी है। प्रशासन ने अब सभी संबंधित पक्षों को आगामी सात सितंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
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प्रशासन ने धारा 67 के तहत कई धार्मिक स्थलों के मुतवल्लियों और प्रबंधकों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें अक्सा मस्जिद, मदीना मस्जिद और मदरसा दारुस्सलाम शामिल हैं। ग्राम सोहनचिड़ा के मुतवल्ली अहसान, पंडोली नागल के प्रबंधक रिजवान और छलौली के प्रबंधक तौसीफ को नोटिस मिले हैं। इसके अतिरिक्त, अंबेहटा शेखा स्थित मदरसे के मुतवल्ली मुर्तजा को भी नोटिस दिया गया है। पहाड़पुर की मस्जिद के मुतवल्ली हाफिज गुलबहार और अंबेहटा शेखा की मस्जिद के मुतवल्ली मोहतसिम भी नोटिस प्राप्तकर्ताओं में हैं। इन नोटिसों पर पहली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई थी। इसके बाद 20 जुलाई और फिर 24 जुलाई को सुनवाई तय हुई थी। बार संघ के अवकाश के कारण 24 जुलाई की सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद 27 जुलाई, 31 जुलाई और चार अगस्त की तिथियां भी सुनवाई के बिना बीत गईं।
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सुनवाई टलने के प्रमुख कारण
चार अगस्त को प्रबंधक और मुतवल्ली तहसीलदार के समक्ष पेश हुए थे। हालांकि कांवड़ यात्रा के कारण पक्षकारों के अधिवक्ताओं ने सुनवाई टालने का प्रस्ताव दिया। इसके चलते अगली तिथि 12 अगस्त निर्धारित की गई थी। बार संघ के चुनाव के कारण 27 अगस्त को भी सुनवाई नहीं हो पाई। इस प्रकार विभिन्न कारणों से सुनवाई लगातार स्थगित होती रही है।
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-सहारनपुर घटना के बाद बढ़ी उत्सुकता
अब सभी की निगाहें आगामी सात सितंबर की सुनवाई पर टिकी हुई हैं। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हाल ही में सहारनपुर कलक्ट्रेट मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी। इस कार्रवाई के बाद से इन मामलों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा जारी नोटिसों पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। सात सितंबर को इन लंबित मामलों में कोई प्रगति होने की उम्मीद है।

-ग्राम समाज के लेखपालों के बयान दर्ज होने के कारण टल रही सुनवाई
प्रकरण में बार-बार सुनवाई टलने का प्रमुख कारण ग्राम समाज के लेखपालों के बयान दर्ज किया जाना बताया जा रहा है। लेखपालों के बयानों के आधार पर संबंधित भूमि के सरकारी होने की स्थिति स्पष्ट की जाएगी। मामले में प्रशासन अब राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति के साथ-साथ ग्राम समाज के लेखपालों के बयान को भी आधार बनाएगा। बताया जा रहा है कि लेखपाल संबंधित भूमि की राजस्व स्थिति और उसके सरकारी होने संबंधी तथ्य प्रशासन के समक्ष रखेंगे। इसके बाद ही नोटिस के जवाब और दाखिल दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
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