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Saharanpur News: छूटेगी रटने की आदत, विषयों को समझाने की होगी कवायद

Sun, 08 Jan 2023 11:25 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 11:25 PM IST
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The habit of cramming will be left, there will be an exercise to explain the subjects
छूटेगी रटने की आदत, विषयों को समझाने की होगी कवायद
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सहारनपुर। माध्यमिक विद्यालयों में रटने की आदत छूटेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पठन पाठन की परंपरा को बदलने की बात कही गई है। जिसमें विषयों को विद्यार्थियों के मन में उतारने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां कराने को कहा गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी माध्यमिक विद्यालयों को पत्र जारी करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप पठन पाठन के निर्देश दिए गए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवि दत्त ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के विकास के लिए आकलन में आमूल चूल परिवर्तन करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि स्कूली प्रणाली की संस्कृति में रटकर याद करने के कौशल से हटाकर नियमित रचनात्मक आकलन करना होगा। विद्यार्थियों की उच्च स्तरीय दक्षताओं जैसे कि विश्लेषण, तार्किक चिंतन और अवधारणात्मक स्पष्टता को विकसित करना होगा। सभी विद्यार्थियों के लिए सीखने और विकास का अनुकूलन करने के लिए शिक्षण और सीखने की प्रक्रियाओं को संशोधित करना होगा। यह शिक्षा के सभी स्तरों पर मूल्यांकन के लिए अंतर्निहित सिद्धांत होगा।
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उन्होंने बताया कि रचनात्मक मूल्यांकन कक्षा शिक्षण के साथ-साथ चलने वाली प्रक्रिया है। शिक्षक विषय की आवश्यकता, साधनों एवं समय की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अपनी रचनात्मकता के आधार पर स्वयं उपयुक्त तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में दिए गए सुझावों में कक्षा नौ से हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, संस्कृत, उर्दू, गृह विज्ञान, चित्रकला वाणिज्य, संगीत गायन एवं संगीत वादन में रचनात्मक मूल्यांकन कैसे किया जाए, इस पर विशेषज्ञों की संस्तुति प्राप्त की गई है। प्राप्त संस्तुतियां मार्गदर्शन के लिए विद्यालयों को भेजी गई हैं। जिससे वह अपने विद्यालय के समस्त शिक्षकों को उपलब्ध कराते हुए उनके अनुसार ही पठन-पाठन की कार्यवाही करें।
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