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Saharanpur News: अंत्येष्टि स्थल पर जा रही शवयात्रा रोकी, तनाव के बीच अंतिम संस्कार
Sat, 27 Dec 2025 01:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 27 Dec 2025 01:00 AM IST
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सकतपुर गांव में मौके पर जमा भीड़
सहारनपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव सकतपुर में अनुसूचित जाति की एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। अंत्येष्टि स्थल पर जा रही शवयात्रा को दूसरे समाज के कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया। तनाव के बीच पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर करीब छह घंटे बाद अंतिम संस्कार कराया।
शुक्रवार को सकतपुर निवासी भूरा की पत्नी सोला (45) की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की। अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर गांव में हिंडन नदी किनारे स्थित अंत्येष्टि स्थल जा रहे थे, तभी गांव के रहने वाले दूसरे समाज के कुछ लोगों ने खेत से शवयात्रा को निकलने का विरोध किया और आगे नहीं जाने दिया। इस पर दोनों समाज के लोगों में काफी देर तक विवाद चलता रहा। देखते ही देखते मौके पर दोनों समाज के लोग इकट्ठा हो गए। पता लगने पर देहात कोतवाली पुलिस और रामपुर मनिहारान एसडीएम पूर्वा शर्मा, नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। भीम आर्मी के पदाधिकारी भी पहुंच गए। स्थिति को भांपते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाई गई।
अनुसूचित समाज के लोगों का कहना था कि कई वर्षों से इसी रास्ते से होकर अंत्येष्टि स्थल पर जा रहे। पहले कभी किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। वहीं, दूसरे पक्ष के मेघराज ने कहा कि खेत से कोई रास्ता नहीं है। सरसों की फसल खड़ी है। नुकसान होता है। काफी जद्दोजहद के बाद शवयात्रा अंत्येष्टि स्थल पर पहुंची। तनाव के बीच पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब छह घंटे बाद अंतिम संस्कार कराया।
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-- दो साल पहले बारिश में पन्नी के नीचे किया था अंतिम संस्कार
सकतपुर गांव का ही दो साल पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो हुआ था, जिसमें ग्रामीणों ने बारिश में पन्नी के नीचे अंतिम संस्कार किया था। क्योंकि जिस जगह अंतिम संस्कार होता आ रहा है, वहां कोई छत नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट में शेड न होने के कारण उन्हें प्रियजनों के अंतिम संस्कार में काफी दिक्कत आती है।
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दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर अंतिम संस्कार करा दिया है। दूसरी जगह पर अंत्येष्टि स्थल के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न हो सकें।
-पूर्वा शर्मा, एसडीएम, रामपुर मनिहारान
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शुक्रवार को सकतपुर निवासी भूरा की पत्नी सोला (45) की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की। अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर गांव में हिंडन नदी किनारे स्थित अंत्येष्टि स्थल जा रहे थे, तभी गांव के रहने वाले दूसरे समाज के कुछ लोगों ने खेत से शवयात्रा को निकलने का विरोध किया और आगे नहीं जाने दिया। इस पर दोनों समाज के लोगों में काफी देर तक विवाद चलता रहा। देखते ही देखते मौके पर दोनों समाज के लोग इकट्ठा हो गए। पता लगने पर देहात कोतवाली पुलिस और रामपुर मनिहारान एसडीएम पूर्वा शर्मा, नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। भीम आर्मी के पदाधिकारी भी पहुंच गए। स्थिति को भांपते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाई गई।
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अनुसूचित समाज के लोगों का कहना था कि कई वर्षों से इसी रास्ते से होकर अंत्येष्टि स्थल पर जा रहे। पहले कभी किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। वहीं, दूसरे पक्ष के मेघराज ने कहा कि खेत से कोई रास्ता नहीं है। सरसों की फसल खड़ी है। नुकसान होता है। काफी जद्दोजहद के बाद शवयात्रा अंत्येष्टि स्थल पर पहुंची। तनाव के बीच पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब छह घंटे बाद अंतिम संस्कार कराया।
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सकतपुर गांव का ही दो साल पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो हुआ था, जिसमें ग्रामीणों ने बारिश में पन्नी के नीचे अंतिम संस्कार किया था। क्योंकि जिस जगह अंतिम संस्कार होता आ रहा है, वहां कोई छत नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट में शेड न होने के कारण उन्हें प्रियजनों के अंतिम संस्कार में काफी दिक्कत आती है।
दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर अंतिम संस्कार करा दिया है। दूसरी जगह पर अंत्येष्टि स्थल के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न हो सकें।
-पूर्वा शर्मा, एसडीएम, रामपुर मनिहारान