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विवि का हुआ शिलान्यास, स्कूलों में बनी स्मार्ट क्लास
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विश्व विद्यालय का नक्सा
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। बीते 35 वर्ष में जनपद ने शिक्षा के क्षेत्र में खासी तरक्की की है। जनपद में शिक्षा क्षेत्र में आए इस बदलाव का अमर उजाला भी साक्षी रहा है। एक ओर जहां इन 35 वर्ष में शिक्षण संस्थाओं की संख्या बढ़ी, वहीं ब्लैक बोर्ड की जगह स्मार्ट बोर्ड ने ले ली। सबसे बड़ा काम हाल ही में मां शाकंभरी विश्वविद्यालय के शिलान्यास का हुआ है, जो वाकई में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभी तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
90 के दशक तक जनपद में स्कूल और कॉलेज गिने-चुने संख्या में होते थे। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बेशक अधिक थे, लेकिन माध्यमिक विद्यालयों खासकर राजकीय एवं वित्तविहीन विद्यालयों की संख्या बेहद कम थी। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थाओं की बात करें तो इस क्षेत्र में भी राजकीय महाविद्यालयों की संख्या बढ़ी है। दो निजी विश्वविद्यालय और करीब 24 निजी महाविद्यालय खुले हैं, जिनका उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान रहा है। हाल ही में दो दशक से चली आ रही राज्य विश्वविद्यालय की मांग पूरी हुई है। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया है। अगले सत्र यानी 2022 से कक्षाओं का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मंडल के 264 महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा।
बेसिक शिक्षा
जनपद में कुल 1438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें कक्षा एक से पांच तक के 865, कक्षा एक से आठ के 405 और कक्षा पांच से छह के 168 विद्यालय शामिल हैं। हालांकि तीन साल पहले इन विद्यालयों की संख्या 1900 से अधिक थी, मगर विभाग ने एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संविलियन किया है, जिससे इनकी संख्या घटी है। सबसे खास बात करीब 200 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम का बनाते हुए उनमें खनन के पैसे से स्मार्ट क्लास बनाई गई हैं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी नगर के सभी परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का निर्णय लिया गया है। इनके अलावा 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं।
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माध्यमिक शिक्षा
जनपद में कुल 235 माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें 57 राजकीय, 81 सहायता प्राप्त तथा शेष वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा 113 सीबीएसई व दो आईसीएसई बोर्ड के स्कूल हैं, जबकि 35 वर्ष पहले केवल शहर में स्कूल थे। माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी अब स्मार्ट क्लास बन रही हैं। शहर में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज इसका बेहतर उदाहरण है, जहां करीब चार स्मार्ट क्लास बनी हैं।
उच्च शिक्षा
उच्च शिक्षा के लिए जनपद में सात राजकीय महाविद्यालय, चार सहायता प्राप्त महाविद्यालय और 24 निजी महाविद्यालय और दो निजी विश्वविद्यालय मौजूद हैं। इनके अलावा पैरा मेडिकल कॉलेज और नर्सिग कॉलेज भी खुले हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज भी सहारनपुर की बड़ी उपलब्धि रहा है। हाल ही में राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास हुआ है। जिसे उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा
जनपद में तकनीकी शिक्षा के लिए दो राजकीय पोलिटेक्निक संस्थान चल रहे हैं। इनके अलावा चार राजकीय आईटीआई और करीब 29 निजी आईटीआई संचालित हैं।
खेलों में भी बढ़ी सुविधा
खेलों के क्षेत्र में सहारनपुर को स्पोर्ट्स कॉलेज मिला है, जिसका निर्माण कार्य चल रहा है। यह कॉलेज बेहट क्षेत्र के गांव शेरुल्लागढ़ में बनाया जा रहा है। इसके अलावा डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम को खेलो इंडिया योजना के तहत सात करोड़ रुपये का सिंथेटिक ट्रैक भी मिला है, जिसका निर्माण कार्य अंतिम दौर में है।
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90 के दशक तक जनपद में स्कूल और कॉलेज गिने-चुने संख्या में होते थे। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बेशक अधिक थे, लेकिन माध्यमिक विद्यालयों खासकर राजकीय एवं वित्तविहीन विद्यालयों की संख्या बेहद कम थी। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थाओं की बात करें तो इस क्षेत्र में भी राजकीय महाविद्यालयों की संख्या बढ़ी है। दो निजी विश्वविद्यालय और करीब 24 निजी महाविद्यालय खुले हैं, जिनका उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान रहा है। हाल ही में दो दशक से चली आ रही राज्य विश्वविद्यालय की मांग पूरी हुई है। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया है। अगले सत्र यानी 2022 से कक्षाओं का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मंडल के 264 महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा।
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बेसिक शिक्षा
जनपद में कुल 1438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें कक्षा एक से पांच तक के 865, कक्षा एक से आठ के 405 और कक्षा पांच से छह के 168 विद्यालय शामिल हैं। हालांकि तीन साल पहले इन विद्यालयों की संख्या 1900 से अधिक थी, मगर विभाग ने एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संविलियन किया है, जिससे इनकी संख्या घटी है। सबसे खास बात करीब 200 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम का बनाते हुए उनमें खनन के पैसे से स्मार्ट क्लास बनाई गई हैं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी नगर के सभी परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का निर्णय लिया गया है। इनके अलावा 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं।
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माध्यमिक शिक्षा
जनपद में कुल 235 माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें 57 राजकीय, 81 सहायता प्राप्त तथा शेष वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा 113 सीबीएसई व दो आईसीएसई बोर्ड के स्कूल हैं, जबकि 35 वर्ष पहले केवल शहर में स्कूल थे। माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी अब स्मार्ट क्लास बन रही हैं। शहर में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज इसका बेहतर उदाहरण है, जहां करीब चार स्मार्ट क्लास बनी हैं।
उच्च शिक्षा
उच्च शिक्षा के लिए जनपद में सात राजकीय महाविद्यालय, चार सहायता प्राप्त महाविद्यालय और 24 निजी महाविद्यालय और दो निजी विश्वविद्यालय मौजूद हैं। इनके अलावा पैरा मेडिकल कॉलेज और नर्सिग कॉलेज भी खुले हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज भी सहारनपुर की बड़ी उपलब्धि रहा है। हाल ही में राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास हुआ है। जिसे उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा
जनपद में तकनीकी शिक्षा के लिए दो राजकीय पोलिटेक्निक संस्थान चल रहे हैं। इनके अलावा चार राजकीय आईटीआई और करीब 29 निजी आईटीआई संचालित हैं।
खेलों में भी बढ़ी सुविधा
खेलों के क्षेत्र में सहारनपुर को स्पोर्ट्स कॉलेज मिला है, जिसका निर्माण कार्य चल रहा है। यह कॉलेज बेहट क्षेत्र के गांव शेरुल्लागढ़ में बनाया जा रहा है। इसके अलावा डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम को खेलो इंडिया योजना के तहत सात करोड़ रुपये का सिंथेटिक ट्रैक भी मिला है, जिसका निर्माण कार्य अंतिम दौर में है।