UP: लूट का ऐसा खुलासा, हर कोई हैरान, पूर्व नौकर निकला मास्टरमाइंड, दवा कारोबारी के साथ हुई थी वारदात
Saharanpur News : लूट का खुलासा हुआ तो हर कोई हैरान रह गया। पुलिस की जांच में पता चला कि पूर्व नौकर ही वारदात का मास्टरमाइंड है। दवा कारोबारी के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था।
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सहारनपुर में दिल्ली रोड पर दवा कारोबारी से लूट की वारदात उसके पूर्व नौकर ने ही कराई थी। पुलिस ने छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी नौकर फरार है। आरोपियाें से 95 हजार की नकदी, दो बाइक और हथियार बरामद हुए हैं।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 15 सितंबर को पैरामाउंट कॉलोनी निवासी दवा कारोबारी गिरीश बजाज से दिल्ली रोड कांशीराम कॉलोनी के नजदीक बाइक सवार बदमाशों ने स्कूटी लूट ली थी, जिसकी डिग्गी में एक लाख की नकदी, दुकान की चॉबी और कुछ अन्य सामान भी था।
वहीं, घटना के खुलासे के लिए लगी पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर रामनगर बाईपास से मुठभेड़ के बाद छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने दवा कारोबारी से लूट करना स्वीकार किया। बदमाशों के पास से 95 हजार की नकदी, घटना में प्रयुक्त दो बाइक और तमंचा भी बरामद हुआ।
आरोपियों ने अपने नाम सन्नी मिर्जा निवासी मोहल्ला संज्ञान कोतवाली मंडी, नावेद, सोनू उर्फ शादाब, फराज, अरशद मलिक गांव शेखपुरा कदीम, हुसैन हैदर जैदी निवासी डेरा इलाहीपुरा बताए।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि लूट का प्लान दवा कारोबारी के पूर्व नौकर अमन जैन निवासी रानी बाजार कोतवाली मंडी ने तैयार किया था, जो घटना के बाद दिल्ली फरार हो गया था। अमन को दवा कारोबारी ने एक माह पूर्व ही नौकरी से हटाया था।
किशनपुरा से किया पीछा
एसपी सिटी ने बताया कि बदमाशों ने अलग-अलग बाइक पर गांव शेखपुरा कदीम से निकले थे। एक बाइक पर सन्नी मिर्जा, नावेद और सोनू वारदात को अंजाम देने दिल्ली रोड पहुंच गए। वहां रूककर कारोबारी के आने का इंतजार करते रहे। दूसरी बाइक पर फराज, अरशद और हुसैन हैदर किशनपुरा दवा मार्केट पहुंचे और वहां से दवा कारोबारी का पीछा किया और पल-पल की खबर अपने साथियों को देते रहे। इससे पूर्व अमन जैन ने किशनपुरा में कारोबारी की दुकान के पास पहुंचकर अपने साथियाें को उसकी पहचान कराई थी।
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किंग नाम से चला रहे थे ग्रुप
बदमाशों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्होंने किंग नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है, जिस पर कुछ गेम अपलोड लिंक शेयर कर युवाओं से जुड़ते थे और फिर अपने गिरोह से जोड़ते थे। आरोपियों ने लूट के बाद गांव पिंजौरा में स्कूटी छिपा दी थी। बदमाशों को पकड़ने में पुलिस को मार्ग कई जगहों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज से भी सफलता मिली है।
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