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Saharanpur News: जनपद की कृषि भूमि हो रही कमजोर, हर ब्लॉक में घटा जीवांश कार्बन

Mon, 08 Jun 2026 12:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 12:25 AM IST
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The district's agricultural land is weakening, organic carbon is decreasing in every block.
- फसल चक्र को न अपनाना और मृदा परीक्षण न कराना बड़ी वजह
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। रासायनिक खाद के बढ़ते उपयोग और फसल चक्र की अनदेखी के कारण जनपद की कृषि भूमि कमजोर होती जा रही है। मंडलीय मृदा लैब ने जनपद के सभी 11 ब्लॉकों से करीब 22 हजार नमूने लिए थे, जिनमें सभी ब्लॉकों की मिट्टी में जीवांश कार्बन की मात्रा सामान्य से कम पाई गई है।
मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम के तहत किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाते हैं। इसके साथ ही मिट्टी की सेहत जांचने के लिए मृदा परीक्षण होता है। वैज्ञानिक खेत में अलग-अलग स्थानों से मिट्टी के नमूने लेते हैं। इन्हें जियो टैग किया जाता है। दो-तीन वर्ष के चक्र में मुफ्त कार्ड दिया जाता है। अभियान के दौरान जांच के बाद जीवांश कार्बन की मात्रा जिले की मिट्टी में काफी कम मिली है।
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जीवांश कार्बन 0.3 से 0.5 स्तर पर पाया गया, जो कि सामान्य तौर पर 0.8 प्रतिशत के स्तर से काफी कम है। सहायक निदेशक मृदा परीक्षण रणवीर सिंह बताते हैं कि जिले की मिट्टी में जीवांश कार्बन की मात्रा तेजी से कम हो रही है। इसे बढ़ाने के लिए तुरंत उपाय करने की आवश्यकता है। हालांकि जांच में सामने आया कि मिट्टी में आयरन, बोरान, कॉपर, मैग्नीज पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं।
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- मिट्टी की जान है जीवांश कार्बन

कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा बताते हैं कि जीवांश कार्बन एक तरह से भूमि की जान होती है। जीवांश कार्बन कम होने से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता पर सीधा असर पड़ता है। सूक्ष्म जीव पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण करते हैं। कार्बनिक पदार्थों का अपघटन करते हैं। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम समेत अन्य पोषक तत्व होते हैं। कवक के धागे मिट्टी के कणों को बांधकर रखते हैं। इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है। खेतों में डाली गई खाद लंबे समय तक फसल को प्राप्त होती है।
- यह है 11 ब्लॉकों की स्थिति
ब्लॉक-------------जीवांश कार्बन मात्रा(प्रतिशत में)
बलियाखेड़ी---------0.3
पुंवारका------------0.4
नकुड़-------------0.4
गंगोह-------------0.3
सरसावा-----------0.3
सढौली कदीम--------0.4
मुजफ्फराबाद--------0.3
देवबंद-------------0.5
नानौता-------------0.3
रामपुर मनि.---------0.4
नागल-------------0.4
--- इन बातों का रखें किसान ध्यान
- हरी खाद जैसे ढैचा, सनई आदि की बुवाई करें

- फसल चक्र अवश्य बनाएं।
- फसल अवशेष को कतई न जलाए। खेत में डीकंपोजर का प्रयोग करें

- गोबर, वर्मी कंपोस्ट की खाद की इस्तेमाल करें

- सीमित मात्रा में जरूरत के अनुसार रासायनिक खाद का इस्तेमाल करें
- समय-समय पर मिट्टी का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं
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