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भाजपा सरकार बनने के बाद खत्म हुई फतवों की संस्कृति : योगी
Fri, 08 May 2026 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 08 May 2026 12:31 AM IST
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देवबंद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देवबंद से जब फतवे जारी होते थे तो देश के अंदर हलचल पैदा हो जाती थी। लोगों को लगता था अब पता नहीं क्या होगा। देवबंद इससे बदनाम हो रहा था, लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद फतवों की संस्कृति समाप्त हो गई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस सहारनपुर की पहले लोगों ने फतवे जारी कर दुर्गति कर रखी थी अब वो फतवों की कार्य संस्कृति से मुक्त होकर न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि भारत की समृद्धि में भी अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में इसी सहारनपुर में सिख विरोधी दंगे हुए थे।
वर्ष 2013 और 2014 में मुजफ्फरनगर, शामली समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश जल रहा था। कर्फ्यू लगता था और आवागमन बंद हो जाता था। उन परिस्थितियों में वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश की जनता ने विश्वास किया और प्रदेश में डबल इंजन की पहली सरकार बनी।
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सहारनपुर के कारीगरों द्वारा वर्ल्ड क्लास काष्ठकला वुड कार्विंग के कार्य को नई पहचान मिली है। अब सहारनपुरवासी भी कह सकते हैं हमने अपने दम पर कुछ विशिष्ट किया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहारनपुर वही जनपद है जहां 2013 से 2016 तक दंगे हो रहे थे। कनेक्टिविटी नहीं थी, विकास के कार्य ठप थे, देश की राजधानी में जाने के लिए चार से छह घंटे का समय और प्रदेश की राजधानी में 12 से 14 घंटे का समय लगता था। शिक्षा और खेल का प्रमुख केंद्र नहीं था। उन्होंने कहा कि सहारनपुर अपनी पहचान के लिए मोहताज था।
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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस सहारनपुर की पहले लोगों ने फतवे जारी कर दुर्गति कर रखी थी अब वो फतवों की कार्य संस्कृति से मुक्त होकर न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि भारत की समृद्धि में भी अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में इसी सहारनपुर में सिख विरोधी दंगे हुए थे।
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वर्ष 2013 और 2014 में मुजफ्फरनगर, शामली समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश जल रहा था। कर्फ्यू लगता था और आवागमन बंद हो जाता था। उन परिस्थितियों में वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश की जनता ने विश्वास किया और प्रदेश में डबल इंजन की पहली सरकार बनी।
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सहारनपुर के कारीगरों द्वारा वर्ल्ड क्लास काष्ठकला वुड कार्विंग के कार्य को नई पहचान मिली है। अब सहारनपुरवासी भी कह सकते हैं हमने अपने दम पर कुछ विशिष्ट किया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहारनपुर वही जनपद है जहां 2013 से 2016 तक दंगे हो रहे थे। कनेक्टिविटी नहीं थी, विकास के कार्य ठप थे, देश की राजधानी में जाने के लिए चार से छह घंटे का समय और प्रदेश की राजधानी में 12 से 14 घंटे का समय लगता था। शिक्षा और खेल का प्रमुख केंद्र नहीं था। उन्होंने कहा कि सहारनपुर अपनी पहचान के लिए मोहताज था।