{"_id":"5880fda04f1c1b632aefe648","slug":"the-court-ordered-that-the-husband-s-hotel-room-wife","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट ने दिया पति के होटल में पत्नी को कमरा देने का आदेश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट ने दिया पति के होटल में पत्नी को कमरा देने का आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 20 Jan 2017 12:00 AM IST
विज्ञापन
न्यायालय
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में घंटाघर स्थित होटल मालिक की पत्नी की अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने होटल मालिक को होटल का एक कमरा सभी सुविधाओं के साथ दिए जाने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने 15 दिन के अंदर आदेशों का पालन करने के लिए कहा है। ये सुविधाएं गृहस्थी के समान होनी चाहिए। शहर के होटल मालिक योगेश गंभीर की पत्नी सीमा गंभीर के बीच काफी समय से चल रहे पारिवारिक वाद पर कोर्ट ने यह निर्णय किया है।
सीमा गंभीर ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के तहत वैकल्पिक आवासीय सुविधा दिलाए जाने की कोर्ट के माध्यम से मांग की थी। सीमा ने आरोप लगाया कि योगेश गंभीर ने षड्यंत्र के तहत रिहायसी मकान से उसे बाहर निकलवा दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट में भी साक्ष्य गलत तरीके से प्रस्तुत किए। जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है, लेकिन उसके पास आवास न होने के कारण उसे काफी परेशानी हो रही है।
जबकि योगेश गंभीर ने अपने आपको होटल का मालिक होने से भी इंकार कर दिया। उसने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन, एफटीसी में इसके लिए वाद दायर किया।
कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से सुनवाई की और साक्ष्यों को देखते हुए योगेश गंभीर की होटल में हिस्सेदारी मानी। कोर्ट ने आदेश दिए कि वैकल्पिक आवास के रूप में योगेश गंभीर को होटल में सीमा के लिए सभी गृहस्थी की सुविधाओं से युक्त एक कमरे की व्यवस्था करनी होगी।
कोर्ट ने 15 दिन के अंदर आदेशों का पालन करने के आदेश दिए और 13 फरवरी 2017 को सुनवाई के लिए प्रस्तुत होने के आदेश दिए। कोर्ट ने योगेश गंभीर के खिलाफ मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत कर कोर्ट को गुमराह करने के मामले में आपराधिक मुकदमा दायर करने के भी निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
कोर्ट ने 15 दिन के अंदर आदेशों का पालन करने के लिए कहा है। ये सुविधाएं गृहस्थी के समान होनी चाहिए। शहर के होटल मालिक योगेश गंभीर की पत्नी सीमा गंभीर के बीच काफी समय से चल रहे पारिवारिक वाद पर कोर्ट ने यह निर्णय किया है।
विज्ञापन
सीमा गंभीर ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के तहत वैकल्पिक आवासीय सुविधा दिलाए जाने की कोर्ट के माध्यम से मांग की थी। सीमा ने आरोप लगाया कि योगेश गंभीर ने षड्यंत्र के तहत रिहायसी मकान से उसे बाहर निकलवा दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट में भी साक्ष्य गलत तरीके से प्रस्तुत किए। जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है, लेकिन उसके पास आवास न होने के कारण उसे काफी परेशानी हो रही है।
जबकि योगेश गंभीर ने अपने आपको होटल का मालिक होने से भी इंकार कर दिया। उसने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन, एफटीसी में इसके लिए वाद दायर किया।
कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से सुनवाई की और साक्ष्यों को देखते हुए योगेश गंभीर की होटल में हिस्सेदारी मानी। कोर्ट ने आदेश दिए कि वैकल्पिक आवास के रूप में योगेश गंभीर को होटल में सीमा के लिए सभी गृहस्थी की सुविधाओं से युक्त एक कमरे की व्यवस्था करनी होगी।
कोर्ट ने 15 दिन के अंदर आदेशों का पालन करने के आदेश दिए और 13 फरवरी 2017 को सुनवाई के लिए प्रस्तुत होने के आदेश दिए। कोर्ट ने योगेश गंभीर के खिलाफ मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत कर कोर्ट को गुमराह करने के मामले में आपराधिक मुकदमा दायर करने के भी निर्देश दिए गए।