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Saharanpur News: प्रधानों को ही सौंपी जाए गांवों में विकास की कमान
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने के अभी कोई आसार नहीं हैं और कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में प्रधानों की एक स्वर में मांग है कि उनका कार्यकाल बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि यदि सरकारी कर्मचारी प्रशासक तैनात किए गए तो पंचायतों का विकास अवरुद्ध हो जाएगा। इससे पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना भी कमजोर पड़ेगी।
- गांव मोहड़ा के प्रधान राजू ने गांवों में प्रशासक नियुक्त किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि प्रशासक केवल औपचारिक रूप से कार्य करेंगे। इससे विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाएगा।
- शिवपुर के प्रधान शीशपाल सिंह का कहना है कि प्रशासक नियुक्त करने की दशा में विकास कार्य बाधित होंगे। पहले भी सरकार इस तरह का प्रयोग कर चुकी है। उस वक्त केवल भ्रष्टाचार का विकास हुआ था और गांवों में विकास अवरुद्ध हो गया था।
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-खेड़ा मुगल के प्रधान गुरपाल सिंह का कहना है कि वह प्रशासक नियुक्त करने के खिलाफ हैं। इसके विरोध में जल्द ही प्रधानों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी भेंट करेगा।
- ननवाखेड़ी के प्रधान प्रदुमन कुमार का कहना है कि समय पर चुनाव न होने से पंचायतों में कराए जा रहे करोड़ों रुपये के विकास कार्य थम जाएंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी दी जाए।
आप भी राय दें
यदि आप भी ग्राम प्रधान है और कार्यकाल को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं तो व्हाट्सएप पर अपनी प्रतिक्रिया भेज सकते हैं। आपकी राय को अखबार के माध्यम से प्रकाशित किया जाएगा।
नंबर : 7617707200
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सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने के अभी कोई आसार नहीं हैं और कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में प्रधानों की एक स्वर में मांग है कि उनका कार्यकाल बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि यदि सरकारी कर्मचारी प्रशासक तैनात किए गए तो पंचायतों का विकास अवरुद्ध हो जाएगा। इससे पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना भी कमजोर पड़ेगी।
- गांव मोहड़ा के प्रधान राजू ने गांवों में प्रशासक नियुक्त किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि प्रशासक केवल औपचारिक रूप से कार्य करेंगे। इससे विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाएगा।
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- शिवपुर के प्रधान शीशपाल सिंह का कहना है कि प्रशासक नियुक्त करने की दशा में विकास कार्य बाधित होंगे। पहले भी सरकार इस तरह का प्रयोग कर चुकी है। उस वक्त केवल भ्रष्टाचार का विकास हुआ था और गांवों में विकास अवरुद्ध हो गया था।
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-खेड़ा मुगल के प्रधान गुरपाल सिंह का कहना है कि वह प्रशासक नियुक्त करने के खिलाफ हैं। इसके विरोध में जल्द ही प्रधानों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी भेंट करेगा।
- ननवाखेड़ी के प्रधान प्रदुमन कुमार का कहना है कि समय पर चुनाव न होने से पंचायतों में कराए जा रहे करोड़ों रुपये के विकास कार्य थम जाएंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी दी जाए।
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यदि आप भी ग्राम प्रधान है और कार्यकाल को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं तो व्हाट्सएप पर अपनी प्रतिक्रिया भेज सकते हैं। आपकी राय को अखबार के माध्यम से प्रकाशित किया जाएगा।
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