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शहर की यातायात व्यवस्था हुई चौपट
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Sun, 23 Oct 2016 01:45 AM IST
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रोडवेज बस अड्डे पर सड़क पर खड़ी बसें और लगा जाम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्मार्ट सिटी का ख्वाब देख रहे सहारनपुर की यातायात व्यवस्था तक चौपट हो चुकी है। शहर की ट्रैफिक लाइटें कब जलतीं हैं और कब बुझती हैं, यह ट्रैफिक पुलिस तक को नहीं पता। ट्रैफिक पुलिस के सिपाही खड़े हुए देख रहे हैं और चौराहा ही नहीं सड़क तक जाम हो रही है। सिपाही के होते हुए भी चौराहों पर दुर्घटनाएं हो रहीं हैं।
शायद ही शहर का कोई ऐसा रास्ता, कोई ऐसा चौराहा या तिराहा और कोई ऐसा पुल होगा जिस जगह जाम न लग रहा हो। घर से निकलने पर शहर के लोगों को यह नहीं पता रहता कि चंद मिनटों की दूरी को वह कितने घंटों में तय कर पाएंगे।
गिनने पर आ जाएं तो गिनती भी भूल जाएंगे कि कहां-कहां जाम लग रहा है। अग्रसेन चौक, रेलवे रोड, एसबीडी चौक, कोर्ट रोड, नेहरू मार्केट, जोगियान पुल, विश्वकर्मा पुल, कचहरी पुल, लिंक रोड, देहरादून चौक, दालमंडी पुल, पुल खुमरान, सब्जी मंडी पुल, घंटाघर, अंबाला रोड, हकीकतनगर, देहरादून चौक, चिलकाना रोड, रायवाला, बेहट अड्डा, बाजोरिया रोड यहां तक कि पुलिस लाइन और कलक्ट्रेट के सामने भी अक्सर जाम लगने लगा है।
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ट्रैफिक लाइट है या दिखावा
सहारनपुर। कहने को तो शहर के तिराहों और चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगी हुईं हैं। लेकिन इनके जलने, बुझने और रुकने के समय का किसी को कोई पता नहीं हैं। यातायात पुलिस इन ट्रैफिक लाइटों का कभी उपयोग नहीं करा पाई। इन पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन एक दिन भी सिग्नल पर ट्रैफिक न तो रुका और न ही चला। शहर का ट्रैफिक बेतरतीब ही रहा।
अधिक देर नहीं लगने दिया जाता सड़क पर जाम ः सहारनपुर।
एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह का कहना है कि सड़कों और चौराहों पर वाहनों का लोड अधिक है। फिर भी उनका प्रयास रहता है कि चौराहों पर लगने वाले जाम को जल्दी से जल्दी खुलवाया जाए। बाजारों में सड़कों पर अतिक्रमण भी है, जिससे बाजारों में थोड़ी सी भीड़ होने पर भी जाम की स्थिति होती है। लोग भी सड़कों पर अपने वाहनों को बेतरतीब खड़ा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को यातायात के नियमों का निष्ठा से पालन करना चाहिए।
चौराहा नहीं संभल रहा, कौन रोकेगा ट्रिपलिंग
ट्रैफिक पुलिस से तो शहर का चौराहे तिराहे तक नहीं संभल पा रहे हैं। कलक्ट्रेट तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी तैनात है, फिर भी हर समय जाम लग रहा है। कचहरी तिराहे पर एक दो नहीं एक पूरी टीम ट्रैफिक नियंत्रण में दिन भर लगी रहती है, लेकिन तिराहा नहीं संभल पा रहा। हर समय जाम ही जाम।
घंटाघर चौराहे पर तो सिविल पुलिस भी व्यवस्था बनाने में जुटी रहती है, फिर भी जाम से इस चौराहे को मुक्ति नहीं मिल पाती यहां तक कि देहरादून चौक से घंटाघर चौक तक की सड़क हर समय चोक ही रहती है। ऐसे में यातायात पुलिस हेलमेट और ट्रिपलिंग को कैसे देखे? कैसे कार्रवाई करे। तेज रफ्तार, ट्रिपलिंग के चलते लगातार हादसे हो रहे हैं।
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शायद ही शहर का कोई ऐसा रास्ता, कोई ऐसा चौराहा या तिराहा और कोई ऐसा पुल होगा जिस जगह जाम न लग रहा हो। घर से निकलने पर शहर के लोगों को यह नहीं पता रहता कि चंद मिनटों की दूरी को वह कितने घंटों में तय कर पाएंगे।
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गिनने पर आ जाएं तो गिनती भी भूल जाएंगे कि कहां-कहां जाम लग रहा है। अग्रसेन चौक, रेलवे रोड, एसबीडी चौक, कोर्ट रोड, नेहरू मार्केट, जोगियान पुल, विश्वकर्मा पुल, कचहरी पुल, लिंक रोड, देहरादून चौक, दालमंडी पुल, पुल खुमरान, सब्जी मंडी पुल, घंटाघर, अंबाला रोड, हकीकतनगर, देहरादून चौक, चिलकाना रोड, रायवाला, बेहट अड्डा, बाजोरिया रोड यहां तक कि पुलिस लाइन और कलक्ट्रेट के सामने भी अक्सर जाम लगने लगा है।
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ट्रैफिक लाइट है या दिखावा
सहारनपुर। कहने को तो शहर के तिराहों और चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगी हुईं हैं। लेकिन इनके जलने, बुझने और रुकने के समय का किसी को कोई पता नहीं हैं। यातायात पुलिस इन ट्रैफिक लाइटों का कभी उपयोग नहीं करा पाई। इन पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन एक दिन भी सिग्नल पर ट्रैफिक न तो रुका और न ही चला। शहर का ट्रैफिक बेतरतीब ही रहा।
अधिक देर नहीं लगने दिया जाता सड़क पर जाम ः सहारनपुर।
एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह का कहना है कि सड़कों और चौराहों पर वाहनों का लोड अधिक है। फिर भी उनका प्रयास रहता है कि चौराहों पर लगने वाले जाम को जल्दी से जल्दी खुलवाया जाए। बाजारों में सड़कों पर अतिक्रमण भी है, जिससे बाजारों में थोड़ी सी भीड़ होने पर भी जाम की स्थिति होती है। लोग भी सड़कों पर अपने वाहनों को बेतरतीब खड़ा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को यातायात के नियमों का निष्ठा से पालन करना चाहिए।
चौराहा नहीं संभल रहा, कौन रोकेगा ट्रिपलिंग
ट्रैफिक पुलिस से तो शहर का चौराहे तिराहे तक नहीं संभल पा रहे हैं। कलक्ट्रेट तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी तैनात है, फिर भी हर समय जाम लग रहा है। कचहरी तिराहे पर एक दो नहीं एक पूरी टीम ट्रैफिक नियंत्रण में दिन भर लगी रहती है, लेकिन तिराहा नहीं संभल पा रहा। हर समय जाम ही जाम।
घंटाघर चौराहे पर तो सिविल पुलिस भी व्यवस्था बनाने में जुटी रहती है, फिर भी जाम से इस चौराहे को मुक्ति नहीं मिल पाती यहां तक कि देहरादून चौक से घंटाघर चौक तक की सड़क हर समय चोक ही रहती है। ऐसे में यातायात पुलिस हेलमेट और ट्रिपलिंग को कैसे देखे? कैसे कार्रवाई करे। तेज रफ्तार, ट्रिपलिंग के चलते लगातार हादसे हो रहे हैं।