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Saharanpur News: आरोपी प्रबंधक का तीन महीने पहले हुआ था यमुनानगर करेंसी चेस्ट में तबादला
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में जाली नोटों का मामला सामने आने के बाद एनआईए की टीम जांच कर रही है। टीम ने एक आरोपी यमुनानगर करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार को पकड़ा है। अमित कुमार इससे पहले सहारनपुर की करेंसी चेस्ट में तैनात रहे हैं। तीन माह पहले ही उनका तबादला हुआ था।
अमित कुमार के तबादले को लेकर भी जांच की जा सकती है। अमित कुमार को एनआईए ने मंगलवार की देर रात गिरफ्तार किया था। इसके बाद से उसकी तैनाती वाले स्थलों की भी जांच की जा सकती है। माना जा रहा है कि इससे कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं।
सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में अमित कुमार करीब साढ़े तीन वर्ष तैनात रहे। बताया जा रहा है कि अमित का तबादला तकरीबन तीन माह पहले ही युमनानगर स्थित करेंसी चेस्ट में हुआ है। अब इसे संयोग माना जाए या कुछ और। अमित के तबादले के तीन माह बाद ही करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले का खुलासा हुआ।
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अमित के गिरफ्त में आने के बाद एनआईए जांच का दायरा और भी बढ़ा सकती है। ऐसे में आरोपी अमित की वर्तमान तैनाती वाले स्थल पर भी टीम जांच कर सकती है। इससे और भी राज खुल सकते हैं। करेंसी चेस्ट में जितनी बड़ी संख्या में जाली नोट मिले हैं।
उससे ऐसा प्रतीत होता है कि असली के बदले जाली नोट रखे जाने की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से चल रही थी। पकड़े गए जाली नोट 500 रुपये मूल्य के थे। ऐसे में आरोपियों ने 3.40 लाख से अधिक जाली नोटों को करेंसी चेस्ट में रखकर इस संगीन अपराध को अंजाम दिया। इतने नोट एक, दो महीने में नहीं रखे जा सकते हैं।
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सहारनपुर। सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में जाली नोटों का मामला सामने आने के बाद एनआईए की टीम जांच कर रही है। टीम ने एक आरोपी यमुनानगर करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार को पकड़ा है। अमित कुमार इससे पहले सहारनपुर की करेंसी चेस्ट में तैनात रहे हैं। तीन माह पहले ही उनका तबादला हुआ था।
अमित कुमार के तबादले को लेकर भी जांच की जा सकती है। अमित कुमार को एनआईए ने मंगलवार की देर रात गिरफ्तार किया था। इसके बाद से उसकी तैनाती वाले स्थलों की भी जांच की जा सकती है। माना जा रहा है कि इससे कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं।
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सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में अमित कुमार करीब साढ़े तीन वर्ष तैनात रहे। बताया जा रहा है कि अमित का तबादला तकरीबन तीन माह पहले ही युमनानगर स्थित करेंसी चेस्ट में हुआ है। अब इसे संयोग माना जाए या कुछ और। अमित के तबादले के तीन माह बाद ही करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले का खुलासा हुआ।
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अमित के गिरफ्त में आने के बाद एनआईए जांच का दायरा और भी बढ़ा सकती है। ऐसे में आरोपी अमित की वर्तमान तैनाती वाले स्थल पर भी टीम जांच कर सकती है। इससे और भी राज खुल सकते हैं। करेंसी चेस्ट में जितनी बड़ी संख्या में जाली नोट मिले हैं।
उससे ऐसा प्रतीत होता है कि असली के बदले जाली नोट रखे जाने की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से चल रही थी। पकड़े गए जाली नोट 500 रुपये मूल्य के थे। ऐसे में आरोपियों ने 3.40 लाख से अधिक जाली नोटों को करेंसी चेस्ट में रखकर इस संगीन अपराध को अंजाम दिया। इतने नोट एक, दो महीने में नहीं रखे जा सकते हैं।