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अस्थायी दुकानों का विरोध, पुलिस से नोकझोंक
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अस्थायी दुकानों का विरोध, पुलिस से नोकझोंक
शाकंभरी। भूरादेव मंदिर के सामने अस्थायी दुकानें लगाने के विरोध में आए दुकानदारों और पुलिस के बीच खूब नोकझोंक हुई। दुकानदारों ने स्थायी दुकानों से प्रसाद का सामान हटाकर दुकानें बंद कर दीं। बाद में मेला कोतवाली इंचार्ज ने अस्थायी दुकानों को हटवाकर विवाद खत्म कराया।
शाकंभरी देवी मंदिर के मार्ग पर सबसे पहले बाबा भूरादेव मंदिर पड़ता है। वहां स्थायी दुकानें मंदिर प्रबंध समिति की तरफ से बनाई हुई हैं। उन दुकानों के सामने स्थानीय लोग नवरात्र के समय अस्थायी दुकानें लगा लेते हैं। इस बार भी अस्थायी दुकानें लगाई गई। स्थायी दुकानदारों का आरोप है कि अस्थायी दुकानें पुलिस की मिलीभगत से लगाई गई। उनका कहना था अभी दो दिन पूर्व मिर्जापुर थाने में अस्थायी दुकानों को हटवाने की मांग को लेकर भूरादेव मंदिर के प्रधान पुजारी रोशन जोशी द्वारा शिकायतपत्र भी दिया गया था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
सोमवार सुबह शाकंभरी चौकी इंचार्ज भूरादेव मंदिर पहुंचे और वीआईपी गेट के सामने दुकानों पर खड़े श्रद्धालुओं के वाहनों को हटवाने लगे। इस पर वहां दुकानदारों और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। दुकानदारों ने विरोध करते हुए अपनी दुकानों के सामने लगी दुकानें बंद कर दीं।
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हंगामे की सूचना पर मिर्जापुर थाने से एसएसआई सतीश यादव, मेला कोतवाली इंचार्ज हरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर सुशील सैनी मौके पर पहुंचे और अस्थायी दुकानों को हटवाया। इसके बाद ही दुकानदार शांत हुए और दुकानें खोलीं। मेला कोतवाली इंचार्ज हरेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत से अस्थायी दुकानें लगवाने का आरोप निराधार है।
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शाकंभरी। भूरादेव मंदिर के सामने अस्थायी दुकानें लगाने के विरोध में आए दुकानदारों और पुलिस के बीच खूब नोकझोंक हुई। दुकानदारों ने स्थायी दुकानों से प्रसाद का सामान हटाकर दुकानें बंद कर दीं। बाद में मेला कोतवाली इंचार्ज ने अस्थायी दुकानों को हटवाकर विवाद खत्म कराया।
शाकंभरी देवी मंदिर के मार्ग पर सबसे पहले बाबा भूरादेव मंदिर पड़ता है। वहां स्थायी दुकानें मंदिर प्रबंध समिति की तरफ से बनाई हुई हैं। उन दुकानों के सामने स्थानीय लोग नवरात्र के समय अस्थायी दुकानें लगा लेते हैं। इस बार भी अस्थायी दुकानें लगाई गई। स्थायी दुकानदारों का आरोप है कि अस्थायी दुकानें पुलिस की मिलीभगत से लगाई गई। उनका कहना था अभी दो दिन पूर्व मिर्जापुर थाने में अस्थायी दुकानों को हटवाने की मांग को लेकर भूरादेव मंदिर के प्रधान पुजारी रोशन जोशी द्वारा शिकायतपत्र भी दिया गया था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
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सोमवार सुबह शाकंभरी चौकी इंचार्ज भूरादेव मंदिर पहुंचे और वीआईपी गेट के सामने दुकानों पर खड़े श्रद्धालुओं के वाहनों को हटवाने लगे। इस पर वहां दुकानदारों और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। दुकानदारों ने विरोध करते हुए अपनी दुकानों के सामने लगी दुकानें बंद कर दीं।
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हंगामे की सूचना पर मिर्जापुर थाने से एसएसआई सतीश यादव, मेला कोतवाली इंचार्ज हरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर सुशील सैनी मौके पर पहुंचे और अस्थायी दुकानों को हटवाया। इसके बाद ही दुकानदार शांत हुए और दुकानें खोलीं। मेला कोतवाली इंचार्ज हरेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत से अस्थायी दुकानें लगवाने का आरोप निराधार है।