फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   System is bad: Only one doctor for unconsciousness in Saharanpur district hospital, how will operation be done for 24 hours

व्यवस्था बेहाल : सहारनपुर जिला अस्पताल में बेहोशी का मात्र एक ही डॉक्टर, कैसे 24 घंटे होंगे ऑपरेशन

Wed, 01 Dec 2021 10:38 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 01 Dec 2021 10:38 AM IST
सार

डॉ. नवदीप ने तीनों शिफ्ट में काम करने को अव्यवहारिक बताया है। उन्होंने अधिकारियों के सामने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल एक ही शिफ्ट में काम कर सकेंगे। 

विज्ञापन
System is bad: Only one doctor for unconsciousness in Saharanpur district hospital, how will operation be done for 24 hours
जिला महिला चिकित्सालय, सहारनपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहारनपुर शासन ने जिला महिला अस्पताल से बेहोशी के एक और डॉक्टर का स्थानांतरण कर दिया है, जिसके बाद अस्पताल में बेहोशी का मात्र एक डॉक्टर बचा है। ऐसे में 24 घंटे ऑपरेशन की सेवा गड़बड़ा गई है। सीएमएस की ओर से इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर बेहोशी का डॉक्टर भेजने की मांग की गई है।

विज्ञापन


जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए गर्भवतियों के ऑपरेशन की 24 घंटे की सुविधा रहती है। डॉक्टरों की ड्यूटी आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में लगाई जाती है। इस लिहाज से महिला अस्पताल में बेहोशी के कम से कम तीन डॉक्टर होने चाहिए। जिला महिला अस्पताल लंबे समय से मात्र दो डॉक्टरों से काम चला रहा था। चूंकि गर्भवतियों के सामने ऑपरेशन की स्थिति किसी भी समय बन सकती है।
विज्ञापन


ऐसे में दोनों डॉक्टरों में से कोई ना कोई मौजूद रहता था। मगर शासन ने अब एक और डॉक्टर का स्थानांतरण किया गया है। उन्हें बागपत भेजा गया है। उनके बाद अब डॉ. नवदीप गुप्ता एकलौते बेहोशी के डॉक्टर बचे हैं, जिन पर तीनों शिफ्ट में काम करने की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें : मेरठ:  स्क्रैप व्यापारी का घर में मिला शव, बदबू आने पर पड़ोसियों ने आगरा में परिजनों को दी सूचना 

डॉ. नवदीप ने तीनों शिफ्ट में काम करने को अव्यवहारिक बताया है। उन्होंने अधिकारियों के सामने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल एक ही शिफ्ट में काम कर सकेंगे। ऐसे में बाकी दो शिफ्ट में यदि किसी गर्भवती के ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है तो उनके सामने मुश्किल खड़ी होगी।

प्रतिदिन होते हैं 15 से 20 ऑपरेशन
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 गर्भवतियों के प्रसव ऑपरेशन के द्वारा किए जाते हैं। बीते माह जिला महिला अस्पताल ने 460 महिलाओं के ऑपरेशन कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। इनमें रात के भी 155 ऑपरेशन शामिल थे।

जिला महिला अस्पताल में बेहोशी का केवल एक डॉक्टर रह गया है, जिससे तीनों शिफ्ट में काम लिया जाना संभव नहीं है। ऐसे में हमारे और बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाली गरीब घरों की गर्भवतियों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। शासन को पत्र लिखकर बेहोशी के डॉक्टर की मांग की गई है। -डॉ. इंदिरा सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed